राजस्थान

Sirohi: 41 डिग्री गर्मी में 11 धूनी के बीच रामगिरि महाराज की तपस्या

गणपत सिंह मांडोली · 15 मई 2026, 12:13 दोपहर
सिरोही के जावाल में विश्व कल्याण के लिए रामगिरि महाराज ने शुरू की 41 दिवसीय कठिन अग्नि साधना।

सिरोही | रामगिरि महाराज ने सिरोही जिले के जावाल स्थित कृष्णावती नदी के तट पर विश्व कल्याण के लिए 41 दिवसीय 11 धूनी अग्नि तपस्या शुरू कर दी है। भीषण गर्मी और 41 डिग्री तापमान के बीच चल रही यह तपस्या श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण और आस्था का केंद्र बनी हुई है।

मरुधरा की तपती रेत में जहां आमजन छांव तलाश रहे हैं, वहीं महाराज अग्नि की 11 प्रज्वलित धूनियों के बीच अडिग बैठकर साधना कर रहे हैं। तपस्या प्रतिदिन दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक होगी, जब गर्मी अपने चरम पर रहती है। साधना के दौरान महाराज ने दोनों हाथ लगातार ऊपर रखने का भी संकल्प लिया है।

भक्त के अनुसार यह तपस्या व्यक्तिगत उद्देश्य के लिए नहीं, बल्कि संपूर्ण मानवता के कल्याण, सामाजिक सौहार्द और आध्यात्मिक जागरण के लिए की जा रही है। उन्होंने बताया कि गौ माता को राष्ट्र माता का दर्जा दिलाने और समाज में बढ़ते नारी अत्याचार के खिलाफ जनजागरण भी इस साधना का प्रमुख उद्देश्य है।

आश्रम प्रबंधन का कहना है कि यह केवल शारीरिक तप नहीं, बल्कि मन और आत्मा की विजय का प्रतीक है। योगबल और कठिन साधना के माध्यम से यह दुर्लभ तपस्या संभव हो पा रही है। तपस्या के पहले दिन से ही जावाल में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। पूरा क्षेत्र जय श्री राम और धार्मिक जयकारों से गूंज उठा। आगामी 41 दिनों तक चलने वाली इस तपस्या में प्रतिदिन दोपहर अग्नि साधना के बाद धार्मिक प्रवचन भी आयोजित किए जाएंगे।

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