जयपुर | कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने NEET पेपर लीक मामले को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। जयपुर में एक छात्र-संवाद कार्यक्रम में उन्होंने मांग की कि अयोध्या के राम मंदिर से चोरी हुए और जब्त किए गए चंदे के पैसे, NEET मुद्दे से परेशान होकर आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को दिए जाने चाहिए।
पायलट ने छात्रों के प्रदर्शन पर सरकार को घेरा
सचिन पायलट ने जयपुर में डॉ. अम्बेडकर मेमोरियल वेलफेयर सोसाइटी के परिसर में आयोजित 'छात्रों की गूंज' अभियान के तहत एक कार्यक्रम में भाग लिया। यह अभियान राहुल गांधी के आह्वान पर देश भर में चलाया जा रहा है।
दिल्ली में छात्रों पर लाठीचार्ज की निंदा
मीडिया से बात करते हुए पायलट ने कहा, "पूरे देश में आज नौजवानों के सब्र का बांध टूट रहा है।"
उन्होंने दिल्ली में छात्रों पर हुए हिंसक हमले का जिक्र करते हुए कहा, "देश की राजधानी में जिस प्रकार निहत्थे मासूम बच्चों के ऊपर लाठी चार्ज हुआ, आंसू गैस के गोले दागे गए, कपड़े फाड़े गए, उनके हाथ-पैर तोड़ दिए गए, वे अस्पताल में भर्ती हैं।"
पायलट ने कहा कि छात्रों ने कोई गुनाह नहीं किया था, वे सिर्फ अपनी बात रखने के लिए राजधानी गए थे। उन्होंने सरकार पर संवेदनहीन और संवादहीन होने का आरोप लगाया।
NEET पेपर लीक और आत्महत्याओं पर पायलट का सुझाव
पायलट ने पेपर लीक की समस्या को एक 'कैंसर' बताया जो समाज में नौजवानों के लिए असहनीय हो गया है।
उन्होंने कहा, "पिछले 10 साल में 150 पेपर लीक हो गए हैं। यह बर्दाश्त के बाहर है।"
उन्होंने दुख व्यक्त करते हुए कहा, "जो मासूम बच्चे जिन्होंने दुख में, डिप्रेशन में अपनी आत्महत्या कर ली है, इससे बड़ा क्या दुख हो सकता है।"
राम मंदिर के चोरी हुए चंदे का पैसा पीड़ित परिवारों को मिले
इस मुद्दे पर एक अनोखा सुझाव देते हुए पायलट ने कहा, "मैं तो चाहता हूं कि सरकार ने अभी हाल ही में अयोध्या के राम मंदिर में जो चंदा चोरी के पैसे पकड़े हैं, जब्त किए हैं... क्यों न वो उन परिवार वालों को दे दें, उनकी मदद करने के लिए उन गरीब परिवार वालों को जिन्होंने अपने बच्चे खोए हैं।"
उन्होंने इसे सरकार के लिए अपने पाप धोने और पश्चाताप करने का एक तरीका बताया।
शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग
सचिन पायलट ने शिक्षा मंत्री पर भी निशाना साधा और उन्हें बर्खास्त करने की मांग की।
उन्होंने कहा, "शिक्षा मंत्री जी को नैतिकता के आधार पर अब तो मुझे लगता है इस्तीफा नहीं उनको बर्खास्त कर देना चाहिए।"
पायलट ने तर्क दिया कि पूरा देश समझ चुका है कि मंत्री के रहते हुए ही बार-बार पेपर लीक जैसे कुकर्म हुए हैं।
'बड़े मगरमच्छों' को बचाने का आरोप
उन्होंने सरकार की जांच प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए। पायलट ने कहा, "जैसे चंदा चोरी पकड़ी गई अयोध्या में, तो एफआईआर में नाम किसका है? एक ड्राइवर का है, एक बाबू का है, एक चपरासी का है। बड़े मगरमच्छ बच रहे हैं।"
उन्होंने कहा कि भाजपा बार-बार इन 'बड़े मगरमच्छों' को पकड़ने का वादा करती है, लेकिन कुछ नहीं होता।
विदेशी साजिश के आरोपों को किया खारिज
सरकार द्वारा इस मुद्दे को विदेशी साजिश से जोड़ने के प्रयासों को पायलट ने 'निम्न स्तर के एक्सक्यूज' बताया।
उन्होंने कहा, "बच्चों को अब यह कहना कि विदेशी साजिश है, विदेशी फंडिंग है, सरकार को अस्थिर कर रहे हैं... यह सब बहुत निम्न स्तर के एक्सक्यूज हैं।"
पायलट के अनुसार, हकीकत यह है कि नौजवानों का व्यवस्था से विश्वास टूट रहा है और उनमें आक्रोश पनप रहा है।
'युवा देश की सामूहिक संपत्ति'
पायलट ने जोर देकर कहा, "हमारे देश की सबसे बड़ी संपत्ति... हमारे देश के नौजवान हैं। और उनको अगर आप अंधकार में धकेल रहे हैं तो कौन घर बैठ सकता है?"
उन्होंने कहा कि कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल नौजवानों के हितों के लिए संघर्ष करते रहेंगे।
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