जयपुर | कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सचिन पायलट ने जयपुर में मीडिया से बातचीत करते हुए केंद्र सरकार की कार्यशैली पर कड़े प्रहार किए। पायलट ने कहा कि सरकार लगातार ऐसे निर्णय ले रही है जिन्हें बाद में वापस लेना पड़ता है, जो सरकार की असहज स्थिति और भ्रम को दर्शाता है।
अग्निवीर और नीतिगत विफलता
पायलट ने अग्निवीर योजना को लेकर सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि शुरू से ही यह योजना युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ रही है। उन्होंने सवाल किया कि आखिर किन कारणों से सरकार को बार-बार इसमें बदलाव करना पड़ा और किसके दबाव में यह निर्णय लिए गए। उन्होंने इसे गंभीर मुद्दों पर सरकार का गैर-जिम्मेदाराना रवैया बताया।
चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप
चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर टिप्पणी करते हुए पायलट ने कहा कि ज्ञानेश कुमार के नेतृत्व में संस्था ने कई गैर-संवैधानिक कदम उठाए। उन्होंने वोटर लिस्ट से 13.5 करोड़ लोगों के नाम हटाने की कोशिश को लोकतंत्र के मूलभूत अधिकार पर हमला करार दिया। उन्होंने कहा कि अब जो सुधार किए जा रहे हैं, वे केवल अपनी गलतियों को छिपाने का प्रायश्चित हैं।
सरकार मनमाने तरीके से कभी नोटबंदी करती है, कभी कानून लाती है और फिर रोल बैक कर लेती है। यह सरकार पूरी तरह से कंफ्यूज्ड है और बैकफुट पर है।
पंजाब में भाजपा और 'आप' पर निशाना
पंजाब की स्थिति पर बोलते हुए पायलट ने कहा कि वहां आम आदमी पार्टी का जहाज डूब रहा है और भाजपा अपनी जमीन तलाशने में नाकाम रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने 12 वर्षों में पंजाब को नशा मुक्त करने या उद्योग देने के बजाय केवल खोखले वादे किए हैं। उन्होंने दावा किया कि जनता अब बदलाव चाहती है और कांग्रेस ही राज्य को प्रगति की राह पर वापस ला सकती है।
सत्ता का अहंकार और आत्मचिंतन
किरण रिजीजू के बयानों पर पलटवार करते हुए पायलट ने कहा कि सत्ता में बैठे लोगों को अहंकार छोड़कर युवाओं की पीड़ा समझनी चाहिए। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने जो मुद्दे उठाए हैं, वे देश की हकीकत हैं और सरकार को सोशल मीडिया पर चर्चा करने के बजाय आत्मचिंतन करना चाहिए।