भूमिहीन परिवारों को मिले 5 एकड़ जमीन
केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री रामदास आठवले ने राजस्थान सरकार के लिए एक महत्वपूर्ण सुझाव दिया है। उन्होंने कहा है कि सरकार को गांवों में रहने वाले गरीब और भूमिहीन परिवारों को पांच एकड़ जमीन देने का प्रावधान लाना चाहिए।
सोमवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बोलते हुए, आठवले ने इस बात पर जोर दिया कि यह कदम ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर पैदा करने के लिए महत्वपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि गांव के लोगों को रोजगार के लिए शहर की ओर पलायन न करना पड़े, इसके लिए राज्य सरकार को सभी वर्गों के भूमिहीन परिवारों को रोजगार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से यह कार्यक्रम शुरू करना चाहिए।
विशेषज्ञ समिति के गठन का सुझाव
मंत्री आठवले ने बताया कि गांवों में रोजगार की कमी के कारण ज्यादातर दलित और आदिवासी समुदाय के लोग काम की तलाश में शहरों की ओर रुख करते हैं।
उन्होंने सुझाव दिया कि राजस्थान सरकार को एक विशेषज्ञ समिति का गठन करना चाहिए। यह समिति हर गांव में जाकर भूमिहीन परिवारों का सर्वेक्षण करेगी।
सर्वेक्षण के बाद, इन भूमिहीन परिवारों को पांच एकड़ जमीन दी जानी चाहिए, ताकि वे गांव में ही अपना रोजगार शुरू कर सकें। उन्होंने डेयरी, मुर्गी पालन, और मछली पालन जैसे व्यवसायों के विकल्प भी सुझाए।
सीएम भजनलाल को लिखेंगे पत्र
रामदास आठवले ने कहा कि वह इस मामले को लेकर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को एक पत्र लिखेंगे।
इसके अलावा, उनका एक प्रतिनिधिमंडल भी इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री से मुलाकात करेगा। उन्होंने जमीन उपलब्ध कराने के तरीकों पर भी बात की।
उन्होंने कहा कि सरकार या तो जमीन खरीद कर दे सकती है या भूमिदान के माध्यम से भी इन परिवारों को जमीन आवंटित की जा सकती है।
RPI लड़ेगी पंचायत-निकाय चुनाव
राजनीतिक मोर्चे पर, मंत्री रामदास आठवले की पार्टी, रिपब्लिक पार्टी ऑफ इंडिया (RPI), ने राजस्थान में अपनी उपस्थिति दर्ज कराने की योजना बनाई है।
उन्होंने घोषणा की कि RPI राजस्थान में आगामी पंचायत और निकाय चुनावों में अपने उम्मीदवार उतारेगी।
आठवले ने कहा, "हम भाजपा प्रदेशाध्यक्ष और सीएम से भी बात करेंगे। हम एनडीए का घटक दल हैं, इसलिए कुछ जगहों पर उम्मीदवार उतारेंगे और बाकी जगहों पर बीजेपी का सहयोग करेंगे।"
UCC पर भी रखी अपनी राय
समान नागरिक संहिता (UCC) के मुद्दे पर भी मंत्री आठवले ने अपनी राय व्यक्त की। उन्होंने कहा कि यूसीसी से मुसलमानों का बहुत विकास हो सकता है और उनकी गरीबी मिट सकती है।
उन्होंने यह भी कहा कि जनसंख्या को नियंत्रित करने के लिए यूसीसी बहुत जरूरी है। उन्होंने यहां तक कहा कि पाकिस्तान और बांग्लादेश को भी यूसीसी लागू करना चाहिए।
अभिजीत दीपके को दी सलाह
अंत में, उन्होंने अभिजीत दीपके के काम की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने देशभर के छात्रों को इकट्ठा करने का एक बड़ा काम किया है। आठवले ने उन्हें सलाह दी कि वे इस शक्ति का उपयोग विधायी कार्यों में करें, क्योंकि हिंसा से कुछ भी हासिल नहीं होता है।
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