धर्मशाला | आईपीएल 2026 के पहले क्वालीफायर में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) ने वो कर दिखाया जिसकी उम्मीद शायद ही किसी ने की थी। धर्मशाला के खूबसूरत मैदान पर बेंगलुरु के शेरों ने गुजरात टाइटंस के गेंदबाजों की ऐसी धुनाई की कि इतिहास बन गया।
इस जीत के साथ ही RCB ने लगातार दूसरी बार आईपीएल फाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली है। मैच के बाद कप्तान रजत पाटीदार ने उस सीक्रेट प्लान का खुलासा किया, जिसने मैदान पर आग लगा दी थी।
मीटिंग में तय हुआ था आक्रामक रुख
रजत पाटीदार ने बताया कि मैच से पहले हुई टीम मीटिंग में ही रणनीति साफ कर दी गई थी। टीम मैनेजमेंट और खिलाड़ियों के बीच यह तय हुआ था कि वे मैदान पर सिर्फ खेलने नहीं, बल्कि दबदबा बनाने उतरेंगे।
पाटीदार के अनुसार, उन्होंने मीटिंग में स्पष्ट किया था कि उनकी बॉडी लैंग्वेज और सोच पूरी तरह आक्रामक होनी चाहिए। यह एक बड़ा मंच था और दबाव को सोखने के लिए हमला करना ही सबसे बेहतर विकल्प था।
हमने मीटिंग में इस बारे में बात की थी कि हमें अपनी बॉडी लैंग्वेज और सोच को आक्रामक रखना होगा। यह एक बहुत बड़ा मंच था और हम पूरी तरह तैयार थे।
बल्लेबाजों ने मचाया कोहराम
मैच की बात करें तो RCB ने 20 ओवर में 5 विकेट खोकर 254 रनों का पहाड़ जैसा स्कोर खड़ा किया। यह प्लेऑफ इतिहास का सबसे बड़ा स्कोर है। कप्तान रजत पाटीदार ने सिर्फ 33 गेंदों में 93 रनों की पारी खेली।
पाटीदार का स्ट्राइक रेट 281 का रहा, जिसने गुजरात के खेमे में खलबली मचा दी। उनके अलावा जितेश शर्मा ने 300 की स्ट्राइक रेट से बल्लेबाजी की, जबकि वेंकटेश अय्यर ने 7 गेंदों में 19 रन ठोक दिए।
विराट कोहली और क्रुणाल पंड्या ने भी 43-43 रनों का महत्वपूर्ण योगदान दिया। पूरी पारी के दौरान बेंगलुरु के बल्लेबाजों ने गुजरात के गेंदबाजों को सेट होने का एक भी मौका नहीं दिया।
पाटीदार की बल्लेबाजी का मंत्र
अपनी शानदार पारी के लिए 'प्लेयर ऑफ द मैच' चुने गए रजत पाटीदार ने अपनी बल्लेबाजी शैली पर भी बात की। उन्होंने कहा कि उनका तरीका हमेशा एक जैसा रहता है और वह विकेट को समझने में समय लेते हैं।
पाटीदार ने बताया कि वह शुरुआत में 8-10 गेंदें यह समझने के लिए लेते हैं कि पिच कैसा बर्ताव कर रही है। एक बार जब गेंद बल्ले पर सही से आने लगती है, तो उनके दिमाग में सब कुछ साफ हो जाता है।
वह कहते हैं कि उसके बाद उन्हें विकेट गिरने का डर नहीं सताता। उनका मुख्य लक्ष्य गेंदबाजों पर दबाव बनाना होता है, ताकि वे अपनी लाइन और लेंथ से भटक जाएं और यही रणनीति सफल रही।
लगातार दूसरे फाइनल की तैयारी
RCB अब 31 मई को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में अपना दूसरा खिताब जीतने के लिए मैदान पर उतरेगी। पिछले साल यानी 2025 में बेंगलुरु ने पंजाब किंग्स को हराकर अपनी पहली ट्रॉफी जीती थी।
अब देखना दिलचस्प होगा कि फाइनल में उनका मुकाबला किससे होता है। गुजरात टाइटंस, राजस्थान रॉयल्स या सनराइजर्स हैदराबाद में से कोई एक टीम उनके सामने खिताबी जंग के लिए खड़ी होगी।
इस शानदार प्रदर्शन ने साबित कर दिया है कि बेंगलुरु की टीम अब सिर्फ किस्मत के भरोसे नहीं, बल्कि एक ठोस योजना और बेखौफ अंदाज के साथ खेल रही है। प्रशंसकों को अब एक और रोमांचक फाइनल की उम्मीद है।
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