राजस्थान

मौसम: राजस्थान में बदला मौसम का मिजाज, 9 जिलों में बारिश का अलर्ट

बलजीत सिंह शेखावत · 30 अप्रैल 2026, 01:37 दोपहर
राजस्थान में बारिश और ओलावृष्टि से तापमान गिरा, मौसम विभाग ने 9 जिलों के लिए अलर्ट जारी किया।

जयपुर | राजस्थान में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। पिछले 24 घंटों में प्रदेश के कई हिस्सों में मेघगर्जन के साथ हल्की बारिश और ओलावृष्टि दर्ज की गई है, जिससे तापमान गिरा है।

मौसम विभाग के ताजा आंकड़ों के अनुसार, कोटा में सर्वाधिक 20.6 मिलीमीटर बारिश हुई है। जयपुर मौसम केंद्र ने गुरुवार को भी प्रदेश के 9 जिलों में बारिश और आंधी का येलो अलर्ट जारी किया है।

कोटा और अन्य जिलों में बारिश का तांडव

मौसम विभाग ने बताया कि वर्तमान में राज्य के कुछ हिस्सों में ऊष्णरात्रि दर्ज की गई है। हालांकि, कई स्थानों पर मेघगर्जन और तेज झोंकेदार हवाओं के साथ हल्की बारिश और बूंदाबांदी ने राहत दी है।

पिछले 24 घंटों के दौरान कोटा जिला बारिश के मामले में सबसे आगे रहा। यहां हुई 20.6 मिमी बारिश ने स्थानीय स्तर पर जलभराव और मौसम में अचानक ठंडक पैदा कर दी है जिससे राहत मिली।

वर्तमान में अधिकांश क्षेत्रों में अधिकतम तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है। तापमान 40-42 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है, जो इस मौसम के औसत सामान्य तापमान के बिल्कुल करीब है।

तापमान के आंकड़ों को देखें तो फलोदी अभी भी सबसे गर्म स्थान बना हुआ है। यहां अधिकतम तापमान 44.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि कोटा में न्यूनतम तापमान 21.4 डिग्री दर्ज किया गया।

तापमान में गिरावट से मिली बड़ी राहत

बीते 24 घंटों में श्रीगंगानगर, सीकर और पिलानी समेत 10 से ज्यादा शहरों का पारा 40 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गया। इससे लोगों को भीषण लू और तपती धूप से काफी निजात मिली है।

मौसम के इस बदले मिजाज ने आम जनजीवन को प्रभावित किया है। सड़कों पर चलने वाले राहगीरों और दोपहिया वाहन चालकों के लिए यह ठंडी हवाएं किसी वरदान से कम साबित नहीं हो रही हैं।

राजस्थान में सक्रिय हुए दो विशेष मौसम पैटर्न

मौसम विभाग के अनुसार, राजस्थान में इस समय दो अलग-अलग मौसम पैटर्न एक साथ सक्रिय हैं। एक पैटर्न जहां गर्मी बढ़ा रहा है, वहीं दूसरा पैटर्न लगातार मौसम को अस्थिर बनाए हुए है।

इसी दूसरे पैटर्न के प्रभाव से बुधवार को बूंदी, अलवर, बालोतरा, हनुमानगढ़ और जयपुर के आसपास के क्षेत्रों में जबरदस्त अंधड़ आया। इसके बाद हुई बारिश ने उड़ती हुई धूल को पूरी तरह शांत कर दिया।

बूंदी, बालोतरा और अलवर जैसे जिलों में दोपहर के बाद ओलावृष्टि भी दर्ज की गई। बूंदी के तालेड़ा क्षेत्र, बरून्धन कस्बा और जरखोदा में तेज बारिश के साथ ओले गिरे, जिससे जमीन सफेद हो गई।

ओलावृष्टि के कारण फसलों को लेकर चिंता जरूर बढ़ी है, लेकिन आम जनता के लिए यह गर्मी से बचने का जरिया बना। ओलों की सफेद चादर को देखने के लिए लोग घरों से बाहर निकले।

जयपुर में पश्चिमी विक्षोभ का व्यापक प्रभाव

राजधानी जयपुर में आज सुबह मौसम काफी सुहावना रहा। सुबह से ही ठंडी हवाएं तेज गति से चल रही थीं और आसमान में हल्के बादलों का डेरा जमा हुआ था, जिससे धूप का असर कम रहा।

"पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से राजस्थान के उत्तरी और पूर्वी हिस्सों में आगामी तीन दिनों तक आंधी और बारिश की गतिविधियां जारी रहने की संभावना है।" - मौसम केंद्र जयपुर

जयपुर में आज सुबह 11 बजे तापमान 37 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। आज शहर का अधिकतम तापमान 39 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 24 डिग्री सेल्सियस रहने की प्रबल संभावना जताई गई है।

मौसम केंद्र के अनुसार, आगामी तीन दिनों तक पश्चिमी विक्षोभ का असर प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में दिखाई देगा। इस बदलाव की वजह से प्रदेश की जनता ने भीषण गर्मी के दौर में राहत की सांस ली है।

आगामी दिनों के लिए मौसम का पूर्वानुमान

मौसम विभाग ने किसानों और आम जनता को सतर्क रहने की सलाह दी है। आंधी के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने और पेड़ों के नीचे शरण न लेने की हिदायत भी जारी की गई है।

आने वाले समय में यदि यह विक्षोभ और सक्रिय होता है, तो तापमान में 2-3 डिग्री की और गिरावट आ सकती है। इससे जून की शुरुआत में भी मौसम सामान्य बना रहने की उम्मीद है।

कुल मिलाकर, राजस्थान में मानसून से पहले की यह गतिविधियां लोगों को गर्मी से बचा रही हैं। हालांकि, तेज हवाओं और ओलावृष्टि से सावधानी बरतना भी उतना ही आवश्यक है जितना कि इस सुहावने मौसम का आनंद लेना।

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