राजनीति

राखी राठौड़ का अलका लांबा पर पलटवार: "अलका लांबा को जानकारी का अभाव, थोड़ा पढ़ कर आतीं तो अच्छा होता": राखी राठौड़ का कांग्रेस पर तीखा हमला

thinQ360 · 21 अप्रैल 2026, 07:59 शाम
भाजपा महिला मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष राखी राठौड़ ने कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष अलका लांबा के बयानों को निराधार बताया है। उन्होंने नारी शक्ति वंदन अधिनियम और महिलाओं की सुरक्षा के मुद्दों पर कांग्रेस की पिछली विफलताओं को उजागर करते हुए कड़ा प्रहार किया।

जयपुर | भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष राखी राठौड़ ने महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष अलका लांबा पर कड़ा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि अलका लांबा को तथ्यों की जानकारी का अभाव है और उन्हें बोलने से पहले थोड़ा अध्ययन कर लेना चाहिए। राठौड़ ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम संशोधन बिल पर अलका लांबा के बयानों को पूरी तरह से निराधार और हताशा से भरा बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस केवल महिलाओं को वोटबैंक समझती है, जबकि भाजपा उन्हें सशक्त बनाने की दिशा में काम कर रही है।

कांग्रेस की नीयत और 2010 का बिल

राखी राठौड़ ने कांग्रेस की नीयत पर सवाल उठाते हुए कहा कि 2010 में राज्यसभा में बिल पास होने के बाद भी इसे लोकसभा में पेश नहीं किया गया। उस समय भाजपा समर्थन देने के लिए तैयार थी, लेकिन कांग्रेस ने राजनीतिक इच्छाशक्ति की कमी के कारण इस ऐतिहासिक अवसर को गंवा दिया। अब वही कांग्रेस केवल राजनीतिक लाभ के लिए भ्रम फैलाने का काम कर रही है, जिसे जनता भली-भांति समझ चुकी है। राठौड़ ने कहा कि 2023 में पारित बिल में प्रक्रिया पहले से ही स्पष्ट रूप से तय की गई है और इसमें किसी प्रकार का कोई संशय नहीं है।

परिसीमन और जनगणना की अनिवार्यता

डीलिमिटेशन (परिसीमन) के मुद्दे पर राठौड़ ने कहा कि बिल के अनुसार, पहले देश में जनगणना होगी, उसके बाद परिसीमन की प्रक्रिया पूरी की जाएगी और फिर आरक्षण लागू होगा। उन्होंने पूछा कि जब यह बिल पारित हो रहा था, तब कांग्रेस ने इस प्रक्रिया का विरोध क्यों नहीं किया? केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने संसद में स्पष्ट किया है कि 2026 के बाद जनगणना और परिसीमन की प्रक्रिया पूरी होने पर ही आरक्षण से जुड़ा नोटिफिकेशन जारी होगा। राठौड़ ने भरोसा जताया कि प्रधानमंत्री मोदी द्वारा किया गया वादा जरूर पूरा होगा और महिलाओं को अधिकार मिलेगा।

कांग्रेस के जनाधार में भारी गिरावट

राठौड़ ने दावा किया कि भाजपा की 'जन आक्रोश महिला पदयात्रा' को मिले व्यापक जनसमर्थन से कांग्रेस पूरी तरह बौखला गई है। उन्होंने आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि कांग्रेस के हालिया प्रदर्शनों में महिलाओं की संख्या नगण्य रही है। गैस सिलेंडर की कीमतों के विरोध में केवल 20-30 महिलाएं शामिल थीं, जबकि आरक्षण बिल पर हुए प्रदर्शन में भी 70 से अधिक महिलाएं नहीं जुटीं। यह इस बात का संकेत है कि महिलाओं का समर्थन अब कांग्रेस के साथ नहीं रहा।

राजस्थान में महिला सुरक्षा की स्थिति

महिला सुरक्षा के मुद्दे पर राठौड़ ने कहा कि कांग्रेस के नेताओं को इस विषय पर बात करने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। पिछली कांग्रेस सरकार के दौरान राजस्थान महिला अपराध और दुष्कर्म के मामलों में देश में पहले पायदान पर पहुंच गया था। विधानसभा में कांग्रेस के मंत्रियों ने राजस्थान को 'मर्दों का प्रदेश' बताकर महिलाओं की गरिमा का अपमान किया था। आज भजनलाल सरकार के नेतृत्व में प्रदेश की महिलाएं सुरक्षित महसूस कर रही हैं और अपराधों में लगातार गिरावट आ रही है। भाजपा सरकार किसी भी अपराधी को संरक्षण नहीं देती है और कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है। प्रदेश की बेटियां अब सुरक्षित रूप से घर से बाहर निकल रही हैं, जो कि वर्तमान सरकार की प्राथमिकता है।

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