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RPSC डमी कैंडिडेट गिरफ्तार: RPSC भर्ती परीक्षा: 2 साल से फरार 10 हजार का इनामी डमी कैंडिडेट गिरफ्तार, सम्पतलाल की जगह दी थी परीक्षा

मानवेन्द्र जैतावत

राजस्थान एसओजी ने आरपीएससी वरिष्ठ अध्यापक भर्ती परीक्षा 2022 में डमी कैंडिडेट के रूप में शामिल होने वाले सुनील बिश्नोई को गिरफ्तार किया है। आरोपी पर 10 हजार रुपये का इनाम था।

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HIGHLIGHTS

  • एसओजी ने 10 हजार रुपये के इनामी आरोपी सुनील बिश्नोई को गिरफ्तार किया है।
  • आरोपी ने आरपीएससी वरिष्ठ अध्यापक भर्ती 2022 में डमी कैंडिडेट के रूप में परीक्षा दी थी।
  • मुख्य अभ्यर्थी सम्पतलाल माली को पुलिस पहले ही 13 जनवरी 2026 को गिरफ्तार कर चुकी है।
  • विज्ञान विषय की परीक्षा देने वाले एक अन्य डमी परीक्षार्थी की तलाश अभी भी जारी है।
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जयपुर | राजस्थान में सरकारी नौकरियों की भर्ती परीक्षाओं में फर्जीवाड़ा करने वालों के खिलाफ स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) का अभियान लगातार जारी है। इसी कड़ी में एसओजी ने आरपीएससी की वरिष्ठ अध्यापक (द्वितीय श्रेणी) भर्ती परीक्षा 2022 में डमी कैंडिडेट के रूप में परीक्षा देने वाले सुनील बिश्नोई को गिरफ्तार किया है।

10 हजार का इनामी आरोपी गिरफ्तार

एसओजी के अनुसार गिरफ्तार आरोपी सुनील बिश्नोई सांचौर के गोदारों की ढाणी, सरनाऊ का निवासी है। वह पिछले दो साल से पुलिस की पकड़ से दूर था। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए एसओजी ने 10,000 रुपये का इनाम घोषित कर रखा था। लंबे समय से फरार चल रहे इस इनामी अपराधी को अंततः पुलिस ने दबोच लिया। जांच में सामने आया कि सुनील बिश्नोई ने जालोर निवासी मूल अभ्यर्थी सम्पतलाल माली के स्थान पर परीक्षा दी थी। उसने धोखे से परीक्षा पास करवाई थी।

दोबारा हुई परीक्षा में भी फर्जीवाड़ा

एसओजी के एडीजी विशाल बंसल ने बताया कि आरपीएससी ने 24 दिसंबर 2022 को इस भर्ती परीक्षा का आयोजन किया था, लेकिन पेपर लीक होने के कारण इसे निरस्त कर दिया गया। निरस्त की गई सामान्य ज्ञान और शैक्षिक मनोविज्ञान की परीक्षा को दोबारा 29 जनवरी 2023 को आयोजित किया गया था। इसी परीक्षा में सुनील बिश्नोई शामिल हुआ था। उदयपुर के राजकीय गुरू गोविन्द सिंह उच्च माध्यमिक विद्यालय में सम्पतलाल माली की जगह सुनील बिश्नोई ने बैठकर परीक्षा दी और उसे सफल बनाया।

अभ्यर्थी का हुआ था चयन

डमी कैंडिडेट के माध्यम से परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद सम्पतलाल माली का चयन वरिष्ठ अध्यापक (विज्ञान) के पद पर हो गया था। हालांकि, आरपीएससी में फर्जीवाड़े की शिकायत दर्ज होने के कारण उसका नियुक्ति पत्र जारी नहीं किया गया और उसकी असलियत सामने आ गई। मुख्य अभ्यर्थी सम्पतलाल माली को इस धोखाधड़ी के मामले में एसओजी ने 13 जनवरी 2026 को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।

दूसरे डमी कैंडिडेट की तलाश जारी

एसओजी की जांच में यह भी पता चला है कि सम्पतलाल माली ने विज्ञान विषय की परीक्षा के लिए भी किसी अन्य डमी परीक्षार्थी का सहारा लिया था। पुलिस अब उस दूसरे डमी कैंडिडेट की तलाश में जुटी हुई है। सुनील बिश्नोई से पूछताछ में कई अन्य मध्यस्थों और गिरोह के सदस्यों के नाम सामने आने की उम्मीद है। राजस्थान पुलिस और एसओजी की यह कार्रवाई उन लोगों के लिए कड़ा संदेश है जो परीक्षा प्रणाली के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। मामले में आगे की जांच जारी है।

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