जयपुर | राजस्थान के कई हिस्सों में अचानक मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से प्रदेश के विभिन्न जिलों में बूंदाबांदी से लेकर तेज बारिश का दौर जारी है।
अचानक बदला मौसम का मिजाज
पाली जिले में अचानक मौसम ने करवट ली और बिजली चमकने के साथ झमाझम बारिश शुरू हो गई। झालावाड़ में भी तेज हवाओं के कारण जनजीवन प्रभावित हुआ और बिजली गुल होने से कई इलाकों में अंधेरा छा गया। मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ के चलते राज्य के कई जिलों में मेघगर्जन और ओलावृष्टि की प्रबल संभावना बनी हुई है। पूर्वी और पश्चिमी राजस्थान के करीब 20 से अधिक जिलों में अलर्ट जारी किया गया है।
इन संभागों में आंधी-बारिश का अनुमान
3 और 4 अप्रैल को जोधपुर, बीकानेर, अजमेर, जयपुर, भरतपुर और कोटा संभाग के इलाकों में तेज हवाओं के साथ बारिश हो सकती है। कुछ क्षेत्रों में ओलावृष्टि की भी आशंका जताई गई है, जिससे फसलों को नुकसान हो सकता है। प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने की हिदायत दी है। खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने और खुले में खड़े पेड़ों के नीचे शरण न लेने की सलाह दी गई है ताकि किसी भी तरह की अनहोनी से बचा जा सके।
येलो अलर्ट वाले प्रमुख जिले
मौसम विभाग केंद्र जयपुर ने जयपुर, अजमेर, अलवर, भरतपुर और धौलपुर जैसे जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा बूंदी, झालावाड़, नागौर, पाली और जोधपुर में भी आगामी घंटों में सतर्कता बरतने को कहा गया है। कोटा, बारां और झुंझुनू जिलों के बड़े हिस्सों में भी मौसम विभाग ने आंधी और बारिश की चेतावनी दी है। इन क्षेत्रों में हवा की गति 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा रहने की संभावना जताई गई है, जिससे जनजीवन प्रभावित हो सकता है।
किसानों के लिए महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश
कृषि विशेषज्ञों और मौसम विभाग ने किसानों को विशेष सावधानी बरतने को कहा है। पककर तैयार फसलों और कृषि मंडियों में रखे अनाज को सुरक्षित स्थानों पर ढककर रखने की सलाह दी गई है ताकि आर्थिक नुकसान न हो। खुले आसमान के नीचे रखे धान और गेहूं को भीगने से बचाने के लिए पुख्ता इंतजाम करने को कहा गया है। बेमौसम बारिश से कटी हुई फसलों के खराब होने का खतरा काफी बढ़ गया है, इसलिए किसानों को त्वरित भंडारण की सलाह दी गई है।
आगामी मौसम का पूर्वानुमान
मौसम विभाग के अनुसार, 7 और 8 अप्रैल को प्रदेश में एक और नया और मजबूत पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना है। इससे आने वाले दिनों में भी राजस्थान के कई हिस्सों में मौसम अनिश्चित बना रह सकता है। राहत की बात यह है कि अगले एक सप्ताह तक राज्य में हीटवेव (लू) चलने की कोई संभावना नहीं है। बारिश और ठंडी हवाओं के कारण अधिकतम तापमान में गिरावट दर्ज की गई है, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत मिली है।