सवाईमाधोपुर | राज्य सरकार के महत्वाकांक्षी 'हरियालो राजस्थान' अभियान के तहत सवाई माधोपुर जिले में हरियाली बढ़ाने की बड़ी तैयारी की गई है। विश्व पर्यावरण दिवस, यानी 5 जून, से इस अभियान का आगाज होगा। जिले को कुल 23 लाख 17 हजार पौधे लगाने का विशाल लक्ष्य मिला है।
इस बड़े लक्ष्य को हासिल करने के लिए वन विभाग पूरी तरह से मुस्तैद है। विभाग ने जिले भर की 9 नर्सरियों में लाखों पौधे तैयार कर लिए हैं, जिनका वितरण 5 जून से शुरू कर दिया जाएगा।
हरियालो राजस्थान अभियान: एक बड़ा लक्ष्य
सामाजिक वानिकी विभाग की सहायक वन संरक्षक मनीषा शर्मा ने इस अभियान के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सवाई माधोपुर के विभिन्न विभागों को मिलकर 23 लाख 17 हजार पौधे लगाने का लक्ष्य दिया गया है।
मनीषा शर्मा ने कहा, "हमारा उद्देश्य ज्यादा से ज्यादा लोगों और विभागों को पौधारोपण से जोड़कर जिले में हरियाली बढ़ाना है।"
इस लक्ष्य की पूर्ति के लिए वन विभाग ने बड़े पैमाने पर तैयारी की है। जिले की विभिन्न नर्सरियों में पौधे तैयार किए गए हैं ताकि अभियान को सफल बनाया जा सके।
विभिन्न नर्सरियों में पौधों की संख्या
वन विभाग के आंकड़ों के अनुसार, आलनपुर नर्सरी में 3 लाख 64 हजार पौधे तैयार हैं। वहीं, गंगापुर सिटी में 2 लाख 70 हजार और बौंली में 1 लाख 40 हजार पौधे उपलब्ध हैं।
इसी तरह सिंथोली में 1 लाख 40 हजार, चौथ का बरवाड़ा में 1 लाख 30 हजार, मलारना डूंगर में 1 लाख 20 हजार, भगवतगढ़ में 1 लाख और कुशलपुरा नर्सरी में 50 हजार पौधे तैयार किए गए हैं।
वन विभाग की तैयारी: 9 नर्सरियों में 14 लाख पौधे
वन विभाग ने लक्ष्य को पूरा करने के लिए जिले की 9 नर्सरियों में कुल 14 लाख 7 हजार पौधे तैयार किए हैं। इन नर्सरियों में आलनपुर, भगवतगढ़, चौथ का बरवाड़ा, बौंली, गंगापुर सिटी, कुशलपुरा, टटवाड़ा, मलारना डूंगर और सिंथोली शामिल हैं।
इन तैयार पौधों को विभिन्न सरकारी विभागों, स्वयंसेवी संस्थाओं और आम लोगों को उपलब्ध कराया जाएगा ताकि सामूहिक भागीदारी से पौधारोपण हो सके।
आलनपुर नर्सरी में 52 प्रजातियां
जिला मुख्यालय पर स्थित आलनपुर नर्सरी में सबसे अधिक विविधता देखने को मिल रही है। यहां इस बार 52 अलग-अलग प्रजातियों के पौधे तैयार किए गए हैं।
इनमें नीम, मीठा नीम, पीपल, अशोक, शीशम, सागवान, गुड़हल और तुलसी जैसे कई उपयोगी, छायादार और औषधीय पौधे शामिल हैं, जिन्हें लोग अपनी पसंद के अनुसार ले सकते हैं।
इस अभियान का मुख्य उद्देश्य जिले में हरित क्षेत्र को बढ़ाना और पर्यावरण संरक्षण के प्रति लोगों में जागरूकता लाना है। विभागों और आम जनता की सक्रिय भागीदारी से ही यह अभियान सफल हो पाएगा और सवाई माधोपुर को और भी हरा-भरा बनाया जा सकेगा।
*Edit with Google AI Studio