सांचौर | राजस्थान के सांचौर में पुलिस ने एक ऐसे युवक को गिरफ्तार किया है, जो इंस्टाग्राम पर खुद को एमडी ड्रग्स सप्लायर बताकर रील पोस्ट करता था।
आरोपी ने सोशल मीडिया पर भारी मात्रा में ड्रग्स दिखाकर खरीद के लिए व्हाट्सएप नंबर भी जारी किया था। इससे इलाके में भ्रम फैल गया था।
पुलिस जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि युवक के पास असल में कोई ड्रग्स नहीं थी। वह केवल व्यूज और फॉलोअर्स बढ़ाने के लिए फर्जी वीडियो बना रहा था।
रविवार शाम पुलिस ने साइबर सेल की तकनीकी मदद से आरोपी को धर दबोचा। पुलिस ने बताया कि आरोपी युवाओं को गुमराह करने का प्रयास कर रहा था।
यूट्यूब और एआई का किया गलत इस्तेमाल
आरोपी युवक यूट्यूब से नशीले पदार्थों से संबंधित पुराने वीडियो डाउनलोड करता था। इसके बाद वह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) टूल्स का उपयोग कर उन्हें एडिट करता था।
इन वीडियो को वह अपनी इंस्टाग्राम आईडी पर अपलोड कर खुद को बड़ा तस्कर साबित करने की कोशिश करता था। वह डिजिटल तकनीक का दुरुपयोग कर रहा था।
"मामले की गंभीरता को देखते हुए सांचौर थानाधिकारी नेमाराम के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई थी। जांच में पाया गया कि आरोपी केवल दिखावे के लिए यह सब कर रहा था।"
कानून व्यवस्था और पुलिस की सख्त कार्रवाई
इन फर्जी वीडियो के कारण सांचौर क्षेत्र में कानून व्यवस्था को लेकर भ्रम और चिंता की स्थिति पैदा हो गई थी। आम जनता में डर का माहौल बन रहा था।
पुलिस ने आरोपी की फर्जी इंस्टाग्राम आईडी को तुरंत बंद करवाने के लिए मेटा कंपनी को पत्र भी भेजा है। पुलिस ने चेतावनी दी है कि भ्रामक जानकारी फैलाने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
यह मामला डिजिटल युग में रील के बढ़ते जुनून के गंभीर परिणामों को दर्शाता है। युवाओं को सलाह दी गई है कि वे सोशल मीडिया का उपयोग जिम्मेदारी से करें।
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