राजस्थान | राजस्थान में औद्योगिक विकास को नई गति देने के लिए राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। उद्योग लगाने की तैयारी कर रहे निवेशकों के लिए यह एक महत्वपूर्ण अवसर है। रीको की प्रत्यक्ष आवंटन योजना-2025 का 14वां चरण अब आधिकारिक रूप से शुरू हो गया है।
राइजिंग राजस्थान के तहत औद्योगिक विस्तार
राइजिंग राजस्थान शिखर सम्मेलन के विजन को आगे बढ़ाते हुए इस चरण की शुरुआत की गई है। इस विशेष चरण में प्रदेश के 94 विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों को शामिल किया गया है।
इन क्षेत्रों में कुल 4700 से अधिक औद्योगिक और लॉजिस्टिक भूखंड निवेशकों के लिए उपलब्ध कराए गए हैं। यह कदम राज्य में औद्योगिक आधारभूत ढांचे को मजबूत करने के लिए उठाया गया है।
आवेदन की समय सीमा और प्रक्रिया
इच्छुक और पात्र निवेशक इस योजना के लिए 12 अक्टूबर 2026 तक अपना ऑनलाइन आवेदन जमा कर सकेंगे। आवेदन की प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल और सरल रखा गया है।
भूखंडों का अंतिम आवंटन 15 अक्टूबर 2026 को किया जाएगा। यह आवंटन ई-लॉटरी की पारदर्शी व्यवस्था के माध्यम से संपन्न होगा।
निवेशकों के लिए पात्रता और एमओयू की शर्तें
इस योजना का मुख्य उद्देश्य निवेशकों को बिना किसी लंबी और जटिल प्रक्रिया के औद्योगिक भूखंड उपलब्ध कराना है। इससे व्यापार करने में आसानी होगी।
राइजिंग राजस्थान के तहत राज्य सरकार के साथ एमओयू करने वाले निवेशक इस योजना का सीधा लाभ उठा सकेंगे। यह उनके लिए एक विशेष प्राथमिकता है।
जिन निवेशकों ने अभी तक एमओयू नहीं किया है, उनके लिए भी अवसर खुला है। वे ईएमडी जमा करने की अंतिम तिथि तक एमओयू करके इस योजना के पात्र बन सकते हैं।
भूखंडों का विस्तृत श्रेणीवार वर्गीकरण
रीको ने इस चरण में भूखंडों का वर्गीकरण बहुत ही व्यवस्थित तरीके से किया है। इसमें समाज के विभिन्न वर्गों का ध्यान रखा गया है।
इस चरण में कुल 4,116 भूखंड अनारक्षित श्रेणी में रखे गए हैं, जो सभी सामान्य निवेशकों के लिए उपलब्ध हैं। इसके अतिरिक्त 27 लॉजिस्टिक भूखंड भी शामिल हैं।
विभिन्न वर्गों के लिए आरक्षित भूखंड
- अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के लिए 168 भूखंड आरक्षित किए गए हैं।
- महिला उद्यमियों को प्रोत्साहित करने के लिए 167 भूखंडों का कोटा निर्धारित है।
- देश की सेवा करने वाले भूतपूर्व सैनिकों के लिए 95 भूखंड सुरक्षित रखे गए हैं।
- बेंचमार्क दिव्यांगजनों के लिए योजना में 124 भूखंडों का प्रावधान है।
- सशस्त्र बलों और अर्धसैनिक बलों के शहीदों के आश्रितों के लिए 59 भूखंड आरक्षित हैं।
पारदर्शी आवंटन नीति और ई-लॉटरी सिस्टम
रीको ने आवंटन की प्रक्रिया को पूरी तरह स्पष्ट और विवाद रहित रखने का प्रयास किया है। इसके लिए विशेष नियम बनाए गए हैं।
यदि किसी विशेष भूखंड के लिए केवल एक ही आवेदन प्राप्त होता है, तो उसे सीधे उस आवेदक को आवंटित कर दिया जाएगा।
हालांकि, यदि एक ही भूखंड के लिए एक से अधिक दावेदार या आवेदन आते हैं, तो ई-लॉटरी का सहारा लिया जाएगा। इससे चयन प्रक्रिया में निष्पक्षता सुनिश्चित होगी।
पिछले चरणों की उपलब्धियां और आर्थिक प्रभाव
प्रत्यक्ष आवंटन योजना के अब तक 13 चरण सफलतापूर्वक पूरे किए जा चुके हैं। इन चरणों के परिणाम राज्य की अर्थव्यवस्था के लिए उत्साहजनक रहे हैं।
पिछले चरणों में कुल 2,335 औद्योगिक भूखंडों का सफलतापूर्वक आवंटन किया जा चुका है। इससे औद्योगिक गतिविधियों में तेजी आई है।
निवेश और रोजगार के नए आंकड़े
रीको के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इन आवंटित भूखंडों के माध्यम से प्रदेश में 21 हजार करोड़ रुपये से अधिक के निवेश का मार्ग प्रशस्त हुआ है।
इतना ही नहीं, इन औद्योगिक इकाइयों के माध्यम से 46 हजार से ज्यादा लोगों के लिए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा हुए हैं।
वर्तमान में 444 अन्य भूखंडों के आवंटन की प्रक्रिया भी जारी है। इनसे भविष्य में 2 हजार करोड़ रुपये के अतिरिक्त निवेश की प्रबल संभावना है।
महत्वपूर्ण तिथियां एक नजर में
निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे योजना से जुड़ी महत्वपूर्ण समय सीमा का विशेष ध्यान रखें। योजना का 14वां चरण 28 सितंबर 2026 से प्रभावी है।
ऑनलाइन आवेदन करने की अंतिम तिथि 12 अक्टूबर 2026 है। इसके बाद प्राप्त आवेदनों पर विचार नहीं किया जाएगा।
अंत में, 15 अक्टूबर 2026 को ई-लॉटरी के माध्यम से भाग्यशाली आवेदकों के नाम घोषित किए जाएंगे। रीको का लक्ष्य औद्योगिक विकास को नई ऊंचाइयों पर ले जाना है।
*Edit with Google AI Studio