कीव | यूक्रेन और रूस के बीच जारी संघर्ष ने एक बार फिर हिंसक रूप ले लिया है। रूस ने यूक्रेन के आठ अलग-अलग क्षेत्रों में रात भर भीषण बमबारी की।
इस हमले में कम से कम पांच निर्दोष नागरिकों की मौत हो गई, जबकि 30 अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। मध्य यूक्रेन का डिनिप्रो शहर इस हमले से सबसे अधिक प्रभावित हुआ है।
यहां 20 से अधिक लोग घायल हुए हैं, जिनमें नौ साल का बच्चा और पुलिस अधिकारी शामिल हैं। उत्तरी चेर्निहीव के निझिन शहर में दो लोगों की मौत की पुष्टि हुई है।
वहीं खार्किव में एक साल का बच्चा भी घायलों की सूची में शामिल है। डिनिप्रो में एक आवासीय इमारत पर हुए हमले के बाद राहत और बचाव कार्य युद्ध स्तर पर जारी है।
डिनिप्रो और अन्य शहरों में तबाही का मंजर
मलबे में दबे लोगों को निकालने की कोशिशें की जा रही हैं। चेर्निहीव, ओडेसा और खार्किव जैसे शहरों में आपातकालीन सेवाएं लगातार काम कर रही हैं।
दोनेत्स्क के गवर्नर वादिम फिलाशकिन ने टेलीग्राम पर स्थिति की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि स्लोवियांस्क और क्रामातोर्स्क में भी हमले हुए हैं।
इन हमलों में छह घर, पांच ऊंची इमारतें, एक डाकघर और एक चर्च बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं। यूक्रेन की पुलिस ने बताया कि नागरिक ठिकानों को जानबूझकर निशाना बनाया गया है।
स्थानीय प्रशासन घायलों को चिकित्सा सहायता प्रदान करने में जुटा हुआ है। रूसी सेना ने ड्रोन, क्रूज मिसाइलें और बड़ी संख्या में बैलिस्टिक मिसाइलों का उपयोग किया है।
यूक्रेनी वायुसेना का साहसिक मुकाबला
यूक्रेन की वायुसेना ने दावा किया है कि उन्होंने रूस के 619 ड्रोनों और 47 मिसाइलों में से अधिकांश को हवा में ही नष्ट कर दिया।
वायुसेना के अनुसार, लगभग 610 ड्रोन और मिसाइल हमलों को सफलतापूर्वक निष्क्रिय कर दिया गया। हालांकि, कुछ मिसाइलें अपने लक्ष्यों को भेदने में सफल रहीं।
रूस का मुख्य उद्देश्य यूक्रेन के बुनियादी ढांचे और ऊर्जा केंद्रों को नुकसान पहुंचाना है। राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने इस हमले की कड़ी निंदा की है।
रूस के निशाने पर हमारे शहरों का बुनियादी ढांचा है, लेकिन हम झुकेंगे नहीं और अपने नागरिकों की रक्षा करेंगे।
ज़ेलेंस्की ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा किया जिसमें बचावकर्मी मलबे के बीच काम करते दिख रहे हैं। यह वीडियो युद्ध की विभीषिका को साफ दर्शाता है।
यूरोपीय संघ के नए प्रतिबंध और प्रभाव
इस बीच, यूरोपीय संघ ने रूस के खिलाफ नए और कड़े प्रतिबंधों को मंजूरी दे दी है। ये प्रतिबंध ऊर्जा, बैंकिंग और व्यापार क्षेत्रों को लक्षित करते हैं।
हंगरी के शुरुआती विरोध के कारण ये प्रतिबंध रुके हुए थे, लेकिन अब इन्हें हरी झंडी मिल गई है। इससे रूस की आर्थिक कमर टूटने की संभावना जताई जा रही है।
अंतरराष्ट्रीय समुदाय अब रूस की इन आक्रामक कार्रवाइयों के खिलाफ एकजुट हो रहा है। यूक्रेन को सैन्य और मानवीय सहायता देने के वादे भी दोहराए गए हैं।
रूस और यूक्रेन के बीच यह ताजा हमला अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारी चिंता का विषय बन गया है। यूक्रेन के नागरिक बुनियादी ढांचे पर बढ़ते हमले मानवीय संकट को गहरा रहे हैं।
वैश्विक समुदाय अब इन हमलों को रोकने के लिए कूटनीतिक समाधान की तलाश में है। शांति की अपील के बावजूद युद्ध का मैदान लगातार सुलग रहा है।
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