मुंबई | आईसीसी मेंस क्रिकेट वर्ल्ड कप 2027 की मेजबानी साउथ अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया संयुक्त रूप से करेंगे। इस बड़े टूर्नामेंट में भारतीय टीम अपने 2023 के अधूरे सपने को पूरा करने के इरादे से उतरेगी।
कप्तान रोहित शर्मा और दिग्गज बल्लेबाज विराट कोहली भी इस खिताबी जीत के साथ अपने अंतरराष्ट्रीय करियर को यादगार अंत देना चाहते हैं। रोहित का हमेशा से वनडे वर्ल्ड कप जीतने का सपना रहा है।
रोहित शर्मा की फिटनेस पर उठते सवाल
2019 और 2023 के शानदार प्रदर्शन के बाद भी टीम इंडिया खिताब नहीं जीत सकी थी। रोहित अब 2027 में खेलना चाहते हैं, लेकिन उनकी राह अब मुश्किल नजर आ रही है।
बीसीसीआई के एक सूत्र के मुताबिक, रोहित शर्मा ने तीन हफ्तों तक सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में रिपोर्ट नहीं की। हालांकि उन्होंने वजन घटाया है, लेकिन शरीर की रिकवरी अब भी चिंता का विषय है।
वनडे मैचों में आईपीएल की तरह 'इम्पैक्ट प्लेयर' का विकल्प नहीं होता है। रोहित को पूरे 50 ओवर तक मैदान पर फील्डिंग करनी होगी, जो 40 की उम्र में चुनौतीपूर्ण है।
आईपीएल 2026 के दौरान भी रोहित चोट के कारण कई मैचों से बाहर रहे थे। वह ज्यादातर मैचों में सिर्फ बल्लेबाजी करने ही उतरे थे, जिससे बीसीसीआई की चिंताएं बढ़ गई हैं।
"चिंता यह है कि क्या रोहित का शरीर हाई-परफॉर्मेंस स्पोर्ट का लोड उठा पाएगा। जब आप 40 के करीब होते हैं, तो रिकवरी में वक्त लगता है।"
टीम इंडिया के पास मौजूद हैं अन्य विकल्प
अगर रोहित शर्मा फिटनेस की वजह से बाहर होते हैं, तो टीम इंडिया के पास ओपनिंग के लिए मजबूत बेंच स्ट्रेंथ है। संजू सैमसन और यशस्वी जायसवाल जैसे खिलाड़ी तैयार हैं।
इसके अलावा ईशान किशन, ऋतुराज गायकवाड़ और युवा वैभव सूर्यवंशी भी अपनी दावेदारी पेश कर रहे हैं। रोहित की अनुपस्थिति में इन युवाओं को बड़ा मंच मिल सकता है।
रोहित शर्मा के लिए 2027 का सफर उनकी फिटनेस पर टिका है। अगर वह खुद को साबित नहीं कर पाते, तो उनका विश्व कप जीतने का सपना अधूरा रह सकता है। भारतीय फैंस उनकी वापसी की उम्मीद कर रहे हैं।
*Edit with Google AI Studio