मुंबई | भारतीय शेयर बाजार ने बुधवार को एक नया इतिहास रच दिया। सेंसेक्स और निफ्टी में ऐसी जबरदस्त तेजी देखी गई जिसने निवेशकों को मालामाल कर दिया। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सूचकांक सेंसेक्स आज 3.95 फीसदी यानी 2946 अंकों की विशाल बढ़त के साथ 77,562 के स्तर पर बंद हुआ। यह हाल के वर्षों की सबसे बड़ी एकदिवसीय बढ़त में से एक है। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी पीछे नहीं रहा। निफ्टी 3.78 फीसदी या 873 अंकों की छलांग लगाकर 23,997 के स्तर पर पहुंच गया, जो 24,000 के मनोवैज्ञानिक स्तर के बेहद करीब है।
बाजार में तेजी के प्रमुख कारण
बाजार में इस ऐतिहासिक उछाल का सबसे बड़ा कारण अमेरिका और ईरान के बीच हुआ दो सप्ताह का युद्धविराम समझौता है। इस खबर ने वैश्विक बाजारों में शांति और स्थिरता का संदेश दिया। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की है कि वाशिंगटन अगले दो हफ्तों तक ईरान के खिलाफ कोई सैन्य कार्रवाई नहीं करेगा। ईरान ने भी इस शांति प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस समझौते से पश्चिम एशिया में तनाव कम होगा। हॉर्मुज स्ट्रेट के फिर से खुलने की संभावना ने निवेशकों के बीच जबरदस्त विश्वास पैदा किया है।
कच्चे तेल की कीमतों में बड़ी गिरावट
युद्धविराम की खबर के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट आई। ब्रेंट क्रूड 14% गिरकर 95 डॉलर प्रति बैरल के नीचे आ गया। भारत जैसे तेल आयातक देश के लिए यह एक बड़ी राहत की खबर है। तेल की कीमतों में कमी से देश के व्यापार घाटे में सुधार होगा और महंगाई पर नियंत्रण पाने में मदद मिलेगी। सस्ते तेल से भारतीय कंपनियों की उत्पादन लागत कम होगी। इससे आने वाले समय में कॉर्पोरेट सेक्टर के मुनाफे में बड़ी बढ़ोतरी की उम्मीद जताई जा रही है।
रुपये की मजबूती और विदेशी निवेश
डॉलर इंडेक्स में 1% की गिरावट के कारण भारतीय रुपया भी मजबूत हुआ है। बुधवार को रुपया 41 पैसे की बढ़त के साथ 92.58 प्रति डॉलर पर बंद हुआ। रुपये की इस मजबूती से विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) का रुझान भारत की तरफ बढ़ेगा। डॉलर के मुकाबले रुपये का मजबूत होना भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए शुभ संकेत माना जा रहा है।
सेक्टोरल इंडेक्स का प्रदर्शन
आज के कारोबार में ऑटो और रियल्टी स्टॉक्स में सबसे ज्यादा खरीदारी देखी गई। निफ्टी ऑटो में 6.78% और निफ्टी रियल्टी में 6.76% की रिकॉर्ड तेजी दर्ज की गई। बैंकिंग सेक्टर ने भी बाजार को पूरा सहारा दिया। निफ्टी प्राइवेट बैंक और पीएसयू बैंक दोनों में 5.5% से अधिक की बढ़त रही, जिससे बैंकिंग शेयरों में रौनक लौट आई।
आरबीआई की मौद्रिक नीति का असर
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने भी बाजार को सकारात्मक संकेत दिए। आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति ने रेपो रेट को 5.25% पर स्थिर रखने का फैसला किया है। आरबीआई के 'न्यूट्रल' रुख ने बाजार की अनिश्चितता को कम किया है। विशेषज्ञों के अनुसार, नीतिगत दरों में स्थिरता रहने से विकास, इक्विटी और बॉन्ड बाजार को आने वाले समय में और समर्थन मिलेगा।