नोएडा |
11 साल बाद सावन का संयोग: 11 साल बाद 2015 जैसा सावन, पर राखी एक दिन पहले
11 साल बाद सावन का कैलेंडर 2015 जैसा बन रहा है, जिसमें सोमवार की तारीखें समान हैं। हालांकि, रक्षाबंधन इस बार एक दिन पहले 28 अगस्त को मनाया जाएगा।
HIGHLIGHTS
- 11 साल बाद सावन का कैलेंडर वर्ष 2015 जैसा बना है।
- सावन के सोमवार 3, 10, 17 और 24 अगस्त को पड़ेंगे, जो 2015 के समान हैं।
- इस वर्ष रक्षाबंधन 28 अगस्त को है, जबकि 2015 में 29 अगस्त को था।
- डाक विभाग ने राखियों को सुरक्षित भेजने के लिए वाटरप्रूफ लिफाफे जारी किए हैं।
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सावन का पवित्र महीना शुरू हो चुका है और भक्त पूरी श्रद्धा के साथ भगवान शिव की आराधना में लीन हैं। शिवालयों में जलाभिषेक और फलों के रस से भोलेनाथ को प्रसन्न करने का क्रम जारी है।
इस वर्ष का सावन कई मायनों में बेहद खास और अद्भुत संयोग लेकर आया है। ज्योतिषीय गणना के अनुसार, ठीक 11 साल बाद सावन का कैलेंडर वर्ष 2015 के जैसा बन रहा है, जो इसे और भी विशेष बनाता है।
11 साल बाद बना अद्भुत संयोग
इस बार सावन में एक दुर्लभ संयोग देखने को मिल रहा है। 30 जुलाई से शुरू हुए सावन महीने में सोमवार की सभी तारीखें वही हैं जो वर्ष 2015 में थीं।
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इस कैलेंडर के अनुसार, इस बार सावन के सोमवार क्रमशः 3, 10, 17 और 24 अगस्त को पड़ेंगे। यह तारीखें ठीक वैसी ही हैं जैसी 11 साल पहले थीं।
हालांकि, इस समानता के बीच एक छोटा सा अंतर भी है। वर्ष 2015 में रक्षाबंधन का पर्व 29 अगस्त को मनाया गया था, जबकि इस बार यह त्योहार एक दिन पहले यानी 28 अगस्त को ही मनाया जाएगा। इसी दिन सावन मास का समापन भी होगा।
क्यों दोहराया जाता है कैलेंडर का पैटर्न?
ज्योतिषियों के अनुसार, इस तरह का संयोग ग्रेगोरियन यानी अंग्रेजी कैलेंडर, हिंदू पंचांग और अधिक मास के जटिल गणितीय गणनाओं का परिणाम होता है।
एक सामान्य वर्ष में 365 दिन होते हैं, जिससे हर साल तारीखों का वार एक दिन आगे बढ़ जाता है। वहीं, लीप वर्ष में 366 दिन होने के कारण यह वार दो दिन आगे खिसक जाता है।
इसी गणितीय क्रम के कारण कुछ वर्षों के अंतराल पर कैलेंडर का पैटर्न खुद को दोहराता है। 2015 और इस वर्ष सावन के सोमवार का एक ही तारीख पर पड़ना इसी ज्योतिषीय संयोग का एक सटीक उदाहरण है।
इस बार रक्षाबंधन पर नहीं रहेगा भद्रा का साया
बहनों के लिए इस बार एक और अच्छी खबर है। पंडित तपेश अवस्थी ने बताया कि इस वर्ष रक्षाबंधन पर भद्रा का साया नहीं रहेगा।
श्रावण शुक्ल पूर्णिमा 28 अगस्त को दिन में 09:48 बजे तक रहेगी, इसलिए रक्षाबंधन का त्योहार पूरे दिन मनाया जा सकेगा।
शास्त्रों के अनुसार, रक्षाबंधन में भद्रा को टाला जाता है। इस वर्ष भद्रा 27 अगस्त को ही समाप्त हो जाएगी, जिससे बहनें पूरे दिन अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांध सकेंगी।
रक्षाबंधन के लिए सजे बाजार
रक्षाबंधन पर्व को लेकर शहर के बाजार पूरी तरह से सज चुके हैं। दूर-दराज रहने वाले भाइयों के लिए बहनों ने राखियों की खरीदारी भी शुरू कर दी है।
बाजार में पारंपरिक राखियों की मांग सबसे अधिक है, जिनमें रेशम के धागे, रुद्राक्ष, तुलसी के बीज और चंदन की खुशबू वाली राखियां शामिल हैं।
इसके अलावा, कुंदन वर्क, मेटल ब्रेसलेट और स्टाइलिश डिजाइन वाली राखियां भी खूब पसंद की जा रही हैं। ब्रेसलेट राखियों की खासियत यह है कि इन्हें बाद में कंगन के तौर पर भी इस्तेमाल किया जा सकता है।
बच्चों को लुभाने के लिए स्पाइडरमैन, छोटा भीम और मोटू-पतलू जैसे कार्टून किरदारों वाली राखियां बाजार में आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं।
डाक विभाग की विशेष तैयारी
बारिश के मौसम को ध्यान में रखते हुए डाक विभाग ने भी खास इंतजाम किए हैं। राखियों और मिठाइयों को सुरक्षित रूप से भेजने के लिए वाटरप्रूफ लिफाफे और बॉक्स जारी किए गए हैं।
अट्टा मंदिर डाकघर के पोस्टमास्टर रतन सिंह मीणा ने बताया कि ये वाटरप्रूफ बॉक्स तीन अलग-अलग आकारों और डिजाइनों में उपलब्ध हैं।
इनकी कीमत 10, 15 और 30 रुपए निर्धारित की गई है। इन बॉक्स और लिफाफों पर आकर्षक राखी के डिजाइन भी छापे गए हैं ताकि वे त्योहार का एहसास दे सकें।
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