thinQ360
thinQ360
🏠 टॉप 🔥 राजनीति 📍 राज्य 📰 लाइफ स्टाइल 🏏 खेल 🎬 मनोरंजन 👤 शख्सियत 💻 तकनीक ✍️ Blog ⭐ सफलता की कहानी 🚨 क्राइम 📰 मनचाही ▶️ YouTube
राजस्थान

रविंद्र सिंह भाटी की उदयपुर कोर्ट में पेशी: उदयपुर कोर्ट पहुंचे विधायक रविंद्र सिंह भाटी, बोले- छात्रों की आवाज दबाने के लिए रची गई राजनीतिक साजिश

बलजीत सिंह शेखावत

शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी उदयपुर कोर्ट में पेश हुए। उन्होंने कोविड काल के दौरान दर्ज हुए मुकदमों को राजनीतिक साजिश बताया और समाज में भाईचारा बनाए रखने की अपील की।

HIGHLIGHTS

  • विधायक रविंद्र सिंह भाटी कोविड काल के पुराने मामले में उदयपुर कोर्ट में पेश हुए।
  • भाटी ने मुकदमों को छात्रों की आवाज दबाने के लिए एक राजनीतिक साजिश बताया।
  • उन्होंने समाज में बढ़ती कड़वाहट को खत्म कर आपसी भाईचारा बढ़ाने पर जोर दिया।
  • शिव विधायक ने भारतीय न्यायपालिका और संविधान के प्रति अपना पूर्ण विश्वास जताया।
ravindra singh bhati udaipur court appearance political conspiracy

उदयपुर | राजस्थान की राजनीति के चमकते सितारे और शिव विधानसभा क्षेत्र से निर्दलीय विधायक रविंद्र सिंह भाटी शुक्रवार को झीलों की नगरी उदयपुर पहुंचे। भाटी यहां स्थानीय अदालत में एक पुराने मामले के सिलसिले में पेश हुए।

यह मामला उनके छात्र राजनीति के दिनों से जुड़ा हुआ है। उस समय उन्होंने छात्रों के हक के लिए आंदोलन किया था। इसी मामले में उन्हें कोर्ट में हाजिर होना पड़ा।

कोर्ट में पेशी का मुख्य कारण

यह पूरा मामला वैश्विक महामारी कोविड-19 के दौर का है। उस समय जब पूरा देश घरों में कैद था, तब भाटी ने युवाओं की समस्याओं को लेकर आवाज उठाई थी।

ग्रामीण क्षेत्रों के छात्रों की समस्याओं को लेकर उन्होंने बड़ा प्रदर्शन किया था। उन पर सरकारी नियमों के उल्लंघन का आरोप लगा। इसी सिलसिले में वे कोर्ट पहुंचे।

भाटी ने कोर्ट में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और कानूनी प्रक्रिया का सम्मान किया। उनके साथ समर्थकों की भारी भीड़ भी मौजूद रही, जो उनकी एक झलक पाने को बेताब थी।

छात्र हितों के लिए संघर्ष

कोर्ट के बाहर मीडिया से रूबरू होते हुए भाटी ने कहा कि यह मुकदमा संघर्ष का परिणाम है। उस समय स्कूलों और कॉलेजों की फीस का मुद्दा बहुत गंभीर था।

विधायक ने बताया कि ग्रामीण छात्र आर्थिक तंगी से जूझ रहे थे। उनके पास ऑनलाइन पढ़ाई के संसाधन नहीं थे, फिर भी उनसे पूरी फीस मांगी जा रही थी।

इसी अन्याय के खिलाफ उन्होंने आवाज उठाई थी। उन्होंने कहा कि छात्रों के लिए लड़ना कोई अपराध नहीं है और वे अपने हक की लड़ाई से कभी पीछे नहीं हटेंगे।

राजनीतिक षड्यंत्र का आरोप

भाटी ने तत्कालीन व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए इसे राजनीतिक षड्यंत्र करार दिया। उन्होंने कहा कि युवाओं को जानबूझकर निशाना बनाया गया ताकि उनकी आवाज दबाई जा सके।

उन्होंने कहा, "विधानसभा का घेराव करना हमारा लोकतांत्रिक अधिकार है। छात्रों की आवाज दबाने के लिए ही मुझ पर और साथियों पर ये मुकदमे लादे गए हैं।"

भाटी ने आरोप लगाया कि राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी उनकी बढ़ती लोकप्रियता से घबराए हुए हैं। इसलिए उन्हें पुराने कानूनी मामलों में उलझाकर परेशान करने की कोशिश की जा रही है।

न्यायपालिका में अटूट विश्वास

विधायक ने संदेश दिया कि उन्हें भारत के संविधान और न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है। उन्होंने कहा कि सत्य को परेशान किया जा सकता है, लेकिन पराजित नहीं किया जा सकता।

उन्होंने स्पष्ट किया कि वे एक जिम्मेदार जनप्रतिनिधि हैं और कानून के हर आदेश का पालन करेंगे। कोर्ट परिसर में उनकी पेशी के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे।

समर्थकों ने भाटी के पक्ष में नारेबाजी की, लेकिन विधायक ने सभी से शांति बनाए रखने की अपील की। वे कानून का सम्मान करते हुए अपनी बात रखना चाहते हैं।

सामाजिक भाईचारे की अपील

सोशल मीडिया पर चल रही खींचतान और पुराने वीडियो वायरल होने पर भाटी ने गंभीरता दिखाई। उन्होंने समाज में बढ़ती कड़वाहट और आपसी विवादों पर गहरी चिंता जताई।

उन्होंने कहा, "राजनीति में मतभेद हो सकते हैं, लेकिन मनभेद नहीं होने चाहिए। समाज में प्रेम और भाईचारा बना रहना चाहिए क्योंकि एकता ही हमारी सबसे बड़ी शक्ति है।"

भाटी ने जोर दिया कि राजस्थान की प्रगति के लिए सामाजिक सद्भाव जरूरी है। हमें छोटी बातों को भुलाकर बड़े लक्ष्यों और विकास के मुद्दों पर ध्यान देना होगा।

भविष्य की रणनीति

पुराने मित्रों से दूरी और विवादों पर उन्होंने सीधे कुछ नहीं कहा। उनके संकेतों ने साफ किया कि वे अब विवादों को सुलझाकर एकता की राह पर आगे बढ़ना चाहते हैं।

भाटी ने अंत में अपने समर्थकों का शुक्रिया अदा किया। उन्होंने कहा कि जनता का समर्थन ही उनकी सबसे बड़ी ताकत और असली पूंजी है जो उन्हें लड़ने का हौसला देती है।

वे हमेशा जनसेवा के लिए समर्पित रहेंगे। उनका प्राथमिक लक्ष्य युवाओं को सशक्त बनाना, क्षेत्र का विकास करना और हर गरीब की आवाज को सरकार तक पहुंचाना है।

शेयर करें:

ताज़ा खबरें