लाइफ स्टाइल

SBI बैंक 6 दिन बंद: SBI बैंक कल से 6 दिन बंद: आज ही निपटाएं जरूरी काम

प्रदीप बीदावत · 22 मई 2026, 11:59 दोपहर
23 से 28 मई तक SBI में कामकाज प्रभावित रहेगा, जानें क्या है पूरी वजह।

नई दिल्ली | देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के करोड़ों ग्राहकों के लिए एक बेहद जरूरी खबर सामने आई है। अगर आपका बैंक शाखा से संबंधित कोई भी आवश्यक कार्य शेष है, तो उसे आज ही पूरा कर लें।

दरअसल, 23 मई से लेकर 28 मई 2026 के बीच एसबीआई की शाखाएं लगातार छह दिनों तक बंद रह सकती हैं। इससे सामान्य बैंकिंग कामकाज पर बड़ा असर पड़ने की पूरी संभावना जताई जा रही है।

इस लंबी बंदी के पीछे कई कारण एक साथ जुड़ गए हैं। इसमें महीने का चौथा शनिवार, रविवार, बैंक कर्मचारियों की प्रस्तावित हड़ताल और बकरीद का त्योहार शामिल है। ग्राहकों को सलाह दी जाती है कि वे समय रहते तैयारी करें।

6 दिनों की लंबी बंदी का क्या है पूरा गणित?

बैंकिंग कैलेंडर के अनुसार, 23 मई को महीने का चौथा शनिवार होने के कारण बैंकों में अवकाश रहेगा। इसके ठीक अगले दिन 24 मई को रविवार की साप्ताहिक छुट्टी है। इन दो दिनों में बैंक बंद रहेंगे।

इन दो दिनों की छुट्टी के तुरंत बाद, बैंक कर्मचारियों के संगठन ने हड़ताल का आह्वान किया है। ऑल इंडिया स्टेट बैंक ऑफ इंडिया स्टाफ फेडरेशन ने अपनी मांगों को लेकर देशभर में प्रदर्शन की चेतावनी दी है।

फेडरेशन ने 25 और 26 मई (सोमवार और मंगलवार) को देशभर में दो दिवसीय हड़ताल का प्रस्ताव दिया है। इस हड़ताल के कारण शाखाओं में कैश लेनदेन और चेक क्लियरिंग जैसे कामकाज पूरी तरह ठप हो सकते हैं।

हड़ताल और बकरीद की छुट्टियों का दोहरा असर

हड़ताल के ठीक बाद 27 और 28 मई को बकरीद (ईद-उल-अजहा) के उपलक्ष्य में रिजर्व बैंक द्वारा छुट्टियां घोषित की गई हैं। अलग-अलग राज्यों में यह त्योहार अलग-अलग तिथियों पर मनाया जाएगा।

देश के अधिकांश हिस्सों में 27 मई को बकरीद के कारण बैंक बंद रहेंगे। वहीं, कुछ विशेष क्षेत्रों और जम्मू-कश्मीर जैसे केंद्र शासित प्रदेशों में 28 मई को भी सार्वजनिक अवकाश रहेगा। इससे बैंकिंग सेवाएं बाधित होंगी।

इस प्रकार, शनिवार से लेकर अगले गुरुवार तक बैंकों में सामान्य कामकाज होना मुश्किल लग रहा है। ग्राहकों को अपनी वित्तीय जरूरतों के लिए वैकल्पिक माध्यमों पर निर्भर रहना होगा। डिजिटल सेवाएं इस दौरान सहारा बनेंगी।

कर्मचारियों की हड़ताल और 16 सूत्री मांगें

ऑल इंडिया स्टेट बैंक ऑफ इंडिया स्टाफ फेडरेशन (AISBISF) ने अपनी 16 प्रमुख मांगों को लेकर यह हड़ताल बुलाई है। संगठन का कहना है कि वे लंबे समय से इन मुद्दों पर प्रबंधन से चर्चा कर रहे हैं।

"कर्मचारियों के अधिकारों की रक्षा और काम करने की बेहतर स्थितियों के लिए यह हड़ताल आवश्यक हो गई है। हम ग्राहकों के हितों को भी ध्यान में रख रहे हैं लेकिन हमारी मांगें जायज हैं।"

कर्मचारियों की मुख्य मांगों में नई भर्तियों का मुद्दा सबसे ऊपर है। बैंक में चतुर्थ श्रेणी यानी मेसेंजर्स के खाली पड़े पदों पर तुरंत स्थाई भर्ती करने की मांग पुरजोर तरीके से की जा रही है।

सुरक्षा और पेंशन से जुड़े गंभीर मुद्दे

बैंक की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सशस्त्र गार्डों (Armed Guards) की पर्याप्त नियुक्ति की भी मांग की गई है। इसके अलावा, नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) में सुधार की मांग भी इस हड़ताल का हिस्सा है।

फेडरेशन चाहता है कि NPS के तहत आने वाले कर्मचारियों को अपना पेंशन फंड मैनेजर चुनने की पूरी आजादी दी जाए। साथ ही, 2019 के बाद भर्ती हुए कर्मचारियों को इंटर सर्कल ट्रांसफर की सुविधा मिले।

इसके अलावा, संगठन ने मांग की है कि स्थाई प्रकृति के कार्यों को बाहरी एजेंसियों को देना यानी आउटसोर्सिंग तुरंत बंद की जाए। इससे बैंक की गोपनीयता और सुरक्षा पर खतरा पैदा होने का तर्क दिया गया है।

आम आदमी और बैंकिंग सेवाओं पर क्या होगा प्रभाव?

चूंकि यह हड़ताल 'वर्कमेन कैटेगरी' के कर्मचारियों द्वारा की जा रही है, इसलिए शाखाओं के दैनिक कार्यों पर गहरा प्रभाव पड़ेगा। इसमें चेक क्लियरिंग की प्रक्रिया सबसे ज्यादा प्रभावित हो सकती है जिससे भुगतान अटक सकते हैं।

इसके अलावा, कैश काउंटर पर लेनदेन, नई पासबुक जारी करना और पासबुक अपडेट कराने जैसे कार्यों के लिए ग्राहकों को लंबा इंतजार करना पड़ सकता है। नकदी की समस्या भी कुछ दूरदराज के इलाकों में हो सकती है।

हालांकि, राहत की बात यह है कि बैंक की डिजिटल सेवाएं 24x7 चालू रहेंगी। ग्राहक नेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग और UPI के जरिए अपने वित्तीय लेनदेन आसानी से कर सकेंगे। डिजिटल माध्यमों का उपयोग करना सबसे सुरक्षित रहेगा।

एटीएम और ऑनलाइन बैंकिंग का लें सहारा

एटीएम सेवाएं भी चालू रहने की उम्मीद है, हालांकि लगातार छुट्टियों और हड़ताल के कारण नकदी की मांग बढ़ सकती है। इससे कुछ एटीएम जल्दी खाली हो सकते हैं। ग्राहकों को सलाह है कि वे आवश्यक नकदी पहले निकालें।

ऑनलाइन फंड ट्रांसफर जैसे NEFT, RTGS और IMPS सेवाएं निर्बाध रूप से काम करती रहेंगी। यदि आपको किसी को पैसे भेजने हैं, तो आप मोबाइल ऐप का इस्तेमाल कर सकते हैं। इससे आपका काम नहीं रुकेगा।

भर्तियों और काम के बढ़ते बोझ पर नाराजगी

सभी शाखाओं में पर्याप्त स्टाफ की नियुक्ति की मांग भी जोर-शोर से उठाई गई है। बैंक कर्मचारियों का कहना है कि काम के बढ़ते बोझ और स्टाफ की कमी के कारण उन पर मानसिक दबाव बढ़ रहा है।

स्टेट बैंक के भीतर कर्मचारियों के बीच वेतन और अन्य सुविधाओं में आ रही असमानताओं को दूर करने की मांग भी इस एजेंडे का हिस्सा है। संगठन चाहता है कि सभी के साथ समान व्यवहार किया जाए।

प्रमोशन और करियर प्रोग्रेशन स्कीम की समीक्षा करने की बात भी कही गई है। संगठन चाहता है कि रिटायर हुए कर्मचारियों को भी समझौतों के तहत उचित लाभ और एरियर का भुगतान समय पर किया जाए।

तकनीकी और प्रशासनिक सुधारों की मांग

बैंक के एचआर सॉफ्टवेयर (HRMS) में आ रही तकनीकी दिक्कतों को लेकर भी कर्मचारी लंबे समय से परेशान हैं। वे इस सिस्टम में स्थाई सुधार और इसे यूजर-फ्रेंडली बनाने की मांग कर रहे हैं।

इसके अलावा, बैंक के बोर्ड में वर्कमेन कैटेगरी से एक निदेशक नियुक्त करने की पुरानी परंपरा को फिर से बहाल करने की मांग की गई है। इससे बोर्ड मीटिंग्स में कर्मचारियों का पक्ष मजबूती से रखा जा सकेगा।

एक और महत्वपूर्ण मुद्दा 'मिस-सेलिंग' का है। कर्मचारियों पर बीमा और म्यूचुअल फंड जैसे थर्ड पार्टी प्रोडक्ट बेचने का दबाव बनाया जाता है। संगठन चाहता है कि ग्राहकों को गलत प्रोडक्ट बेचने का यह चलन बंद हो।

निष्कर्ष: समय रहते करें अपनी बैंकिंग प्लानिंग

एसबीआई में होने वाली इस 6 दिनों की संभावित बंदी से बचने के लिए उचित योजना बनाना जरूरी है। अगर आपका कोई बड़ा भुगतान या बैंक ड्राफ्ट का काम है, तो उसे आज ही निपटाना सबसे समझदारी भरा कदम होगा।

हालांकि बैंक प्रबंधन और कर्मचारी संगठनों के बीच बातचीत का दौर जारी है। यदि कोई समाधान निकलता है, तो हड़ताल टल भी सकती है। लेकिन फिलहाल छुट्टियों के कारण बैंकिंग सेवाओं में व्यवधान आना तय माना जा रहा है।

*Edit with Google AI Studio

← पूरा आर्टिकल पढ़ें (Full Version)