अजमेर | राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) में डमी कैंडिडेट के सबूत मिटाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। एसओजी ने आयोग के यूडीसी मान सिंह मीणा को गिरफ्तार किया है। वह रिकॉर्ड रूम में घुसकर डमी अभ्यर्थी की फोटो बदलने की कोशिश कर रहा था।
RPSC रिकॉर्ड रूम में बड़ी सेंधमारी: RPSC पेपर लीक: रिकॉर्ड रूम में सबूत मिटाते क्लर्क गिरफ्तार
आरपीएससी रिकॉर्ड रूम में डमी कैंडिडेट के सबूत मिटाने पर यूडीसी मान सिंह गिरफ्तार, 9 और रडार पर।
HIGHLIGHTS
- RPSC के यूडीसी मान सिंह मीणा को एसओजी ने किया गिरफ्तार।
- आरोपी रिकॉर्ड रूम में डमी कैंडिडेट के सबूत मिटाते पकड़ा गया।
- पूछताछ में 7 से 9 अन्य कर्मचारियों के संलिप्त होने का खुलासा।
- एसओजी के पास 2000 से अधिक डमी अभ्यर्थियों का डिजिटल डेटा।
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सीसीटीवी में कैद हुई आरोपी की करतूत
मान सिंह ने स्कूल लेक्चरर भर्ती के मुख्य अभ्यर्थी राजेश मीणा से 2 लाख रुपये लिए थे। वह रिकॉर्ड रूम में बार-बार संदिग्ध चक्कर काट रहा था। आरपीएससी प्रशासन ने खुद सीसीटीवी फुटेज और डिजिटल सबूत एसओजी को सौंपे थे।
9 और कर्मचारी एसओजी के निशाने पर
पूछताछ के दौरान आरोपी मान सिंह ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। उसने बताया कि आयोग के करीब 7 से 9 अन्य कर्मचारी भी इस अवैध खेल में शामिल हैं। एसओजी अब इन सभी संदिग्धों की सूची तैयार कर जांच कर रही है।
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एसओजी के एडीजी विशाल बंसल ने कहा, "पहली बार आरपीएससी ने अपने किसी कर्मचारी को पकड़वाया है। मान सिंह के खिलाफ पुख्ता डिजिटल साक्ष्य मिले हैं और जांच जारी है।"
एसओजी के पास वर्तमान में 2000 से अधिक डमी अभ्यर्थियों का डिजिटल डेटा मौजूद है। अब तक 150 से ज्यादा जालसाजों पर शिकंजा कसा जा चुका है। यह कार्रवाई राजस्थान में पेपर माफिया के नेटवर्क को ध्वस्त करने में सहायक होगी।
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