रेवदर | राजस्थान के रेवदर विधायक मोतीराम कोली इन दिनों अपने विरोधाभासी बयानों और कार्यों के कारण चर्चाओं में हैं। हाल ही में उन्होंने जयपुर में उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी से मुलाकात की और रेवदर क्षेत्र में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की।
पुलिस पर रोब और अब सुरक्षा की बात
विधायक की इस सक्रियता पर स्थानीय जनता अब सवाल उठा रही है। इसका मुख्य कारण कुछ दिन पहले करोटी क्षेत्र में हुई एक घटना है। वहां विधायक ने ड्यूटी पर तैनात एक ट्रैफिक हेड कांस्टेबल को सरेआम फटकार लगाई थी। वह पुलिसकर्मी उस समय ओवरलोड और क्षमता से अधिक सवारियां भरकर चल रहे वाहनों का चालान काट रहा था। विधायक द्वारा पुलिस की इस कानूनी कार्रवाई में हस्तक्षेप करना अब सोशल मीडिया पर विवाद का विषय बन गया है।
जनता के बीच उठ रहे गंभीर सवाल
क्षेत्र के लोगों का मानना है कि यदि सड़क हादसों को रोकना वास्तव में प्राथमिकता है, तो नियम तोड़ने वालों पर सख्ती होनी चाहिए। पुलिसकर्मियों का मनोबल गिराना सड़क सुरक्षा के दावों के विपरीत नजर आता है। बिच सड़क पर वर्दीधारी पुलिसकर्मियों को टोकना सुरक्षा प्रयासों को कमजोर करता है। लोग अब विधायक के इस व्यवहार को राजनीतिक स्टंट बता रहे हैं। जनता अब सीधे तौर पर विधायक की मंशा पर सवाल कर रही है।
“आखिर सड़क सुरक्षा पर राजनीति ज्यादा हो रही है या जमीनी कार्रवाई?”
रेवदर उपखंड में आए दिन होने वाले सड़क हादसों में कई परिवारों ने अपने चिराग खोए हैं। ऐसे में जनता को जनप्रतिनिधियों से केवल बैठकों की नहीं, बल्कि धरातल पर कड़े नियमों के पालन की उम्मीद है। एक तरफ हादसों पर चिंता जताना और दूसरी तरफ नियमों का पालन कराने वालों को रोकना, यह दोहरा रवैया क्षेत्र की सुरक्षा के लिए घातक साबित हो सकता है। अब देखना होगा कि विधायक इन सवालों का क्या जवाब देते हैं।
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