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33 की उम्र में टीम इंडिया में: 33 साल के सारांश का टीम इंडिया में चयन, बोले- उम्र नहीं प्रदर्शन मायने रखता

Pradeep Beedawat · 31 जुलाई 2026, 12:00 दोपहर
33 साल के स्पिन ऑलराउंडर सारांश जैन को भारतीय टेस्ट टीम में चुना गया है। उन्होंने कहा कि क्रिकेट में उम्र नहीं, प्रदर्शन और फिटनेस मायने रखते हैं। पिता को कैंसर होने पर उन्होंने क्रिकेट छोड़ दिया था।

इंदौर |

मध्यप्रदेश के स्पिन ऑलराउंडर सारांश जैन 33 साल की उम्र में भारतीय टेस्ट टीम में चुने गए हैं। चयन के बाद सारांश ने कहा कि क्रिकेट में उम्र नहीं, बल्कि प्रदर्शन और फिटनेस मायने रखते हैं।

सारांश ने यह भी बताया कि 2014-15 में पिता को कैंसर होने के बाद उन्होंने क्रिकेट छोड़ दिया था। हालांकि, पिता ने सर्जरी के बाद एक पर्ची लिखकर उन्हें क्रिकेट जारी रखने के लिए प्रेरित किया।

भारतीय टेस्ट टीम में चयन की खबर कैसे मिली?

सारांश ने बताया, "जब भारतीय टीम का ऐलान हुआ, तब मैं सुबह हनुमान मंदिर में था। मुझे पता था कि टीम दोपहर में घोषित होनी है।"

उन्होंने आगे कहा, "मंदिर से बाहर निकला तो कई मिस्ड कॉल और मैसेज थे। तभी टीममेट पार्थ साहनी का फोन आया। उन्होंने बधाई दी और बताया कि सिलेक्शन हो गया है।"

सारांश ने कहा, "पहले तो मुझे विश्वास नहीं हुआ। पार्थ ने मुझे स्क्रीनशॉट भी भेजा। अपना नाम देखकर मैं बहुत ज्यादा खुश हो गया। कई सालों से मैं और मेरा परिवार इस पल का सपना देख रहे थे।"

सीधे टेस्ट टीम में जगह, क्या उम्मीद थी?

इस सवाल पर सारांश ने कहा, "पिछले तीन-चार साल से मेरा प्रदर्शन अच्छा रहा है। सिलेक्टर्स ने उस प्रदर्शन को नोटिस किया और उसी का मुझे इनाम मिला।"

33 की उम्र में चयन पर क्या कहेंगे?

सारांश ने कहा, "मैं हमेशा कहता हूं कि उम्र सिर्फ एक नंबर है। आज के समय में अगर आप फिट हैं और मेहनत करते हैं तो मैदान पर उम्र दिखाई नहीं देती। मुझे भरोसा था कि आज नहीं, तो एक-दो साल में मैं भारत के लिए जरूर खेलूंगा।"

फिटनेस रूटीन और डाइट क्या है?

उन्होंने बताया, "कुछ खास नहीं, हमारे ट्रेनर मयंक अग्रवाल जो भी बताते हैं, उसी के अनुसार ट्रेनिंग करता हूं। डाइट में भी उनकी सलाह मानता हूं। ज्यादा मीठा और ऑयली खाना नहीं खाता।"

करियर में चंद्रकांत पंडित की भूमिका?

सारांश ने कहा, "उन्होंने मुझे लगातार मौके दिए। जब वे एमपी के कोच बने तो उन्होंने मुझ पर भरोसा दिखाया। उन्होंने मंच दिया और मैंने उनको निराश नहीं किया।"

टेस्ट डेब्यू को लेकर क्या सोच रहे हैं?

उन्होंने कहा, "डेब्यू मेरे हाथ में नहीं है। यह फैसला कोच और कप्तान का होगा। हेड कोच गौतम भाई और शुभमन गिल दोनों काफी ओपन माइंडेड हैं। उनका जो भी फैसला होगा, मैं उसे खुशी-खुशी स्वीकार करूंगा।"

सबसे उम्रदराज डेब्यू करने वाले खिलाड़ी बनेंगे?

इस पर उन्होंने कहा, "मेरे लिए यह बहुत गर्व की बात होगी। इससे उन घरेलू खिलाड़ियों को भी प्रेरणा मिलेगी, जिनकी उम्र थोड़ी ज्यादा हो गई है।"

टीम में अपनी जगह कहां देखते हैं?

सारांश ने कहा, "जहां भी टीम मुझे मौका देगी, मैं वहां अपना 100% दूंगा। किसी भी नंबर पर बल्लेबाजी करनी पड़े, मैं तैयार हूं।"

रजत, वेंकटेश और आवेश से कितनी प्रेरणा मिली?

उन्होंने कहा, "बिल्कुल। जब आप उसी टीम में खेल रहे हों, जहां वेंकटेश अय्यर, आवेश खान, रजत पाटीदार जैसे खिलाड़ी हों, तो उन्हें देखकर काफी मोटिवेशन मिलता है। अगर वे यहां से भारतीय टीम तक पहुंच सकते हैं तो मैं भी पहुंच सकता हूं।"

सफलता का श्रेय किसे देंगे?

सारांश ने अपनी सफलता का श्रेय परिवार और पत्नी को दिया। उन्होंने कहा, "माता-पिता, भाई-बहनों ने हर कदम पर मेरा साथ दिया। शादी 2022 में हुई और उसके बाद जिंदगी में काफी बदलाव आए। मैं मजाक में पत्नी को अपना 'लेडी लक' कहता हूं।"

जीवन का सबसे कठिन दौर कौन सा था?

सारांश ने बताया, "2014-15 में पिता को मुंह का कैंसर हो गया था। उस समय परिवार और क्रिकेट के बीच संतुलन बनाना मुश्किल हो गया था। हालात ऐसे थे कि मैंने क्रिकेट छोड़ने तक का मन बना लिया था।"

उन्होंने आगे बताया, "सर्जरी के बाद पिता बोल नहीं सकते थे। उन्होंने एक कागज पर लिखकर मुझे संदेश दिया- 'मैं ठीक हूं बेटा, तुम बस अच्छा क्रिकेट खेलो, मैं जल्दी ठीक हो जाऊंगा।' वही चिट्ठी मेरे लिए सबसे बड़ी प्रेरणा बन गई। उसकी तस्वीर आज भी मेरे फोन में है।"

क्रिकेट की शुरुआत कैसे हुई?

सारांश ने कहा, "मेरे पिता भी रणजी क्रिकेटर रहे हैं। क्रिकेट खेलने की प्रेरणा मुझे उन्हीं से मिली। वह भारत के लिए नहीं खेल पाए, इसलिए हमेशा चाहते थे कि मैं टीम इंडिया को रिप्रेजेंट करूं। भारतीय टीम में चयन मेरे साथ-साथ उनके सपने के पूरा होने जैसा भी है।"

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