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रोहित गोदारा गैंग का शार्प शूटर गिरफ्तार: रोहित गोदारा गैंग का गुर्गा कृष्ण सिंह गिरफ्तार, AGTF की बड़ी कामयाबी

प्रदीप बीदावत · 26 अप्रैल 2026, 10:33 दोपहर
एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स ने रोहित गोदारा गैंग के सक्रिय सदस्य और 27 मुकदमों के आरोपी को पकड़ा।

जयपुर | राजस्थान में अपराध और अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने कुख्यात गैंगस्टर रोहित गोदारा और वीरेंद्र चारण गैंग के एक बेहद सक्रिय और खतरनाक गुर्गे कृष्ण सिंह को दबोच लिया है।

एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स की बड़ी कार्रवाई

एडीजी दिनेश एमएन के नेतृत्व में गठित एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (AGTF) ने इस ऑपरेशन को अंजाम देकर बदमाशों के नेटवर्क को हिला दिया है। पकड़ा गया कृष्ण सिंह कोई साधारण अपराधी नहीं है, बल्कि वह पिछले तीन सालों से पुलिस की आंखों में धूल झोंककर फरार चल रहा था। कृष्ण सिंह के साथ ही पुलिस ने एक और शातिर अपराधी लक्ष्मण सिंह को भी गिरफ्तार किया है, जिस पर पहले से 27 मुकदमे दर्ज हैं। इन दोनों की गिरफ्तारी से राजस्थान पुलिस ने गैंगस्टर रोहित गोदारा के बढ़ते प्रभाव पर लगाम लगाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है।

सुजानगढ़ फायरिंग कांड का मुख्य आरोपी

कृष्ण सिंह की गिरफ्तारी सुजानगढ़ के चर्चित 'जेडीजे ज्वैलर्स' फायरिंग कांड के मामले में हुई है, जहां उसने दहशत फैलाने के लिए गोलियां चलाई थीं। यह फायरिंग कांड केवल एक हमला नहीं था, बल्कि व्यापारियों से रंगदारी वसूलने की एक सोची-समझी साजिश का हिस्सा था, जिसे रोहित गोदारा के इशारे पर अंजाम दिया गया। कृष्ण सिंह इस पूरी वारदात का मुख्य सूत्रधार माना जा रहा है और वह लंबे समय से पुलिस की मोस्ट वांटेड लिस्ट में शामिल था। पुलिस के अनुसार, कृष्ण सिंह रंगदारी के लिए फायरिंग करने और सुपारी लेकर हत्या करने जैसे जघन्य अपराधों में भी वांटेड चल रहा था।

कौन है गैंगस्टर रोहित गोदारा?

रोहित गोदारा वर्तमान में राजस्थान और हरियाणा के सीमावर्ती इलाकों में सक्रिय सबसे बड़े गैंगस्टर्स में से एक माना जाता है, जो विदेशों से अपनी गैंग चलाता है। वह लॉरेंस बिश्नोई गैंग के साथ मिलकर काम करता है और राजस्थान के बड़े व्यापारियों को धमकी भरे कॉल कर करोड़ों की रंगदारी मांगता है। वीरेंद्र चारण भी इस गैंग का एक मुख्य स्तंभ है, जो हथियारों की सप्लाई और शूटरों को ठिकाने उपलब्ध कराने का काम देखता है। कृष्ण सिंह जैसे गुर्गे इन गैंगस्टर्स के लिए जमीन पर काम करते हैं और फायरिंग जैसी वारदातों को अंजाम देकर दहशत का माहौल बनाते हैं।

27 मुकदमों वाला साथी भी गिरफ्तार

कृष्ण सिंह के साथ गिरफ्तार हुआ लक्ष्मण सिंह भी एक आदतन अपराधी है, जिसकी तलाश वैशाली नगर और मकराना पुलिस लंबे समय से कर रही थी। लक्ष्मण सिंह पर चोरी, डकैती, और मारपीट जैसे दर्जनों मामले दर्ज हैं, जो गैंग के लिए लॉजिस्टिक सपोर्ट और सूचनाएं जुटाने का काम करता था। इन दोनों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस को उम्मीद है कि रोहित गोदारा गैंग के कई अन्य ठिकानों और सदस्यों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिलेगी। पुलिस अब इन दोनों आरोपियों से पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि उन्हें हथियार और पैसे कहां से मिल रहे थे।

पुलिस प्रशासन का कड़ा संदेश

एडीजी दिनेश एमएन ने इस गिरफ्तारी पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अपराधियों के लिए राजस्थान में अब कोई सुरक्षित जगह नहीं बची है।

"गैंगस्टर और उनके गुर्गों के खिलाफ हमारी जीरो टॉलरेंस की नीति है, और हम उनके पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।"

दिनेश एमएन ने बताया कि एजीटीएफ की टीमें लगातार खुफिया जानकारी जुटा रही हैं और फरार चल रहे अन्य बदमाशों की भी जल्द ही गिरफ्तारी होगी। पुलिस की इस कार्रवाई से न केवल अपराधियों में खौफ पैदा हुआ है, बल्कि आम जनता और व्यापारी वर्ग में भी सुरक्षा का भरोसा बढ़ा है।

आगामी जांच और कानूनी प्रक्रिया

गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश कर पुलिस रिमांड पर लिया जाएगा, ताकि उनसे गैंग के भविष्य के प्लान के बारे में पूछताछ हो सके। पुलिस यह भी जांच रही है कि कृष्ण सिंह को तीन साल तक फरारी के दौरान किन लोगों ने संरक्षण दिया और किसने उसे आर्थिक मदद पहुंचाई। रोहित गोदारा गैंग के नेटवर्क को जड़ से खत्म करने के लिए पुलिस अब सोशल मीडिया पर इन गैंगस्टर्स को फॉलो करने वाले युवाओं पर भी नजर रख रही है। राजस्थान पुलिस का लक्ष्य है कि प्रदेश को गैंगवार और रंगदारी जैसी समस्याओं से पूरी तरह मुक्त कराया जाए और कानून का राज स्थापित हो।

निष्कर्ष और प्रभाव

रोहित गोदारा गैंग के इस सक्रिय सदस्य की गिरफ्तारी ने यह स्पष्ट कर दिया है कि पुलिस की तकनीक और सूचना तंत्र अब अपराधियों से कहीं अधिक मजबूत है। आने वाले दिनों में इस मामले में कई और बड़े खुलासे होने की संभावना है, जिससे राजस्थान के अपराध जगत में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं।

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