Jaipur।
Sachin Pilot Vs Ashok Gehlot: अपनी ही सरकार के खिलाफ अनशन पर बैठे सचिन पायलट, राजस्थान में कौन है ताकतवर, किसका रहेगा दबदबा
HIGHLIGHTS
- पायलट के अनशन शुरू होने के बाद राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने एक वीडियो मैसेज जारी कर एक बार फिर मिशन 2030 की बात दोहराई। उन्होंने कहा- मैंने तय किया है कि 2030 तक राजस्थान को देश का नंबर वन राज्य बनाना है। पायलट के अनशन के बीच मिशन 2030 की बात दोहराने के भी सियासी मायने निकाले जा रहे हैं।
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राजस्थान के पूर्व उपमुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सचिन पायलट अपनी ही सरकार के विरोध में 11 अप्रैल से भूख हड़ताल पर हैं. यह कदम राजस्थान में चल रहे राजनीतिक नाटक में एक महत्वपूर्ण घटना है।
पायलट पूर्व सीएम वसुंधरा राजे और बीजेपी के शासन में हुए घोटालों की जांच की मांग को लेकर सीएम गहलोत सरकार के खिलाफ अनशन पर बैठे हैं। वे सुबह अपने समर्थकों के साथ यहां पहुंचे। ऐसा कहा जा रहा है कि वे शाम तक कोई अलग पॉलिटिकल लाइन ले सकते हैं।
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पायलट के अनशन से पहले रंधावा का शाॅट
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इधर, पायलट के अनशन शुरू होने के बाद राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने एक वीडियो मैसेज जारी कर एक बार फिर मिशन 2030 की बात दोहराई। उन्होंने कहा- मैंने तय किया है कि 2030 तक राजस्थान को देश का नंबर वन राज्य बनाना है। पायलट के अनशन के बीच मिशन 2030 की बात दोहराने के भी सियासी मायने निकाले जा रहे हैं।
वहीं राजस्थान के AICC प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा के अनुसार सचिन पायलट का प्रस्तावित दिन भर का उपवास कांग्रेस पार्टी के हितों के खिलाफ है। कांग्रेस आलाकमान का फैसला पायलट समर्थकों के लिए भी एक चेतावनी है जो शायद उनके विरोध में शामिल होने की योजना बना रहे थे।
आलाकमान का फैसला इस बात का स्पष्ट संकेत है कि वह युवा नेता के प्रति किसी तरह के सुलह के मूड में नहीं है, जो महसूस करता है कि कांग्रेस की 2018 की जीत के बाद वह मुख्यमंत्री पद से वंचित हो गया था।
दूसरी ओर सचिन पायलट की शिकायत है कि अशोक गहलोत ने बीजेपी सरकार में हुए भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई नहीं की है।