चूरू | राजस्थान की राजनीति में इन दिनों बयानों के तीखे बाण चल रहे हैं। भाजपा के दिग्गज नेता और पूर्व मंत्री राजेंद्र राठौड़ ने शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी के विरोध प्रदर्शन के तरीके पर कड़ा प्रहार किया है। इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर एक नई सियासी जंग छिड़ गई है।
पश्चिमी राजस्थान और शेखावाटी की राजनीति के दो सबसे चर्चित चेहरे अब आमने-सामने आ गए हैं। चूरू जिले के दौरे पर आए राजेंद्र राठौड़ ने मीडिया से बात करते हुए भाटी के आंदोलन करने के तौर-तरीकों पर सीधे सवाल उठाए।
राठौड़ का यह बयान इंटरनेट पर आते ही आग की तरह फैल गया है। इसने प्रदेश की सुलग रही सियासी चिंगारी को एक बार फिर भड़का दिया है। राजपूत समाज के इन दो बड़े नेताओं के बीच तकरार अब चर्चा का विषय है।
संसदीय लोकतंत्र और मर्यादा का सवाल
चूरू में स्थानीय मीडियाकर्मियों ने जब रविंद्र सिंह भाटी के हालिया विवादित प्रदर्शन को लेकर सवाल पूछा, तो राजेंद्र राठौड़ ने बेहद गंभीर लहजे में अपनी बात रखी। उन्होंने भाटी के व्यवहार को लोकतंत्र के मानदंडों के विपरीत बताया।
राजेंद्र राठौड़ ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि हमें अपनी मांगों के लिए निश्चित तौर पर संघर्ष करना चाहिए। लेकिन हमें ऐसा आचरण या उदाहरण नहीं प्रस्तुत करना चाहिए कि अन्य लोग गलत रास्ते पर चलें।
राठौड़ ने भाटी के प्रदर्शन पर कड़ा एतराज जताते हुए इसे संसदीय परंपराओं के खिलाफ माना। उन्होंने कहा कि राजनीति में शुचिता और मर्यादा का पालन करना हर जनप्रतिनिधि की जिम्मेदारी होती है।
"पेट्रोल छिड़ककर एक नौटंकी करना इस संसदीय लोकतंत्र में ठीक नहीं है। हमें मांगों के लिए संघर्ष करना चाहिए, पर ऐसा आचरण उचित नहीं है।"
भाटी समर्थकों का सोशल मीडिया पर पलटवार
राजेंद्र राठौड़ का यह 'नौटंकी' वाला बयान जैसे ही न्यूज चैनलों पर फ्लैश हुआ, वैसे ही रविंद्र सिंह भाटी के समर्थकों का गुस्सा फूट पड़ा। राठौड़ के खिलाफ कमेंट्स और पोस्ट्स की बाढ़ आ गई है।
भाटी समर्थकों ने राजेंद्र राठौड़ के बयान को जनता की आवाज को दबाने वाला प्रयास बताया। कई यूजर्स ने राठौड़ के पुराने आंदोलनों के वीडियो शेयर कर उनसे ही तीखे सवाल पूछना शुरू कर दिया है।
सोशल मीडिया पर समर्थकों का कहना है कि जब प्रशासन जनता की नहीं सुनता, तब उग्र होना पड़ता है। उन्होंने राठौड़ को याद दिलाया कि जनता की जायज मांगों के लिए संघर्ष करना कोई नौटंकी नहीं है।
क्या है पेट्रोल छिड़कने वाला पूरा मामला?
दरअसल, एक स्थानीय मुद्दे और प्रशासनिक तानाशाही के खिलाफ रविंद्र सिंह भाटी के नेतृत्व में बड़ा प्रदर्शन आयोजित किया गया था। इस दौरान अचानक हड़कंप मच गया जब भाटी ने पेट्रोल की बोतल अपने ऊपर छिड़क ली थी।
विधायक ने आत्मदाह की कोशिश कर प्रशासन को चेतावनी दी थी। इसी घटनाक्रम को आधार बनाकर अब भाजपा नेता ने इसे पब्लिसिटी स्टंट का नाम दिया है। भाटी की टीम इन आरोपों को पूरी तरह खारिज कर रही है।
फिलहाल रविंद्र सिंह भाटी की तरफ से इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भाटी सही समय आने पर राठौड़ के इस तंज का करारा जवाब दे सकते हैं।
राजस्थान की राजनीति में यह खींचतान आने वाले दिनों में और बढ़ सकती है। दोनों ही नेताओं का अपना बड़ा जनाधार है, ऐसे में यह विवाद किस दिशा में जाएगा, यह देखना दिलचस्प होगा।
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