राजस्थान

RUIDP: 84 शहरों में 9,500 करोड़ के विकास कार्यों की तैयारी

महेन्द्रसिंह शेखावत · 04 अगस्त 2026, 04:17 दोपहर
राजस्थान के 84 शहरों में RUIDP के पांचवें चरण के तहत 9,500 करोड़ रुपये के विकास कार्यों की तैयारी शुरू हो गई है। संवाद कार्यक्रमों के माध्यम से सुझाव लिए जाएंगे।

RUIDP का पांचवां चरण: राजस्थान के शहरी विकास में एक नया अध्याय

बीकानेर | राजस्थान नगरीय आधारभूत विकास परियोजना (आरयूआईडीपी) ने अपने पांचवें चरण के लिए कमर कस ली है। इस चरण में लगभग 9,500 करोड़ रुपये की लागत से प्रदेश के 84 शहरों में विकास कार्यों को अंजाम देने की व्यापक तैयारी शुरू हो गई है।

इस महत्वाकांक्षी योजना को धरातल पर उतारने से पहले स्थानीय निवासियों और हितधारकों से सुझाव लिए जाएंगे।

जन-भागीदारी के लिए संवाद कार्यक्रम

परियोजना के तहत 5 अगस्त से 11 अगस्त तक प्रदेश के 84 शहरों में विशेष संवाद कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

इन कार्यक्रमों में जनप्रतिनिधियों, पूर्व पार्षदों, प्रबुद्ध नागरिकों, मीडिया प्रतिनिधियों और अन्य हितधारकों को आमंत्रित किया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य परियोजना के अंतर्गत प्रस्तावित कार्यों की विस्तृत जानकारी देना और स्थानीय स्तर पर महत्वपूर्ण सुझाव और फीडबैक प्राप्त करना है।

किन क्षेत्रों पर रहेगा फोकस?

सरकार का लक्ष्य तेजी से बढ़ते शहरीकरण को देखते हुए शहरों को अधिक स्मार्ट, टिकाऊ और बेहतर नागरिक सुविधाओं से युक्त बनाना है।

बुनियादी ढांचे का होगा विकास

परियोजना के अंतर्गत कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों को शामिल किया गया है। इनमें अपशिष्ट जल प्रबंधन, ठोस कचरा प्रबंधन, और शहरी यातायात सुधार प्रमुख हैं।

इसके अलावा, बाढ़ एवं ड्रेनेज प्रबंधन, विरासत संरक्षण, पर्यटन विकास और कमांड एंड कंट्रोल सेंटर जैसी महत्वपूर्ण आधारभूत सुविधाओं का भी विकास किया जाएगा। इन कार्यों से प्रदेश के 84 नगरीय निकायों के लाखों नागरिकों को बेहतर शहरी जीवन का अनुभव मिलेगा।

अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय सहयोग

आरयूआईडीपी के पांचवें चरण को एशियन डेवलपमेंट बैंक (एडीबी) और विश्व बैंक से वित्तीय सहयोग मिलेगा, जो इस परियोजना के महत्व को दर्शाता है।

एडीबी की सहायता से संचालित होने वाली परियोजना की अनुमानित लागत 6009 करोड़ रुपये है, जबकि विश्व बैंक समर्थित परियोजना की लागत 3492 करोड़ रुपये निर्धारित की गई है।

विकसित राजस्थान 2047 का लक्ष्य

इन योजनाओं का उद्देश्य केवल आधुनिक शहरी अवसंरचना विकसित करना नहीं है, बल्कि यह 'विकसित भारत-2047' और 'विकसित राजस्थान-2047' के लक्ष्यों को गति देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

विभिन्न क्षेत्रों में बजट का आवंटन

परियोजना के तहत बजट का आवंटन विभिन्न क्षेत्रों की जरूरतों के अनुसार किया गया है:

इन योजनाओं के माध्यम से शहरों में जीवन स्तर सुधारने, पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने और आधारभूत सुविधाओं को सुदृढ़ करने पर विशेष जोर दिया जाएगा।

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