जयपुर | राजस्थान सरकार ने प्रदेश में औद्योगिक विकास को नई रफ्तार देने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की है। राजस्थान फाउंडेशन और रीको के साझा प्रयासों से अब निवेशकों के लिए जमीन आवंटन की प्रक्रिया पहले से कहीं अधिक सरल और डिजिटल हो गई है।
रीको की नई जमीन आवंटन नीति: राजस्थान में निवेश हुआ आसान: रीको की नई लैंड अलॉटमेंट पॉलिसी
रीको ने निवेशकों के लिए जमीन आवंटन प्रक्रिया को ऑनलाइन बनाया, 14 मई तक करें आवेदन।
HIGHLIGHTS
- रीको ने जमीन आवंटन की पूरी प्रक्रिया को अब ऑनलाइन और पारदर्शी बना दिया है।
- निवेशक 14 मई 2024 तक विभिन्न औद्योगिक भूखंडों के लिए आवेदन कर सकते हैं।
- पोर्टल पर प्लॉट के साइट प्लान और गूगल लोकेशन की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है।
- राइजिंग राजस्थान के तहत नए एमओयू 31 दिसंबर 2026 तक किए जा सकेंगे।
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निवेशकों के लिए रीको की नई सौगात
राजस्थान फाउंडेशन द्वारा रीको के सहयोग से 'वर्चुअल नॉलेज सीरीज' के चौथे संस्करण का सफल आयोजन किया गया। इस सत्र में दुनिया भर के 26 राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय चैप्टर्स के अध्यक्षों और प्रवासी राजस्थानियों ने हिस्सा लिया। मुख्य उद्देश्य निवेशकों को रीको की 'डायरेक्ट लैंड अलॉटमेंट पॉलिसी' के बारे में विस्तार से जानकारी देना था। इस नीति के माध्यम से आवेदन से लेकर आवंटन तक की पूरी प्रक्रिया को अब पूरी तरह डिजिटल कर दिया गया है। अतिरिक्त मुख्य सचिव और रीको के चेयरमैन शिखर अग्रवाल ने सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि राजस्थान में निवेश करना अब पहले के मुकाबले बहुत आसान है। उन्होंने निवेशकों को नई नीतियों के बारे में विस्तार से बताया।
पारदर्शी और ऑनलाइन हुई प्रक्रिया
शिखर अग्रवाल ने जानकारी दी कि उद्यमियों के लिए भूमि आवंटन प्रक्रिया को रीको ने ऑनलाइन और पारदर्शी बनाया है। अब निवेशकों को दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने होंगे। पूरी प्रक्रिया अब पोर्टल के माध्यम से संचालित की जा रही है। रीको के पोर्टल पर विभिन्न साइज के प्लॉट उपलब्ध हैं। निवेशक सीधे आवंटन या नीलामी (ई-ऑक्शन) के जरिए इन भूखंडों को प्राप्त कर सकते हैं। यह कदम भ्रष्टाचार को खत्म करने और समय बचाने के लिए उठाया गया है। पोर्टल की सबसे खास बात यह है कि यहां हर प्लॉट का साइट प्लान और गूगल लोकेशन उपलब्ध है। इससे निवेशकों को मौके पर जाए बिना जमीन की सही स्थिति और आसपास के बुनियादी ढांचे का पता चल जाता है।
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लाइव डेमो और एमओयू की जानकारी
सत्र के दौरान रीको के अधिकारियों ने 'राजनिवेश पोर्टल' का लाइव डेमो भी दिया। इसमें एमओयू फॉर्म भरने और भूमि आवंटन के लिए आवेदन करने के चरणों को बारीकी से समझाया गया ताकि किसी को तकनीकी दिक्कत न हो।
"राजस्थान में निवेश की राह अब और भी सुगम हो गई है। हमने तकनीक का उपयोग कर पूरी प्रक्रिया को इतना पारदर्शी बनाया है कि दुनिया के किसी भी कोने से निवेशक राज्य का हिस्सा बन सकते हैं।" - शिखर अग्रवाल
महत्वपूर्ण समय सीमा और आवेदन
इस नीति के तहत 'राइजिंग राजस्थान' के दौरान किए गए एमओयू के अलावा नए एमओयू भी किए जा सकते हैं। राजनिवेश पोर्टल पर नए एमओयू करने की सुविधा 31 दिसंबर 2026 तक उपलब्ध रहेगी। रीको द्वारा भूमि आवंटन के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया 1 मई से शुरू हो चुकी है। इच्छुक निवेशक 14 मई तक अपना आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं। यह एक सीमित समय का अवसर है जिसका निवेशकों को लाभ उठाना चाहिए। सत्र में राजस्थान फाउंडेशन की आयुक्त डॉ. मनीषा अरोड़ा और ईडी रीको आकाश तोमर ने भी निवेशकों की शंकाओं का समाधान किया। उन्होंने बताया कि कैसे विभाग निवेशकों की हर संभव मदद के लिए तैयार है। यह वर्चुअल सत्र 27 अप्रैल को हुए संवाद का अगला चरण था, जहां निवेशकों ने जमीन आवंटन पर स्पष्टता मांगी थी। सरकार की इस त्वरित प्रतिक्रिया ने निवेशकों के बीच विश्वास का माहौल पैदा किया है। निष्कर्ष के तौर पर, राजस्थान सरकार की यह पहल राज्य को एक ग्लोबल इन्वेस्टमेंट हब बनाने की दिशा में बड़ा कदम है। इससे न केवल रोजगार बढ़ेंगे बल्कि प्रवासी राजस्थानियों का अपने राज्य के प्रति लगाव भी मजबूत होगा।
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