सवाई माधोपुर | राजस्थान के विश्व प्रसिद्ध रणथंभौर टाइगर रिजर्व में घूमने का प्लान बना रहे पर्यटकों के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है।
1 अप्रैल 2026 से यहां बाघों का दीदार करना अब आपकी जेब पर भारी पड़ने वाला है क्योंकि वन विभाग ने दरों में इजाफा कर दिया है।
वन विभाग द्वारा जारी हालिया आदेशों के अनुसार, सफारी और प्रवेश शुल्क में लगभग 10 प्रतिशत की वृद्धि की गई है।
रणथंभौर सफारी अब और महंगी: रणथंभौर में बाघों का दीदार हुआ महंगा: 1 अप्रैल से सफारी और प्रवेश शुल्क में 10% की बढ़ोतरी, देखें नई रेट लिस्ट
राजस्थान के रणथंभौर टाइगर रिजर्व सहित सभी राष्ट्रीय उद्यानों में 1 अप्रैल 2026 से सफारी शुल्क में 10 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। अब पर्यटकों को बाघों के दीदार के लिए अपनी जेब थोड़ी और ढीली करनी होगी।
HIGHLIGHTS
- रणथंभौर टाइगर रिजर्व में 1 अप्रैल 2026 से सफारी और प्रवेश शुल्क में 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी लागू कर दी गई है।
- यह वृद्धि राजस्थान के सभी राष्ट्रीय उद्यानों, वन्यजीव अभ्यारण्यों और संरक्षित क्षेत्रों पर समान रूप से प्रभावी होगी।
- नई दरें 1 अप्रैल 2026 से लेकर 31 मार्च 2028 तक यानी अगले दो वर्षों के लिए प्रभावी रहेंगी।
- कैमरा फीस और फिल्म शूटिंग शुल्क में भी भारी इजाफा किया गया है, विदेशी पर्यटकों के लिए दरें अधिक होंगी।
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प्रदेश के सभी उद्यानों पर लागू होगा नियम
यह वृद्धि केवल रणथंभौर तक ही सीमित नहीं है, बल्कि राजस्थान के सभी राष्ट्रीय उद्यानों और संरक्षित क्षेत्रों पर लागू होगी।
अतिरिक्त प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक ने इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी कर दिए हैं।
विभाग के अनुसार, ईको डवलपमेंट सरचार्ज सहित अन्य दरों को हर दो साल में 10 प्रतिशत बढ़ाने का प्रावधान किया गया है।
कब तक प्रभावी रहेंगी नई दरें?
संशोधित दरें 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी हो चुकी हैं और यह 31 मार्च 2028 तक लागू रहेंगी।
इसका मतलब है कि अगले दो सालों तक पर्यटकों को इन्हीं नई दरों के अनुसार भुगतान करना होगा।
पुरानी दरों की बात करें तो भारतीय पर्यटकों के लिए जिप्सी की सवारी 1456 रुपये की पड़ती थी।
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जिप्सी और कैंटर के पुराने रेट्स
विदेशी पर्यटकों के लिए यही जिप्सी सफारी 2744 रुपये की थी, जिसमें अब 10% की वृद्धि जोड़ दी गई है।
कैंटर सफारी के लिए भारतीयों को पहले 889 रुपये और विदेशियों को 2177 रुपये देने होते थे।
विद्यार्थियों के लिए जिप्सी का पुराना रेट 1320 रुपये और कैंटर का 757 रुपये निर्धारित था।
अतिरिक्त प्रवेश शुल्क का गणित
प्रवेश शुल्क के अलावा, पर्यटकों को ईको डवलपमेंट सरचार्ज भी देना होता है जो अब बढ़ गया है।
भारतीय पर्यटकों के लिए अतिरिक्त प्रवेश शुल्क 90 रुपये और सरचार्ज 125 रुपये मिलाकर कुल 215 रुपये तय किए गए हैं।
विदेशी पर्यटकों के लिए यह राशि काफी अधिक है, जहां उन्हें कुल 1575 रुपये का अतिरिक्त भुगतान करना होगा।
विद्यार्थियों के लिए विशेष रियायत
विद्यार्थियों के लिए राहत की बात यह है कि उनके लिए दरें सामान्य पर्यटकों के मुकाबले काफी कम रखी गई हैं।
भारतीय विद्यार्थियों के लिए अतिरिक्त शुल्क और सरचार्ज मिलाकर कुल 65 रुपये ही देने होंगे।
इसमें 40 रुपये प्रवेश शुल्क और 25 रुपये ईको डवलपमेंट सरचार्ज के तौर पर शामिल किए गए हैं।
नाव सफारी के नए रेट्स
रणथंभौर में नाव की सवारी का आनंद लेने वालों के लिए भी नई दरें जारी की गई हैं।
4 सीट वाली नाव के लिए अब कुल 370 रुपये का भुगतान करना होगा, जिसमें सरचार्ज शामिल है।
8 सीट वाली नाव के लिए 735 रुपये और 12 सीट वाली नाव के लिए 1095 रुपये तय किए गए हैं।
बड़ी नाव और कैमरा फीस
18 सीट वाली बड़ी नाव के लिए पर्यटकों को 1575 रुपये तक खर्च करने पड़ सकते हैं।
वन्यजीव फोटोग्राफी के शौकीनों के लिए कैमरा फीस में भी बड़ा बदलाव देखने को मिला है।
भारतीय पेशेवर फोटोग्राफरों को अब कैमरा शुल्क और सरचार्ज मिलाकर कुल 15,980 रुपये देने होंगे।
विदेशी फोटोग्राफरों के लिए शुल्क
विदेशी एजेंसियों के लिए यह दर और भी अधिक है, जिन्हें प्रति कैमरा 24,200 रुपये का भुगतान करना होगा।
फिल्म और विज्ञापन की शूटिंग के लिए रणथंभौर अब काफी महंगा गंतव्य बन गया है।
भारतीय कंपनियों को विज्ञापन या टीवी सीरियल की शूटिंग के लिए 1,06,480 रुपये प्रतिदिन देने होंगे।
विदेशी फिल्म निर्माण का खर्च
विदेशी कंपनियों के लिए यह राशि बढ़कर 1,57,300 रुपये तक पहुंच गई है, जो काफी बड़ी रकम है।
शूटिंग के लिए केवल फीस ही नहीं, बल्कि एक बड़ी सुरक्षा राशि (Security Deposit) भी जमा करानी होगी।
फीचर फिल्म के लिए यह राशि 2 लाख 12 हजार 690 रुपये निर्धारित की गई है।
सुरक्षा जमा राशि के नियम
अन्य पेशेवर फिल्मों के लिए विदेशी कंपनियों को 1.33 लाख रुपये की सुरक्षा राशि देनी होगी।
भारतीय कंपनियों के लिए फीचर फिल्म के अलावा अन्य फिल्मों की सुरक्षा राशि 79,860 रुपये है।
वन विभाग ने बुकिंग रद्द करने के नियमों को भी स्पष्ट कर दिया है ताकि पर्यटकों को परेशानी न हो।
रिफण्ड और कैंसिलेशन पॉलिसी
अगर आप यात्रा से 30 दिन पहले बुकिंग रद्द करते हैं, तो आपको 75 प्रतिशत रिफण्ड मिल जाएगा।
72 घंटे से 30 दिन के बीच रद्द करने पर केवल 50 प्रतिशत राशि ही वापस की जाएगी।
सावधान रहें, क्योंकि यात्रा की तारीख से 72 घंटे के भीतर बुकिंग रद्द करने पर कोई रिफण्ड नहीं मिलेगा।
प्रतीक्षा सूची के नियम
यदि आपकी बुकिंग प्रतीक्षा सूची में है और कन्फर्म नहीं होती, तो 100 रुपये काटकर बाकी राशि लौटा दी जाएगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस मूल्य वृद्धि से पर्यटन पर थोड़ा असर पड़ सकता है।
हालांकि, वन्यजीवों के संरक्षण और पार्क के रखरखाव के लिए यह वित्तीय वृद्धि अनिवार्य मानी जा रही है।
पर्यटन पर पड़ेगा असर?
रणथंभौर हमेशा से ही बाघ प्रेमियों की पहली पसंद रहा है और नई दरों के बावजूद पर्यटकों की भीड़ कम होने की उम्मीद नहीं है।
अगर आप भी रणथंभौर जाने की योजना बना रहे हैं, तो अपनी जेब का बजट थोड़ा बढ़ाकर चलें।
नई दरों की पूरी सूची आधिकारिक वेबसाइट पर भी उपलब्ध है, जिसे बुकिंग से पहले जरूर देख लें।
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