टोंक | राजस्थान की राजनीति में एक बार फिर जुबानी जंग तेज हो गई है। पूर्व उपमुख्यमंत्री और टोंक विधायक सचिन पायलट ने राज्य की भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है।
पायलट ने सीधे तौर पर भजनलाल सरकार पर लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं से भागने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार नगर निकाय चुनाव कराने की हिम्मत नहीं जुटा पा रही है।
निकाय चुनाव और हार का डर
पायलट ने टोंक दौरे के दौरान मीडिया से बात करते हुए कहा कि भाजपा को अपनी हार का स्पष्ट डर सता रहा है। सरकार को पता है कि जनता उनके ढाई साल के काम का हिसाब मांगेगी।
उन्होंने दावा किया कि नगर निकायों के चुनाव में भाजपा का सूपड़ा साफ होना तय है। यही वजह है कि सरकार बार-बार इन चुनावों को टालने के बहाने ढूंढ रही है।
पायलट के अनुसार, लोकतंत्र में चुनाव समय पर होने चाहिए। लेकिन भाजपा जनता के बीच जाने से घबरा रही है। विकास के दावों की पोल खुलने के डर से चुनाव रोके जा रहे हैं।
अफसरशाही और प्रशासनिक विफलता
सचिन पायलट ने राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान में राजस्थान में अफसरशाही पूरी तरह से हावी हो चुकी है।
जनता के चुने हुए प्रतिनिधियों की जगह अधिकारी फैसले ले रहे हैं। पायलट ने आरोप लगाया कि सरकार का नियंत्रण प्रशासन पर नहीं रह गया है, जिससे विकास कार्य ठप हैं।
प्रशासनिक तंत्र दबाव में काम कर रहा है, जिससे आम आदमी की समस्याओं का समाधान नहीं हो पा रहा है। पायलट ने इसे सरकार की सबसे बड़ी कमजोरी बताया है।
टोंक दौरा और जनसंपर्क
सचिन पायलट रविवार को अपने निर्वाचन क्षेत्र टोंक के सघन दौरे पर थे। उन्होंने देवपुरा, हरचंदेड़ा, भरनी और सोनवा सहित कई गांवों का भ्रमण किया।
दौरे के दौरान उन्होंने ग्रामीणों से सीधा संवाद किया और उनकी स्थानीय समस्याओं को जाना। पायलट ने देवपुरा गांव में एक नवनिर्मित लाइब्रेरी का लोकार्पण भी किया।
शिक्षा के महत्व पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में लाइब्रेरी जैसे संसाधन युवाओं के भविष्य के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। इससे युवाओं को नई दिशा मिलेगी।
राष्ट्रीय राजनीति पर पायलट के विचार
पायलट ने केरल, पुदुचेरी और असम के हालिया राजनीतिक घटनाक्रमों पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग ने केरल में चुनाव घोषित करने में काफी जल्दबाजी दिखाई।
कम समय मिलने के बावजूद कांग्रेस ने वहां मजबूती से चुनाव लड़ा है। पायलट ने विश्वास जताया कि केरल और असम में कांग्रेस की सरकार बनने की पूरी संभावना है।
असम के मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि उनकी अभद्र भाषा उनकी घबराहट का प्रमाण है। उन्होंने असम पुलिस के दुरुपयोग का भी आरोप लगाया।
किसानों की बदहाली और केंद्र सरकार
किसानों के मुद्दे पर पायलट ने केंद्र की मोदी सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि किसान देश की रीढ़ है, लेकिन उसे उसकी मेहनत का फल नहीं मिल रहा।
प्राकृतिक आपदाओं के समय किसानों को उचित मुआवजा नहीं मिलता। पायलट ने मांग की कि सरकार को किसानों को तत्काल राहत प्रदान करनी चाहिए ताकि वे संकट से उबर सकें।
घुसपैठ के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि भाजपा 12 साल से सत्ता में है। सभी संसाधन होने के बावजूद वे घुसपैठ रोकने में विफल रहे हैं, जो एक गंभीर चिंता का विषय है।
कार्यकर्ताओं में भरा नया जोश
निवाई में पायलट का भव्य स्वागत किया गया। दत्तवास मोड़ पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उन्हें पारंपरिक साफा पहनाया और फूलमालाओं से लाद दिया।
पायलट ने कार्यकर्ताओं को आगामी नगर पालिका और जिला परिषद चुनावों के लिए तैयार रहने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि संगठन की मजबूती ही हमारी जीत की चाबी है।
उन्होंने कार्यकर्ताओं से बूथ स्तर पर सक्रिय रहने को कहा। पायलट ने निर्देश दिए कि सरकार की संवेदनहीनता और महंगाई के मुद्दों को जनता के बीच प्रमुखता से ले जाएं।
महंगाई और बेरोजगारी की मार
सचिन पायलट ने कहा कि आज महंगाई ने आम आदमी की कमर तोड़ दी है। घरेलू गैस सिलेंडर और पेट्रोल-डीजल की कीमतें आसमान छू रही हैं, जिससे रसोई का बजट बिगड़ गया है।
बेरोजगारी पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि राजस्थान का युवा आज खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहा है। सरकार के पास युवाओं के लिए कोई ठोस योजना नहीं है।
पायलट ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने अपनी नीतियों में सुधार नहीं किया, तो जनता सड़कों पर उतरकर विरोध करेगी। कांग्रेस पार्टी जनहित के मुद्दों पर चुप नहीं बैठेगी।