सिरोही, 28 सितंबर 2026। सिरोही के पूर्व विधायक एवं कांग्रेस नेता संयम लोढ़ा को कथित तौर पर निशाना बनाने की साजिश की जांच में एक और महत्वपूर्ण गिरफ्तारी हुई है। राजस्थान पुलिस और एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स की संयुक्त टीम ने हरियाणा के सोनीपत से साहिल नामक आरोपी को गिरफ्तार किया है।
पुलिस अनुसंधान में विदेश से आपराधिक नेटवर्क संचालित करने वाले आरजू बिश्नोई की कथित भूमिका भी सामने आई है। जांच एजेंसियां अब इस कथित साजिश की पूरी कमांड चेन, उद्देश्य, फंडिंग और राजस्थान में उपलब्ध कराई गई लॉजिस्टिक सहायता की जांच कर रही हैं।
साहिल की गिरफ्तारी से जांच में नया मोड़
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार साहिल पर कथित योजना के लिए लॉजिस्टिक व्यवस्था उपलब्ध कराने में भूमिका निभाने का आरोप है। जांच में यह पता लगाया जा रहा है कि शूटरों के ठहरने, फार्म हाउस की रेकी और वारदात के बाद उन्हें राजस्थान से बाहर निकालने की तैयारियों में किन लोगों ने सहायता की थी।
इस गिरफ्तारी के बाद जांच केवल गिरफ्तार शूटरों तक सीमित नहीं रही है। पुलिस अब उन लोगों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है जिन्होंने कथित तौर पर जमीन पर इस नेटवर्क के लिए सुरक्षित ठिकाने, वाहन, स्थानीय जानकारी अथवा अन्य संसाधन उपलब्ध कराए।
सिरोही में पहले मिल चुकी हैं कई अहम कड़ियां
इस मामले की जांच का सबसे महत्वपूर्ण केंद्र सिरोही बना हुआ है। thinQ360 पहले भी रिपोर्ट कर चुका है कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के बाद पूर्व विधायक संयम लोढ़ा के सिरोही स्थित फार्म हाउस की कथित रेकी किए जाने की जानकारी सामने आई थी।
पुलिस जांच में यह दावा भी सामने आया कि रेकी के बाद कथित वारदात के लिए पंजाब के दो इनामी शूटर जसकरण सिंह उर्फ करण उर्फ सन्नी उर्फ कट्टा और राजिंदर उर्फ बिल्ला को बुलाया गया था। दोनों आरोपियों को बाद में जोधपुर से गिरफ्तार किया गया।
शूटरों के मोबाइल में मिली थीं लोढ़ा की तस्वीरें
जांच एजेंसियों को गिरफ्तार शूटरों के मोबाइल फोन में संयम लोढ़ा की तस्वीरें मिलने की बात सामने आई थी। पुलिस मोबाइल फोन, कॉल रिकॉर्ड, मैसेजिंग एप और अन्य डिजिटल साक्ष्यों के माध्यम से यह जानने का प्रयास कर रही है कि लोढ़ा की तस्वीरें और उनकी गतिविधियों से संबंधित जानकारी आरोपियों तक किसने पहुंचाई।
पुलिस यह भी जांच रही है कि तस्वीरें और मूवमेंट से संबंधित जानकारी सार्वजनिक स्रोतों से हासिल की गई थी या आरोपियों को किसी स्थानीय व्यक्ति ने यह जानकारी उपलब्ध कराई थी।
सिरोही में बाइक खरीदने के सीसीटीवी फुटेज
जांच में एक और महत्वपूर्ण कड़ी उस समय सामने आई जब शूटरों के सिरोही में मोटरसाइकिल खरीदने से संबंधित सीसीटीवी फुटेज पुलिस को मिले। पुलिस फुटेज, बाइक की खरीद से जुड़े रिकॉर्ड और भुगतान के तरीके की जांच कर रही है।
यह कड़ी आरोपियों की सिरोही में मौजूदगी और उनकी गतिविधियों की समय-रेखा तैयार करने में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि बाइक खरीदने के लिए आरोपियों ने असली पहचान का उपयोग किया था या फर्जी दस्तावेजों और संपर्कों की सहायता ली गई।
अरठवाड़ा के पास होटल में करीब 14 घंटे रुके
thinQ360 की पिछली रिपोर्ट के अनुसार गिरफ्तार शूटर सिरोही के अरठवाड़ा क्षेत्र के पास स्थित एक होटल में करीब 14 घंटे तक रुके थे। जांच एजेंसियां होटल में उनके प्रवेश, ठहरने, भुगतान और वहां से रवाना होने के समय से जुड़े रिकॉर्ड की जांच कर रही हैं।
पुलिस के सामने महत्वपूर्ण सवाल यह है कि बाहर से आए आरोपी सिरोही में किन लोगों के संपर्क में थे और क्या उन्हें ठहरने, परिवहन अथवा स्थानीय गतिविधियों की जानकारी के लिए किसी प्रकार की सहायता उपलब्ध कराई गई थी।
फार्म हाउस पर भीड़ के कारण बदली कथित योजना
पुलिस जांच से जुड़ी प्रारंभिक जानकारी के अनुसार संयम लोढ़ा के फार्म हाउस पर पार्षदों और अन्य लोगों की मौजूदगी के कारण आरोपियों को कथित वारदात का अवसर नहीं मिला। इसके बाद योजना बदलने और शूटरों के जोधपुर पहुंचने की बात सामने आई थी।
जोधपुर पहुंचने के बाद दोनों इनामी शूटरों को एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स और स्थानीय पुलिस ने गिरफ्तार किया। मामले का खुलासा होने के बाद पूर्व विधायक संयम लोढ़ा की सुरक्षा भी बढ़ाई गई।
लोढ़ा के मूवमेंट की जानकारी गैंग तक कैसे पहुंची?
साहिल की गिरफ्तारी के बाद जांच का सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह है कि संयम लोढ़ा की दिनचर्या, आवाजाही, फार्म हाउस और वहां मौजूद लोगों की जानकारी कथित गैंग नेटवर्क तक किस माध्यम से पहुंच रही थी।
पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि क्या आरोपियों को सिरोही में किसी स्थानीय नेटवर्क का सहयोग मिला था, क्या रेकी करने वालों को लोढ़ा की गतिविधियों की जानकारी पहले से दी गई थी और इस कथित साजिश के पीछे वास्तविक उद्देश्य क्या था।
किसी स्थानीय व्यक्ति की भूमिका को लेकर पुलिस की ओर से अभी कोई अंतिम निष्कर्ष सार्वजनिक नहीं किया गया है। इसलिए स्थानीय नेटवर्क से संबंधित आशंकाएं फिलहाल जांच का विषय हैं।
पूरी कमांड चेन तक पहुंचने की चुनौती
इस मामले में शूटरों और कथित रेकी से जुड़े कई आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। साहिल की गिरफ्तारी को जांच की अगली महत्वपूर्ण कड़ी माना जा रहा है। पुलिस कथित साजिश की कमांड चेन, फंडिंग, वाहनों और ठहरने की व्यवस्था, मोबाइल संपर्कों तथा स्थानीय स्तर पर संभावित सहायता की जांच कर रही है।
फिलहाल सिरोही इस पूरी जांच के केंद्र में है। फार्म हाउस की कथित रेकी, आरोपियों का स्थानीय क्षेत्र में ठहरना और बाइक खरीदने जैसे तथ्य सामने आ चुके हैं। साहिल से पूछताछ के बाद यह स्पष्ट हो सकता है कि बाहर से संचालित बताए जा रहे नेटवर्क की सिरोही में जमीनी कड़ी कहां तक फैली हुई थी।
नोट: मामला पुलिस जांच के अधीन है। आरोपियों से जुड़े दावे जांच एजेंसियों और उपलब्ध पुलिस अनुसंधान पर आधारित हैं। अदालत में आरोप सिद्ध होने तक संबंधित व्यक्तियों को दोषी नहीं माना जा सकता।