राजस्थान

पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि: राजेश पायलट की 26वीं पुण्यतिथि, सचिन पायलट देंगे श्रद्धांजलि

बलजीत सिंह शेखावत · 11 जून 2026, 10:30 दोपहर
पूर्व केंद्रीय मंत्री राजेश पायलट की 26वीं पुण्यतिथि पर दौसा में श्रद्धांजलि सभा, सचिन पायलट होंगे शामिल।

दौसा | पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस के दिग्गज नेता राजेश पायलट की 26वीं पुण्यतिथि गुरुवार को दौसा में श्रद्धापूर्वक मनाई जाएगी। इस अवसर पर जिरोता स्थित उनके स्मारक पर एक भव्य श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया है, जिसमें उनके पुत्र सचिन पायलट सहित प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर के कई कांग्रेस नेता शामिल होंगे।

श्रद्धांजलि सभा और तैयारियां

पुण्यतिथि कार्यक्रम को लेकर स्मारक स्थल पर सभी तैयारियां अंतिम चरण में हैं। विधायक दीनदयाल बैरवा ने बताया कि कार्यक्रम की शुरुआत भंडाना स्थित राजेश पायलट स्मृति स्थल पर उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित करने के साथ होगी।

इसके बाद दौसा के जिरोता स्थित मुख्य स्मारक पर श्रद्धांजलि सभा आयोजित की जाएगी। इस सभा में सर्वधर्म प्रार्थना का आयोजन होगा और दिवंगत नेता की याद में दो मिनट का मौन रखा जाएगा।

गर्मी को देखते हुए श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशाल पांडाल लगाया गया है। पांडाल में जगह-जगह कूलर, पंखे, पेयजल और शीतल पेय की व्यवस्था की गई है।

इसके अतिरिक्त, बांदीकुई नगर एवं ब्लॉक कांग्रेस कमेटी द्वारा भी 11 जून को सुबह साढ़े 8 बजे राजेश पायलट भवन में उनकी पुण्यतिथि को 'प्रेरणा दिवस' के रूप में मनाया जाएगा।

राजेश्वर प्रसाद से राजेश पायलट तक

राजेश पायलट का जन्म 10 फरवरी, 1945 को उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्ध नगर के वेदपुरा गांव में हुआ था। उनका असली नाम राजेश्वर प्रसाद बिधुड़ी था।

उन्होंने मेरठ विश्वविद्यालय से अपनी शिक्षा पूरी की और 29 अक्टूबर, 1966 को भारतीय वायुसेना में एक पायलट अधिकारी के रूप में शामिल हुए।

वर्ष 1979 में, जब वे जैसलमेर में स्क्वाड्रन लीडर के पद पर तैनात थे, तब उन्होंने अपने मित्र और भारत के पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के कहने पर वायुसेना से इस्तीफा दे दिया और राजनीति में कदम रखा।

एक दिलचस्प किस्सा उनके नाम बदलने से जुड़ा है। जब वे 1979-80 में भरतपुर से कांग्रेस के उम्मीदवार के तौर पर नामांकन भरने गए, तो स्थानीय कार्यकर्ताओं ने उन्हें 'राजेश पायलट' नाम अपनाने का सुझाव दिया, जो उनकी पहचान बन गया।

एक प्रभावशाली राजनीतिक करियर

राजेश पायलट ने 7वीं लोकसभा में भरतपुर से चुनाव जीतकर अपने राजनीतिक करियर की शानदार शुरुआत की। इसके बाद उन्होंने राजस्थान के दौसा को अपनी कर्मभूमि बनाया।

वे दौसा लोकसभा क्षेत्र से 1984 से लगातार पांच बार सांसद चुने गए। उन्हें किसानों, मजदूरों और आमजन के एक प्रबल समर्थक के रूप में जाना जाता था।

अपने लंबे राजनीतिक जीवन में उन्होंने कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया। वे 1985-1989 के बीच भूतल परिवहन मंत्री, 1991-1993 में दूरसंचार मंत्री, 1993-1995 में आंतरिक सुरक्षा मंत्री और 1995-1996 में केंद्रीय पर्यावरण मंत्री रहे।

राजेश पायलट की 11 जून 2000 को 55 साल की उम्र में जयपुर के पास भंडाना गांव में हुई एक कार दुर्घटना में दुखद मृत्यु हो गई। उनकी मृत्यु ने भारतीय राजनीति में एक शून्य छोड़ दिया, लेकिन उनकी विरासत आज भी उनके बेटे सचिन पायलट और उनके समर्थकों के माध्यम से जीवित है।

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