राजस्थान की राजनीति के सबसे चर्चित चेहरों में से एक, पूर्व उपमुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता सचिन पायलट आज 7 सितंबर 2026 को अपना 49वां जन्मदिन मना रहे हैं।
सचिन पायलट न केवल अपनी राजनीतिक शैली, बल्कि अपने पढ़े-लिखे कॉर्पोरेट बैकग्राउंड और युवाओं के बीच जबरदस्त लोकप्रियता के लिए भी जाने जाते हैं।
सचिन पायलट: एक राजनेता के अनछुए पहलू
साल 2004 में मात्र 26 साल की उम्र में दौसा से चुनाव जीतकर सबसे युवा सांसद बनने वाले सचिन पायलट के जीवन में कई दिलचस्प पहलू हैं। उनके 49वें जन्मदिन के मौके पर, आइए जानते हैं उनके जीवन से जुड़े 10 खास और अनसुने तथ्य।
1. सेंट स्टीफंस कॉलेज और नेशनल शूटर
सचिन पायलट ने दिल्ली के सेंट स्टीफंस कॉलेज से बीए (ऑनर्स) की पढ़ाई की है। कॉलेज के दिनों में वे एक बेहतरीन निशानेबाज थे और उन्होंने राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में दिल्ली का प्रतिनिधित्व किया था।
2. व्हार्टन स्कूल से MBA
बहुत कम भारतीय राजनेताओं के पास वैश्विक स्तर की मैनेजमेंट डिग्री है। पायलट ने अमेरिका के पेंसिल्वेनिया विश्वविद्यालय के प्रतिष्ठित व्हार्टन स्कूल से MBA की डिग्री पूरी की है।
3. BBC और GE में कॉर्पोरेट अनुभव
सक्रिय राजनीति में आने से पहले, सचिन पायलट ने एक कॉर्पोरेट प्रोफेशनल के तौर पर काम किया। उन्होंने वाशिंगटन डीसी में बीबीसी के ब्यूरो ऑफिस और जनरल इलेक्ट्रिक में भी अपनी सेवाएं दीं।
4. चर्चित प्रेम कहानी
सचिन पायलट और सारा अब्दुल्ला (फारूक अब्दुल्ला की बेटी) का विवाह काफी चर्चा में रहा था। शुरुआती राजनीतिक मतभेदों के बावजूद, दोनों ने दिल्ली में सादगी से शादी की।
5. सबसे युवा सांसद का रिकॉर्ड
पिता राजेश पायलट के निधन के बाद, सचिन ने 2004 में 26 साल की उम्र में दौसा लोकसभा सीट से जीत हासिल की। इसके साथ ही उन्होंने देश के सबसे कम उम्र के सांसद बनने का रिकॉर्ड बनाया।
6. टेरिटोरियल आर्मी में कैप्टन
सचिन पायलट देश के पहले ऐसे केंद्रीय मंत्री हैं, जिन्होंने मंत्री रहते हुए प्रादेशिक सेना (Territorial Army) की परीक्षा पास की। वे सिख रेजिमेंट में कैप्टन के पद पर हैं।
7. कमर्शियल पायलट का लाइसेंस
उनके पिता भारतीय वायुसेना में फाइटर पायलट थे। उन्हीं के नक्शेकदम पर चलते हुए सचिन के पास भी कमर्शियल पायलट लाइसेंस (CPL) है और उन्हें विमान उड़ाने का शौक है।
8. रफ्तार और ड्राइविंग का शौक
सचिन को तेज कारों और ड्राइविंग का बहुत शौक है। वे युवा दिनों में फॉर्मूला-1 रेसिंग और एडवेंचर स्पोर्ट्स के शौकीन रहे हैं।
9. सबसे युवा प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष
2013 में कांग्रेस की हार के बाद, उन्हें केवल 36 साल की उम्र में राजस्थान कांग्रेस का अध्यक्ष बनाया गया। वे प्रदेश के इतिहास में सबसे कम उम्र के पीसीसी चीफ बने।
10. 'साफा' न बांधने का संकल्प
2014 में प्रदेश अध्यक्ष बनने पर उन्होंने प्रण लिया था कि जब तक वे राज्य में कांग्रेस की सरकार वापस नहीं लाएंगे, तब तक पारंपरिक 'साफा' (पगड़ी) नहीं पहनेंगे। उन्होंने 2018 में जीत के बाद ही साफा बांधा।