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शाका लाका बूम बूम की ऋतु: शाका लाका बूम बूम की टॉम बॉय ऋतु का बदल गया अंदाज, कभी रंग-रूप को लेकर हुईं रिजेक्ट, अब लगती हैं ब्यूटी क्वीन

thinQ360 · 19 अप्रैल 2026, 06:23 शाम
शाका लाका बूम बूम की ऋतु यानी साइनी राज अब पूरी तरह बदल चुकी हैं। एक्टिंग छोड़ उन्होंने लेखन में नाम कमाया है और शाहरुख खान के लिए गाने भी लिखे हैं।

मुंबई | साल 2000 का वह दौर याद कीजिए, जब शाम होते ही हर घर के बच्चे टीवी के सामने जम जाते थे। उस समय एक शो आता था जिसने हर बच्चे के मन में एक जादुई पेंसिल पाने की चाहत जगा दी थी।

हम बात कर रहे हैं स्टार प्लस के सुपरहिट शो 'शाका लाका बूम बूम' की, जिसने सफलता के नए कीर्तिमान स्थापित किए थे। यह शो सिर्फ एक सीरियल नहीं, बल्कि उस दौर के बच्चों की भावनाओं का एक बड़ा हिस्सा था।

इस शो में संजू और उसकी जादुई पेंसिल की कहानियों ने हमें घंटों बांधे रखा। संजू के साथ उसकी पूरी मंडली होती थी, जिसमें हर किरदार की अपनी एक अलग और खास पहचान थी।

उन्हीं किरदारों में से एक थी 'ऋतु'। ऋतु का किरदार एक ऐसी लड़की का था जो किसी भी लड़के से कम नहीं थी। वह निडर थी, साहसी थी और हमेशा लड़ने के लिए तैयार रहती थी।

टॉम बॉय ऋतु का वो यादगार अंदाज

ऋतु को शो में एक 'टॉम बॉय' के रूप में दिखाया गया था। छोटे बाल, लड़कों जैसे कपड़े और बात-बात पर पंगे लेने का उसका अंदाज दर्शकों को खूब पसंद आता था।

ऋतु का यह किरदार अभिनेत्री साइनी राज ने निभाया था। उस समय साइनी एक बहुत ही लोकप्रिय चाइल्ड आर्टिस्ट थीं। उनकी क्यूटनेस और बेहतरीन अभिनय ने उन्हें घर-घर में मशहूर कर दिया था।

लेकिन क्या आप जानते हैं कि आज 26 साल बाद वह ऋतु यानी साइनी राज कहां हैं और कैसी दिखती हैं? वक्त के साथ साइनी का लुक इतना बदल गया है कि उन्हें पहचानना नामुमकिन है।

आज की साइनी राज को देखकर आप हैरान रह जाएंगे। वह अब एक ग्लैमरस ब्यूटी क्वीन की तरह नजर आती हैं। उनका पूरा व्यक्तित्व अब पहले से काफी अलग और प्रभावशाली हो चुका है।

एक्टिंग की दुनिया से बना ली दूरी

शाका लाका बूम बूम के बाद साइनी ने धीरे-धीरे अभिनय की दुनिया से दूरी बना ली। हालांकि उन्होंने बचपन में काफी नाम कमाया था, लेकिन उन्होंने अपने करियर के लिए एक अलग रास्ता चुना।

साइनी राज अब एक सफल लेखिका, कवयित्री और लिरिसिस्ट बन चुकी हैं। उन्होंने शब्दों की दुनिया में अपनी एक नई और मजबूत पहचान बनाई है, जो वाकई काबिले तारीफ है।

वह अब सिर्फ कैमरे के सामने नहीं, बल्कि कैमरे के पीछे अपनी कलम का जादू चला रही हैं। उनकी कविताओं और लेखों को सोशल मीडिया पर हजारों लोग पसंद करते हैं और फॉलो करते हैं।

इतना ही नहीं, साइनी एक वर्चुअल क्लब की फाउंडर भी हैं। वह अपनी रचनात्मकता के जरिए समाज में एक सकारात्मक बदलाव लाने का प्रयास कर रही हैं और नए कलाकारों को प्रेरित कर रही हैं।

शाहरुख खान के साथ काम करने का अनुभव

साइनी के करियर का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट तब आया जब उन्होंने बॉलीवुड के बादशाह शाहरुख खान के लिए काम किया। लॉकडाउन के दौरान उन्होंने एक विशेष गाना लिखा था।

इस गाने का शीर्षक था 'सब सही जाएगा'। इस गाने को शाहरुख खान ने अपनी आवाज दी थी। एक लेखक के तौर पर यह साइनी के लिए बहुत बड़ी उपलब्धि थी कि किंग खान उनकी पंक्तियां पढ़ रहे थे।

इसके अलावा साइनी ने मशहूर सिंगर और रैपर बादशाह के साथ भी काम किया है। उन्होंने कई शॉर्ट फिल्मों की स्क्रिप्ट भी लिखी है, जिन्हें समीक्षकों द्वारा काफी सराहा गया है।

साइनी की लेखनी में एक गहराई है जो लोगों के दिलों को छू जाती है। उनकी कविताओं में जीवन के संघर्ष और खुशियों का बहुत ही सुंदर चित्रण देखने को मिलता है।

300 ऑडिशन और रिजेक्शन का दर्द

आज भले ही साइनी सफल हैं, लेकिन उनका यह सफर आसान नहीं था। उन्होंने बचपन में ही अभिनय की शुरुआत कर दी थी, लेकिन उन्हें अपने रंग-रूप को लेकर बहुत कुछ झेलना पड़ा।

एक पॉडकास्ट में बात करते हुए साइनी ने खुलासा किया था कि उन्हें 300 से ज्यादा ऑडिशन में रिजेक्ट कर दिया गया था। यह सुनकर हर कोई हैरान रह गया कि एक टैलेंटेड बच्ची को क्यों नकारा गया।

साइनी ने बताया कि उस समय फिल्म और टीवी इंडस्ट्री में 'सुंदर बच्चों' की एक खास परिभाषा थी। मेकर्स को ऐसे बच्चे चाहिए होते थे जो गोरे और बिल्कुल गुड़िया जैसे दिखते हों।

साइनी उस समय थोड़ी सांवली और गोलू-मोलू थीं। इसी वजह से कई बार मेकर्स उन्हें यह कहकर रिजेक्ट कर देते थे कि उन्हें एक 'सुंदर बच्चा' चाहिए। यह भेदभाव उनके बाल मन पर गहरा असर डालता था।

पहली कमाई थी मात्र 700 रुपये

साइनी ने मात्र 7 साल की उम्र में अपना पहला एक्टिंग प्रोजेक्ट किया था। उस काम के लिए उन्हें 700 रुपये मिले थे। उस समय के हिसाब से यह एक बड़ी रकम थी, लेकिन संघर्ष उससे कहीं ज्यादा बड़ा था।

रिजेक्शन के बावजूद साइनी ने कभी हार नहीं मानी। उन्होंने साबित किया कि प्रतिभा किसी रंग या रूप की मोहताज नहीं होती। शाका लाका बूम बूम में ऋतु का किरदार इसका सबसे बड़ा प्रमाण है।

उन्होंने अपनी मेहनत से न केवल अपनी जगह बनाई बल्कि आज वह उन सभी लोगों के लिए एक मिसाल हैं जो अपने लुक्स को लेकर हीन भावना का शिकार हो जाते हैं।

साइनी का मानना है कि आपकी असली खूबसूरती आपके काम और आपके विचारों में होती है। आज वह अपनी शर्तों पर अपनी जिंदगी जी रही हैं और बेहद खुश हैं।

शाका लाका बूम बूम की यादें

इस शो की बात करें तो संजू का किरदार निभाने वाले किंशुक वैद्य भी अब बड़े हो चुके हैं और टीवी इंडस्ट्री का हिस्सा हैं। वहीं करुणा बनीं हंसिका मोटवानी आज साउथ और बॉलीवुड की बड़ी स्टार हैं।

लेकिन ऋतु यानी साइनी राज ने जो रास्ता चुना, वह सबसे अलग और प्रेरणादायक है। उन्होंने ग्लैमर की चकाचौंध के पीछे भागने के बजाय अपनी रचनात्मकता को प्राथमिकता दी।

आज भी जब लोग 'शाका लाका बूम बूम' का जिक्र करते हैं, तो ऋतु का वह बेबाक अंदाज सबकी यादों में ताजा हो जाता है। वह शो का एक अभिन्न हिस्सा थीं और हमेशा रहेंगी।

साइनी की कहानी हमें सिखाती है कि अगर आपके पास हुनर है, तो आप किसी भी क्षेत्र में अपना परचम लहरा सकते हैं। रिजेक्शन आपको कमजोर नहीं, बल्कि और मजबूत बनाता है।

भविष्य की योजनाएं और संदेश

साइनी राज अब अपने लेखन करियर को और ऊंचाइयों पर ले जाना चाहती हैं। वह लगातार नए प्रोजेक्ट्स पर काम कर रही हैं और अपनी कविताओं के जरिए लोगों को जागरूक कर रही हैं।

उनका वर्चुअल क्लब भी काफी सफल हो रहा है, जहां वह विभिन्न कला रूपों को बढ़ावा दे रही हैं। वह आज के युवाओं को संदेश देती हैं कि अपनी पहचान खुद बनाएं और किसी के मापदंडों पर न चलें।

साइनी का बदला हुआ लुक और उनकी सफलता इस बात का सबूत है कि बदलाव ही जीवन का नियम है। 26 साल पहले की वह छोटी ऋतु आज एक सशक्त महिला के रूप में हमारे सामने है।

सोशल मीडिया पर उनकी तस्वीरें अक्सर वायरल होती हैं, जिन्हें देखकर फैंस पुराने दिनों को याद करते हैं। साइनी का यह सफर वाकई किसी फिल्मी कहानी से कम रोमांचक नहीं है।

अंत में यही कहा जा सकता है कि साइनी राज ने न केवल अपनी शक्ल बदली है, बल्कि अपनी तकदीर भी अपनी कलम से खुद लिखी है। उनकी यह यात्रा हर किसी के लिए प्रेरणा का स्रोत है।

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