बीकानेर | बीकानेर के ऐतिहासिक लालगढ़ पैलेस के भव्य दरबार हॉल में राजपूताना बिजनेस नेटवर्क के तीन दिवसीय ग्रैंड कॉन्क्लेव का शानदार शुभारंभ हुआ। इस भव्य कार्यक्रम में देशभर से सैकड़ों प्रबुद्ध लोग शामिल हुए हैं।
इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य राजपूताना की ऐतिहासिक वीरता और संस्कृति को आधुनिक व्यवसाय तथा आर्थिक स्वावलंबन के साथ जोड़ना है। इससे समाज को एक नई दिशा मिलेगी।
ऐतिहासिक लालगढ़ पैलेस में भव्य आयोजन
अखंड राजपूताना सर्व सेवा संघ के बैनर तले आयोजित इस तीन दिवसीय कार्यक्रम में देशभर से 500 से अधिक उत्साही प्रतिभागी भाग ले रहे हैं। यह आयोजन समाज के विकास में मील का पत्थर साबित होगा।
इस तीन दिवसीय महाकुंभ में व्यवसाय, शिक्षा, रोजगार, उद्यमिता, निवेश और सामाजिक विकास से जुड़े विभिन्न ज्वलंत विषयों पर गहन मंथन किया जा रहा है। सभी सत्र बेहद ज्ञानवर्धक होने वाले हैं।
उद्यमिता और सेवा का अनूठा संगम
कार्यक्रम का औपचारिक उद्घाटन पूर्व मंत्री राजेंद्र राठौड़ और अन्य गणमान्य अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर उपस्थित जनसमूह में भारी उत्साह देखने को मिला।
उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए पूर्व मंत्री राजेंद्र राठौड़ ने कहा कि राजपूत समाज ने सदियों से देश और समाज की निस्वार्थ सेवा की है। यह परंपरा आज भी पूरी निष्ठा से जारी है।
"बदलते आर्थिक परिवेश में हमारे समाज को व्यवसाय और उद्यमिता के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ना होगा। सेवा भावना के साथ आर्थिक आत्मनिर्भरता बेहद जरूरी है।" - राजेंद्र राठौड़
राजेंद्र राठौड़ ने युवाओं को दिया नया मंत्र
राजेंद्र राठौड़ ने अपने संबोधन में आधुनिक व्यापारिक प्रवृत्तियों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि आज के दौर में व्यापार की सीमाएं पूरी तरह से समाप्त हो चुकी हैं।
उन्होंने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि ऑनलाइन और डिजिटल कारोबार ने पारंपरिक व्यापार के तौर-तरीकों को पूरी तरह से बदल दिया है। हमें इस बदलाव को स्वीकार करना होगा।
डिजिटल व्यापार और आधुनिक तकनीक पर जोर
राठौड़ ने जोर देकर कहा कि युवाओं को नई तकनीक, डिजिटल व्यापार और आधुनिक व्यावसायिक अवसरों के साथ कदमताल करनी होगी। तभी हम वैश्विक बाजार में अपनी पहचान बना पाएंगे।
उन्होंने राजस्थान की अनुकूल नीतियों का जिक्र करते हुए कहा कि राज्य निवेश की दृष्टि से देश में अग्रणी है। युवाओं को एमएसएमई नीतियों का पूरा लाभ उठाना चाहिए।
उन्होंने समाज से अपनी समृद्ध संस्कृति और गौरवशाली इतिहास को सहेजने का भी पुरजोर आह्वान किया। उन्होंने कहा कि जड़ों से कटकर कोई भी समाज प्रगति नहीं कर सकता।
शिक्षा और जरूरतमंदों की मदद पर विशेष ध्यान
कार्यक्रम में बीकानेर पूर्व की लोकप्रिय विधायक सिद्धि कुमारी ने भी अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि मेहनत, निष्ठा और नारी शक्ति हमेशा से समाज की रीढ़ रही हैं।
विधायक सिद्धि कुमारी ने क्षत्रिय समाज द्वारा आयोजित इस तरह के प्रगतिशील आयोजनों की सराहना की। उन्होंने इसे युवाओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए अत्यंत प्रेरणादायक बताया।
मेघराज सिंह शेखावत की अनूठी हॉस्टल पहल
एमआरएस ग्रुप के चेयरमैन मेघराज सिंह शेखावत ने शिक्षा और स्वावलंबन को प्रगति का मुख्य आधार बताया। उन्होंने कहा कि दक्षता के साथ-साथ कार्य की गुणवत्ता भी बेहद आवश्यक है।
शेखावत ने 'एक रुपया रोजाना' की अनूठी थीम को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि यदि समाज का हर व्यक्ति छोटा योगदान दे, तो बहुत बड़ा सामाजिक परिवर्तन लाया जा सकता है।
उन्होंने अपनी महत्वाकांक्षी हॉस्टल परियोजना के बारे में बताया कि इस पर अब तक लगभग 35 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं। इससे 1200 से अधिक जरूरतमंद छात्र लाभान्वित हो रहे हैं।
उन्होंने समाज के सक्षम लोगों से अपील की कि वे इस पुनीत कार्य में सहयोग करें। मामूली दैनिक योगदान से भविष्य में ऐसी कई और कल्याणकारी योजनाएं शुरू की जा सकती हैं।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और रोजगार की चुनौतियां
कार्यक्रम के दौरान तकनीक के प्रभाव पर भी गंभीर चर्चा हुई। मेघराज सिंह रॉयल ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते प्रभाव को युवाओं के लिए एक बड़ी चुनौती बताया।
उन्होंने कहा कि सरकारी और निजी क्षेत्रों में पारंपरिक नौकरियां लगातार सीमित हो रही हैं। आने वाले समय में एआई तकनीक के कारण रोजगार के तौर-तरीके पूरी तरह बदल जाएंगे।
युवाओं को नौकरी ढूंढने के बजाय उद्यमी बनना होगा
मेघराज सिंह रॉयल ने युवाओं को सलाह दी कि वे केवल नौकरी पाने की मानसिकता से बाहर निकलें। उन्हें उद्यमिता, स्वरोजगार और स्वतंत्र व्यवसाय की दिशा में कदम बढ़ाना चाहिए।
उन्होंने बदलते समय के अनुरूप नए कौशल सीखने और बाजार की मांग को समझने पर जोर दिया। युवाओं को नौकरी मांगने वाले के बजाय नौकरी देने वाला बनना होगा।
व्यापार में विनम्रता और व्यावसायिक दक्षता का महत्व
पूर्व न्यायाधीश करणी सिंह राठौड़ ने व्यावसायिक सफलता के मूल मंत्र साझा किए। उन्होंने कहा कि एक सफल व्यवसायी बनने के लिए विनम्रता और व्यावसायिक दक्षता दोनों का होना अनिवार्य है।
उन्होंने राजस्थान में राजपूताना बिजनेस नेटवर्क की इस अनूठी शुरुआत की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह नेटवर्क समाज को नए आर्थिक अवसरों से जोड़ने का काम करेगा।
आरबीएन का राष्ट्रव्यापी नेटवर्क और भविष्य की योजनाएं
आरबीएन के राष्ट्रीय अध्यक्ष आरपी सिंह ने कहा कि अखंड राजपूताना सेवा संघ देश के क्षत्रिय समाज को एक मजबूत और गतिशील मंच प्रदान करने के लिए निरंतर प्रयासरत है।
उन्होंने बताया कि देश में आरबीएन का यह पांचवां बड़ा आयोजन है। इसका मुख्य उद्देश्य आम क्षत्रिय को उसकी वास्तविक क्षमता, सामर्थ्य और व्यापारिक शक्ति का अहसास कराना है।
आरपी सिंह ने विश्वास व्यक्त किया कि राजस्थान के युवाओं में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। आवश्यकता केवल उन्हें एक सही मंच और मजबूत व्यावसायिक नेटवर्क उपलब्ध कराने की है।
इतिहास, संस्कृति और सामाजिक जिम्मेदारियों का निर्वहन
नेपाल के मधेश प्रोविन्स के पूर्व प्रधानमंत्री सतीश कुमार सिंह ने भी इस भव्य आयोजन में भाग लिया। उन्होंने देशभर में सक्रिय क्षत्रिय समाज के उद्यमियों का उत्साहवर्धन किया।
आरबीएन राजस्थान के प्रभारी जितेंद्र सिंह शेखावत पचार ने कहा कि वर्तमान समय बदलाव का है। ऐसे में व्यवसाय में ईमानदारी, पारदर्शिता और अटूट निष्ठा बनाए रखना बेहद जरूरी है।
नाचना के पूर्व महाराज विक्रम सिंह नाचना ने राजतंत्र काल के इतिहास और क्षेत्रीय सुरक्षा के प्रसंगों का उल्लेख किया। उन्होंने समाज की पारंपरिक जिम्मेदारियों पर प्रकाश डाला।
निष्कर्ष: आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ते कदम
इस तीन दिवसीय ऐतिहासिक कॉन्क्लेव के माध्यम से समाज के युवाओं को नए व्यावसायिक अवसर मिलेंगे। यह आयोजन समाज में आर्थिक आत्मनिर्भरता और एकता को और मजबूत करेगा।
नेटवर्किंग और वैश्विक व्यापार के नए आयाम
इस कॉन्क्लेव में शामिल होने आए विशेषज्ञों ने आधुनिक वैश्विक व्यापार के बारे में भी महत्वपूर्ण टिप्स साझा किए। उन्होंने बताया कि कैसे स्थानीय उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाया जा सकता है।
विशेषज्ञों ने युवाओं को निर्यात और आयात के क्षेत्र में मौजूद असीम संभावनाओं के बारे में भी जागरूक किया। उन्होंने कहा कि सही मार्गदर्शन से युवा वैश्विक स्तर पर चमक सकते हैं।
महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने का संकल्प
कॉन्क्लेव में महिला उद्यमिता पर भी विशेष सत्र आयोजित किया गया। वक्ताओं ने कहा कि समाज की प्रगति तब तक अधूरी है जब तक महिलाएं व्यावसायिक रूप से आत्मनिर्भर नहीं हो जातीं।
महिला उद्यमियों को वित्तीय सहायता और सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने के तरीकों के बारे में विस्तार से बताया गया। इससे समाज की महिलाओं में एक नया आत्मविश्वास जगा है।
युवाओं के लिए मेंटरशिप प्रोग्राम की शुरुआत
आरबीएन के पदाधिकारियों ने घोषणा की कि वे जल्द ही युवाओं के लिए एक विशेष मेंटरशिप प्रोग्राम शुरू करेंगे। इसके तहत स्थापित उद्यमी नए स्टार्टअप्स का मार्गदर्शन करेंगे।
इस मेंटरशिप प्रोग्राम के जरिए युवाओं को फंडिंग, मार्केटिंग और बिजनेस प्लानिंग की बारीकियां सिखाई जाएंगी। यह पहल नए उद्यमियों के लिए संजीवनी साबित होगी।
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