राजस्थान

रेवदर में गोनवरात्र महोत्सव: रेवदर: 9 से 18 नवंबर तक वेदलक्षणा गोनवरात्र महोत्सव का आयोजन

गणपत सिंह मांडोली · 29 अक्टूबर 2026, 06:16 शाम
रेवदर के अभिनव ब्रजमंडल में 9 से 18 नवंबर तक वेदलक्षणा गोनवरात्र महोत्सव का भव्य आयोजन होगा। इस दौरान नौ कुंडीय सुरभि महायज्ञ, रासलीला, गोपूजन और छप्पन भोग के कार्यक्रम होंगे।

रेवदर | परम श्रद्धेय गोऋषि स्वामी श्री दत्तशरणानंदजी महाराजश्री के सत्संकल्प से अभिनव ब्रजमंडल, मनोरमा गोलोकतीर्थ, अर्बुदारण्य में 9 से 18 नवंबर तक वेदलक्षणा गोनवरात्र आराधना महोत्सव का भव्य आयोजन होगा।

वर्ष 2011 से निरंतर आयोजित हो रहे गोनवरात्र महोत्सव की श्रृंखला में इस वर्ष भी धार्मिक अनुष्ठानों की शृंखला आयोजित की जाएगी।

यह दस दिवसीय आयोजन गोमाता की आराधना, सेवा और संरक्षण के संकल्प के साथ संपन्न होगा।

प्रतिदिन होंगे विविध धार्मिक अनुष्ठान

महोत्सव के दौरान प्रतिदिन गोपूजन, गोअर्चन, गोआरती और सुरभि मंत्र जप का आयोजन किया जाएगा।

इसके साथ ही नौ कुंडीय सुरभि महायज्ञ का विशेष अनुष्ठान भी प्रतिदिन संपन्न होगा।

सांस्कृतिक और आध्यात्मिक कार्यक्रम

इस धार्मिक उत्सव में क्रियायोग शिविर और वृंदावन की भव्य रासलीला मुख्य आकर्षण रहेंगे।

इसके अतिरिक्त गोमाता के लिए छप्पन भोग, गोवर्धननाथजी का अन्नकूट और आंवला नवमी उत्सव भी श्रद्धापूर्वक मनाए जाएंगे।

देशभर से पधारने वाले मूर्धन्य संतों के गोहितार्थ प्रवचन आयोजित होंगे।

संतों के इन प्रवचनों में गोसेवा, गोसंरक्षण और भारतीय संस्कृति में गोमाता के आध्यात्मिक व धार्मिक महत्व पर प्रकाश डाला जाएगा।

दिव्य गोचारण और लड्डू खिलाने का उत्सव

इस महोत्सव का एक विशेष आकर्षण दिव्य गोचारण महोत्सव रहेगा।

इस आयोजन में ठाकुरजी की सन्निधि में संत-महात्मा, अतिथि, गोसेवक और गोभक्त सामूहिक रूप से उपस्थित रहेंगे।

सभी श्रद्धालु मिलकर गोमाताओं को लड्डू खिलाकर गोसेवा के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त करेंगे।

यह अनूठा आयोजन गोभक्ति, सेवा और समर्पण की भावना को पूरी तरह साकार करेगा।

नौ कुंडीय सुरभि महायज्ञ और यज्ञमंडप निर्माण

नौ कुंडीय सुरभि महायज्ञ की तैयारियों के अंतर्गत पंडित गंगाधरजी पाठक द्वारा विधि-विधान से यज्ञमंडप की भूमि का पूजन कराया गया।

भूमि पूजन के अवसर पर समन्वयक संत श्री ऋषिचैतन्यजी महाराज एवं देवारामजी जागरवाल उपस्थित रहे।

यज्ञमंडप की संरचना

यज्ञमंडप का निर्माण 80 फीट लंबाई और 80 फीट चौड़ाई में किया जाएगा।

मंडप के मध्य भाग में नौ यज्ञकुंड स्थापित किए जाएंगे।

यज्ञमंडप के चारों ओर गोमाताओं के विराजने की विशेष व्यवस्था रखी जाएगी।

इस प्रबंध के माध्यम से यज्ञ और गोसेवा का एक अनूठा समन्वय देखने को मिलेगा।

गोसेवा और साधना का पावन संगम

दस दिनों तक चलने वाला यह महोत्सव गोआराधना, वैदिक अनुष्ठानों, संतवाणी और आध्यात्मिक साधना का संगम बनेगा।

इस आयोजन के माध्यम से गोमाता के प्रति श्रद्धा जागृत करने का संकल्प लिया गया है।

साथ ही गोसेवा के महत्व को जन-जन तक पहुंचाने और भारतीय धार्मिक परंपराओं को सशक्त बनाने का संदेश दिया जाएगा।

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