पुणे में राजस्थानियों का महाकुंभ, शिक्षा के लिए बड़ा संकल्प
पुणे | साक्षी स्तंभ सोशल वेलफेयर फाउंडेशन, कागमाला (जालौर) के तत्वावधान में पुणे में “राजस्थानी प्रवासी स्नेह मिलन” एवं “एक कदम शिक्षा के लिए” अभियान का भव्य आयोजन किया गया। इसका मुख्य उद्देश्य राजस्थान की शिक्षा व्यवस्था को सशक्त बनाना और प्रवासी राजस्थानियों को अपनी मातृभूमि से जोड़ना था।
मुख्य अतिथि और विशिष्ट अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति
कार्यक्रम में राजस्थान सरकार के शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
विशिष्ट अतिथियों में डॉ. रश्मि शर्मा (आईएएस), डॉ. मनीषा अरोड़ा (आईएएस), डॉ. अशोक कुमार मीणा (आरएएस), और जय नारायण मीणा (आरएएस) सहित कई वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी शामिल हुए।
राजस्थानी परंपरा से भव्य स्वागत
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन और माँ सरस्वती की वंदना के साथ हुआ।
सभी अतिथियों का राजस्थानी परंपरा के अनुसार साफा, श्रीफल एवं स्मृति-चिन्ह भेंट कर भव्य स्वागत किया गया।
युवा भामाशाह जितेंद्र प्रजापत, तेजस प्रजापत, फाउंडेशन के अध्यक्ष नेपाल सिंह देवल, सचिव जोगेश परमार और चुनाराम राणा ने सभी का आत्मीय स्वागत किया।
शिक्षा मंत्री मदन दिलावर का प्रेरक उद्बोधन
अपने संबोधन में शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने कहा कि राजस्थान के सरकारी विद्यालयों को उत्कृष्ट बनाने में प्रवासी राजस्थानियों और भामाशाहों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।
उन्होंने साक्षी स्तंभ सोशल वेलफेयर फाउंडेशन के कार्यों की सराहना करते हुए समाज से शिक्षा के लिए आगे आने का आह्वान किया।
मातृभक्ति की मिसाल: 5 करोड़ का स्कूल भवन
कार्यक्रम के दौरान “श्रीमती ज्योति देवी केसाजी प्रजापत राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय, कागमाला (जालौर)” के निर्माण की प्रेरणादायी यात्रा भी साझा की गई।
जितेंद्र प्रजापत ने उसी विद्यालय के विकास का संकल्प लिया, जहाँ से उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा प्राप्त की थी।
उन्होंने अपनी माता श्रीमती ज्योति देवी केसाजी प्रजापत के सम्मान में लगभग 5 करोड़ की लागत से एक अत्याधुनिक और भव्य विद्यालय भवन का निर्माण कार्य शुरू करवाया है।
वक्ताओं ने इसे मातृभक्ति, शिक्षा के प्रति समर्पण और समाज सेवा का अनुपम उदाहरण बताया।
प्रेरणास्रोत और समन्वय की भूमिका
इस ऐतिहासिक विद्यालय निर्माण कार्य की प्रेरणा और समन्वय में दीपसिंह देवल (खंड साक्षरता समन्वयक, रानीवाड़ा) की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
विद्यालय के प्रधानाचार्य नारायण जीनगर और पूरे विद्यालय परिवार द्वारा भी निर्माण कार्य को समय पर पूरा कराने के लिए सराहनीय प्रयास किए जा रहे हैं, जिसके लिए शिक्षा मंत्री ने उन्हें सम्मानित किया।
शिक्षा के लिए ऐतिहासिक संकल्प और घोषणाएँ
कार्यक्रम में उपस्थित सभी भामाशाहों और प्रवासी राजस्थानियों ने राजस्थान में शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने का सामूहिक संकल्प लिया।
फाउंडेशन ने ली 5 स्कूलों की जिम्मेदारी
इस अवसर पर साक्षी स्तंभ सोशल वेलफेयर फाउंडेशन की ओर से एक महत्वपूर्ण घोषणा की गई।
फाउंडेशन ने सिरोही एवं जालौर जिले के पाँच राजकीय विद्यालयों के मरम्मत एवं आधारभूत विकास कार्यों की संपूर्ण जिम्मेदारी लेने का ऐलान किया।
भामाशाह दिनेश प्रजापत की अनूठी पहल
इसी दौरान, भामाशाह दिनेश प्रजापत ने अपने पैतृक गांव के राजकीय विद्यालय में आवश्यक मरम्मत और विकास कार्य अपने निजी सहयोग से करवाने की घोषणा की।
उनके इस प्रेरणादायी निर्णय पर मंत्री मदन दिलावर और डॉ. रश्मि शर्मा ने उन्हें मंच पर सम्मानित किया।
भामाशाहों का सम्मान
कार्यक्रम में शिक्षा, समाज सेवा और जनहित के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले अनेक भामाशाहों एवं समाजसेवियों को सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में इनकी रही प्रमुख उपस्थिति
इस आयोजन में मगराज राठी, ओमसिंह भाटी, उगमसिंह उदावत, वोराराम सीरवी, सुरेश धर्मावत, रमेश सीरवी, एडवोकेट राजेश राजपुरोहित, और ओमप्रकाश दहिया सहित बड़ी संख्या में प्रवासी राजस्थानी, समाजसेवी, उद्योगपति और शिक्षाविद् उपस्थित रहे।
आभार ज्ञापन और समापन
कार्यक्रम के अंत में फाउंडेशन के अध्यक्ष नेपाल सिंह देवल, उपाध्यक्ष जितेंद्र प्रजापत और सचिव एडवोकेट जोगेश प्रजापत धवली ने सभी का आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम का समापन “एक कदम शिक्षा के लिए” के सामूहिक संकल्प के साथ हुआ, जिसमें सभी ने अपने-अपने गांवों के सरकारी विद्यालयों के विकास में सहयोग देने का प्रण लिया।
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