Bollywood | 'डॉन 3' विवाद के बीच बॉलीवुड अभिनेता रणवीर सिंह को बड़ी राहत मिली है। फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज (FWICE) ने उनके खिलाफ जारी 'नॉन-कोऑपरेशन' यानी असहयोग निर्देश वापस ले लिया है। इसके साथ ही रणवीर सिंह पर लगा अनौपचारिक बैन भी समाप्त हो गया है और अब इंडस्ट्री के सदस्य उनके साथ काम कर सकेंगे।
इस घटनाक्रम के बीच प्रोड्यूसर्स गिल्ड ऑफ इंडिया ने भी इस मामले पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। गिल्ड ने सोशल मीडिया पर जारी बयान में कलाकारों, निर्देशकों और तकनीशियनों द्वारा आखिरी समय में प्रोजेक्ट छोड़ने की बढ़ती घटनाओं पर चिंता व्यक्त की। गिल्ड का कहना है कि ऐसे फैसलों से निर्माताओं को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है और फिल्म निर्माण की पूरी प्रक्रिया प्रभावित होती है।
गिल्ड के अनुसार, मुख्य शूटिंग शुरू होने से ठीक पहले किसी प्रोजेक्ट से अलग होना गैर-पेशेवर रवैया है, जिससे उद्योग में विश्वास और व्यावसायिकता को नुकसान पहुंचता है। संस्था ने यह भी कहा कि ऐसे विवादों का असर केवल निर्माताओं पर ही नहीं, बल्कि फिल्म से जुड़े सैकड़ों तकनीशियनों और क्रू सदस्यों की आजीविका पर भी पड़ता है।
गौरतलब है कि यह विवाद तब शुरू हुआ जब फरहान अख्तर की कंपनी एक्सेल एंटरटेनमेंट की ओर से शिकायत की गई कि रणवीर सिंह ने 'डॉन 3' से अचानक दूरी बना ली, जबकि फिल्म के प्री-प्रोडक्शन पर करोड़ों रुपये खर्च हो चुके थे। इसके बाद FWICE ने रणवीर के खिलाफ असहयोग निर्देश जारी किया था।
हालांकि, रणवीर सिंह ने भी FWICE को कानूनी नोटिस भेजकर अपना पक्ष रखा। अभिनेता के प्रवक्ता ने कहा कि रणवीर फिल्म इंडस्ट्री और 'डॉन' फ्रेंचाइजी का सम्मान करते हैं तथा इस पूरे मामले को गरिमा और आपसी सम्मान के साथ सुलझाने में विश्वास रखते हैं।
फिलहाल, FWICE द्वारा बैन हटाए जाने से रणवीर सिंह को बड़ी राहत मिली है। वहीं, प्रोड्यूसर्स गिल्ड ने सभी पक्षों से संवाद और आपसी सहमति के जरिए विवाद का समाधान निकालने की अपील की है।