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जल संरक्षण का शंखनाद: राजसमंद में जल संरक्षण की अलख, शाही परिवार ने लिया संकल्प

Pradeep Beedawat · 02 जून 2026, 08:38 सुबह
रणबांका ट्रस्ट के 'वंदे गंगा' अभियान के तहत श्रमदान, वृक्षारोपण और जल संरक्षण की शपथ ली गई। जोधपुर के राजकुमार कार्तिकेय सिंह राठौड़ ने नेतृत्व किया।

राजसमंद | रणबांका ट्रस्ट के तत्वावधान में 'वंदे गंगा जल संरक्षण-जन अभियान' के तहत ग्राम पंचायत सेवंत्री में एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस पहल का उद्देश्य जल संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना और सामुदायिक भागीदारी को प्रोत्साहित करना है।

यह कार्यक्रम जोधपुर के पूर्व राजपरिवार के सदस्य राजकुमार कार्तिकेय सिंह राठौड़ के सान्निध्य में संपन्न हुआ, जो रणबांका ट्रस्ट के निदेशक भी हैं। उन्होंने इस अभियान को जन-आंदोलन बनाने पर जोर दिया।

सामूहिक प्रयास से जल संरक्षण

कार्यक्रम के दौरान, प्रतिभागियों ने कबीर बावड़ी एनीकट की साफ-सफाई में सक्रिय रूप से भाग लिया और श्रमदान किया। यह जल स्रोत के पुनरुद्धार की दिशा में एक बड़ा कदम है। इसके अलावा, पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए वृक्षारोपण किया गया। गर्मी में पक्षियों को पानी उपलब्ध कराने के लिए पेड़ों पर परिंडे भी बांधे गए, जो प्रकृति के प्रति गहरी संवेदना को दर्शाता है।

समुदाय का सम्मान और शपथ

इस अवसर पर, अपने-अपने क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं को प्रमाण-पत्र और पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। यह महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक सराहनीय कदम था। राजकुमार कार्तिकेय सिंह राठौड़ ने अपने संबोधन में जल के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा,

"मेह रो रुतु आवे एक बार, पाणी राखो संभाल।" यह एक सरल किंतु प्रभावशाली संदेश है कि वर्षा भले ही कुछ समय के लिए आए, लेकिन जल संरक्षण की जिम्मेदारी पूरे वर्ष बनी रहती है।

उन्होंने आगे कहा कि जल संरक्षण केवल एक आवश्यकता नहीं, बल्कि हमारी आने वाली पीढ़ियों के प्रति हमारी जिम्मेदारी है। कार्यक्रम का समापन 'वंदे गंगा जल संरक्षण शपथ' के साथ हुआ, जिसमें सभी उपस्थित लोगों ने जल बचाने और प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा करने का संकल्प लिया। यह अभियान इस बात का प्रमाण है कि सामूहिक प्रयासों से हम एक सुरक्षित और समृद्ध भविष्य का निर्माण कर सकते हैं।

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