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महंगाई का बड़ा झटका: अगस्त में महंगाई 8 महीने के टॉप पर, दर 4.82% हुई

जोगेन्द्र सिंह शेखावत · 15 सितम्बर 2026, 01:30 दोपहर
अगस्त में खुदरा महंगाई दर बढ़कर 4.82% हो गई, जो आठ महीने का उच्चतम स्तर है। खाद्य मुद्रास्फीति 5.95% पर पहुंच गई, जिससे आम लोगों के घरेलू बजट पर दबाव बढ़ा है।

आम आदमी के लिए महंगाई का मोर्चा एक बार फिर चिंता का सबब बन गया है। अगस्त 2026 में देश की खुदरा महंगाई दर बढ़कर 4.82 फीसदी पर पहुंच गई है, जो पिछले आठ महीनों का उच्चतम स्तर है।

यह आंकड़ा जुलाई में 4.45 फीसदी था। इस बढ़ोतरी ने आम लोगों के घर के बजट पर दबाव बढ़ा दिया है।

महंगाई के प्रमुख आंकड़े

आंकड़ों के अनुसार, खाद्य मुद्रास्फीति, यानी खाने-पीने की चीजों की महंगाई, अगस्त में 5.95 फीसदी पर पहुंच गई। इसमें अनाज, सब्जियां, फल, दूध और मसाले जैसी सभी आवश्यक वस्तुएं शामिल हैं।

यह बढ़ोतरी विशेष रूप से चिंताजनक है क्योंकि यह सीधे तौर पर हर घर को प्रभावित करती है।

लगातार तीसरे महीने लक्ष्य से पार

खुदरा महंगाई का यह लगातार तीसरा महीना है जब यह भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के 4 फीसदी के संतोषजनक लक्ष्य से ऊपर बनी हुई है।

मई में यह 3.93 फीसदी थी, जो जून में बढ़कर 4.38 फीसदी और जुलाई में 4.45 फीसदी हो गई थी। अब अगस्त में यह 4.82 फीसदी के स्तर पर है, जो नए CPI सीरीज के आठ महीनों के आंकड़ों में सबसे अधिक है।

किन चीजों ने बढ़ाई आपकी जेब पर बोझ?

महंगाई में इस उछाल के पीछे कुछ सब्जियों की कीमतों का बड़ा हाथ है। इन सब्जियों ने रसोई का बजट बिगाड़ने में अहम भूमिका निभाई।

इनके अलावा, चांदी के आभूषणों की महंगाई 107.11% और सोने, हीरे व प्लेटिनम के आभूषणों की कीमतें 35.53% तक बढ़ गईं।

इन सब्जियों से मिली राहत

हालांकि, कुछ सब्जियों ने आम लोगों को राहत भी दी। अगस्त 2026 में टमाटर की कीमतों में सालाना आधार पर 31.09% की कमी आई। वहीं, आलू की कीमतों में भी 13.14% की गिरावट दर्ज की गई।

ग्रामीण क्षेत्रों में महंगाई की मार ज्यादा

आंकड़े बताते हैं कि महंगाई का असर ग्रामीण इलाकों में शहरी क्षेत्रों की तुलना में अधिक रहा है।

अगस्त में ग्रामीण क्षेत्रों में खुदरा महंगाई 5.23% रही, जबकि शहरी इलाकों में यह 4.31% दर्ज की गई। कुल खाद्य महंगाई जुलाई के 5.52% से बढ़कर अगस्त में 5.95% हो गई।

महंगाई का असर सिर्फ खाने-पीने तक ही सीमित नहीं है। रेस्तरां और होटल सेवाओं की महंगाई 8.38% रही, जबकि व्यक्तिगत देखभाल और अन्य सेवाओं की महंगाई 15.17% दर्ज की गई।

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