जयपुर | राजस्थान में सरकारी भर्ती परीक्षाओं की शुचिता को भंग करने वाले गिरोहों के खिलाफ स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) का अभियान तेज होता जा रहा है। जांच एजेंसी ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए राजस्थान लोक सेवा आयोग (आरपीएससी) के पूर्व सदस्य बाबूलाल कटारा के तत्कालीन ड्राइवर को गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी सब-इंस्पेक्टर (SI) भर्ती परीक्षा-2021 में हुए पेपर लीक मामले के सिलसिले में की गई है।
पेपर लीक: RPSC SI भर्ती पेपर लीक पूर्व सदस्य का ड्राइवर गिरफ्तार
एसओजी ने एसआई भर्ती 2021 पेपर लीक मामले में बाबूलाल कटारा के ड्राइवर को किया गिरफ्तार।
HIGHLIGHTS
- एसओजी ने आरपीएससी के पूर्व सदस्य बाबूलाल कटारा के ड्राइवर नादान सिंह को गिरफ्तार किया।
- ड्राइवर पर अपने बेटे अजय प्रताप सिंह को पेपर लीक के जरिए लाभ पहुंचाने का आरोप है।
- अजय प्रताप ने हिंदी में 200 में से 174.28 और सामान्य ज्ञान में 150.2 अंक प्राप्त किए थे।
- पेपर लीक मामले में अब तक कुल 141 आरोपियों को कानून के शिकंजे में लिया जा चुका है।
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पेपर लीक मामले में ड्राइवर की भूमिका
एसओजी के अतिरिक्त महानिदेशक (एडीजी) विशाल बंसल ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी का नाम नादान सिंह राठौड़ है। वह अजमेर जिले के गेगल का निवासी है। नादान सिंह लंबे समय तक आरपीएससी सदस्य बाबूलाल कटारा का सरकारी वाहन चालक रहा है। जांच में सामने आया है कि नादान सिंह ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए अपने बेटे को अनुचित लाभ दिलाने की साजिश रची थी।
जांच के अनुसार, आरोपी ड्राइवर ने अपने बेटे अजय प्रताप सिंह को परीक्षा में पास करवाने के लिए पेपर लीक गिरोह के साथ सांठगांठ की थी। उसने अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर परीक्षा से पहले ही प्रश्न पत्र प्राप्त कर लिया था। इस मामले में एसओजी ने अजय प्रताप सिंह को पहले ही गिरफ्तार किया था, जिससे पूछताछ के बाद नादान सिंह का नाम सामने आया।
साजिश का नेटवर्क और बाबूलाल कटारा का कनेक्शन
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एसओजी के सूत्रों के मुताबिक, यह पेपर लीक का जाल बेहद गहरा था। बाबूलाल कटारा ने परीक्षा से पहले प्रश्न पत्र और उनके उत्तर अपने भांजे विजय कुमार डामोर को उपलब्ध कराए थे। यही प्रश्न-उत्तर बाद में ड्राइवर नादान सिंह राठौड़ तक पहुंचे। नादान सिंह ने इन उत्तरों की मदद से अपने बेटे अजय प्रताप को परीक्षा की तैयारी करवाई थी।
अंकों के खेल से खुला राज
पेपर लीक की मदद से अजय प्रताप सिंह ने परीक्षा में असाधारण प्रदर्शन किया था। उसने हिंदी के पेपर में 200 में से 174.28 अंक प्राप्त किए। वहीं, सामान्य ज्ञान और सामान्य विज्ञान के पेपर में उसने 200 में से 150.2 अंक हासिल किए थे। इतने अधिक अंक मिलने के बाद जब जांच शुरू हुई, तो इस पूरे फर्जीवाड़े की परतें खुलती चली गईं।
वरिष्ठ अध्यापक भर्ती परीक्षा में भी एक्शन
एसओजी की कार्रवाई केवल एसआई भर्ती तक सीमित नहीं रही। टीम ने वरिष्ठ अध्यापक भर्ती परीक्षा-2022 में भी एक बड़ी सफलता हासिल की है। इस मामले में एक इनामी डमी अभ्यर्थी, जो पेशे से शिक्षक है, को गिरफ्तार किया गया है। यह आरोपी लंबे समय से पुलिस की पकड़ से बाहर था और जांच एजेंसी ने उस पर इनाम भी घोषित कर रखा था।
अब तक 141 गिरफ्तारियां
राजस्थान में पेपर लीक के खिलाफ चल रही इस जंग में एसओजी ने अब तक कुल 141 आरोपियों को सलाखों के पीछे भेज दिया है। इसमें आरपीएससी के पूर्व सदस्य, कर्मचारी, अभ्यर्थी और दलाल शामिल हैं। सरकार ने स्पष्ट किया है कि युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
"हम पेपर लीक गिरोह की जड़ों तक पहुंच रहे हैं और हर उस व्यक्ति को गिरफ्तार करेंगे जिसने सिस्टम के साथ विश्वासघात किया है।" - विशाल बंसल, एडीजी एसओजी
इस कार्रवाई से उन अभ्यर्थियों में न्याय की उम्मीद जगी है जो ईमानदारी से अपनी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं। एसओजी की टीम अब नादान सिंह से पूछताछ कर रही है ताकि इस गिरोह के अन्य सदस्यों और कड़ियों का पता लगाया जा सके। आने वाले दिनों में कुछ और बड़े नामों के सामने आने की संभावना है।
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