नोएडा | उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक नया मोड़ आने की संभावना दिख रही है। पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह की बेटी शालिनी सिंह अब सक्रिय राजनीति में कदम रखने का मन बना रही हैं।
शालिनी सिंह के उत्तर प्रदेश की हाई-प्रोफाइल नोएडा विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने की अटकलें इन दिनों काफी तेज हो गई हैं। वह अपने पिता और भाइयों की तरह राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाना चाहती हैं।
नोएडा सीट पर दिलचस्प मुकाबला
शालिनी सिंह जिस नोएडा विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने की तैयारी में हैं, वहां की स्थिति काफी महत्वपूर्ण है। वर्तमान में इस सीट से रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के बेटे पंकज सिंह विधायक हैं।
पंकज सिंह यहां से दो बार जीत दर्ज कर चुके हैं और भाजपा के कद्दावर नेता माने जाते हैं। शालिनी के परिवार में भी उनके पिता और भाई भाजपा से जुड़े हुए हैं।
ऐसे में अगर शालिनी सिंह इस सीट से अपनी दावेदारी पेश करती हैं, तो यह एक दिलचस्प राजनीतिक पेंच बन सकता है। फिलहाल सभी की निगाहें शालिनी के अगले कदम पर टिकी हैं।
कवियित्री और लेखिका के रूप में पहचान
शालिनी सिंह केवल एक राजनेता की बेटी ही नहीं, बल्कि एक प्रखर कवियित्री भी हैं। उन्होंने हाल ही में एक किताब भी लिखी है, जिसे पाठकों द्वारा काफी सराहा जा रहा है।
वह अपनी बौद्धिक क्षमताओं के साथ अब चुनावी मैदान में अपनी किस्मत आजमाना चाह रही हैं। उनकी यह नई पारी उनके परिवार की राजनीतिक साख को नया विस्तार दे सकती है।
इंटरव्यू में दिए स्पष्ट संकेत
हाल ही में दिए एक इंटरव्यू में शालिनी ने कई अहम पहलुओं पर चर्चा की। जब उनसे नोएडा से चुनाव लड़ने पर सवाल हुआ, तो उन्होंने इसे सिरे से नकारा नहीं।
शालिनी ने कहा कि फिलहाल उन्होंने ऐसा कोई पक्का मन नहीं बनाया है। हालांकि, उन्होंने यह भी जोड़ा कि अगर भविष्य में ऐसी परिस्थितियां बनीं, तो वह इससे पीछे नहीं हटेंगी।
गन कल्चर और अनुशासन
बंदूक संस्कृति (Gun Culture) को लेकर पूछे गए सवाल पर शालिनी ने बेबाकी से जवाब दिया। उन्होंने कहा कि उन्हें शूटिंग पसंद है, लेकिन यह केवल हवाबाजी के लिए नहीं है।
उनके अनुसार, शूटिंग एक अनुशासन सिखाने वाला खेल है। वह इसे पूरी तरह से अनुशासन के नजरिए से देखती हैं, न कि किसी नकारात्मक प्रदर्शन के तौर पर।
अखिलेश यादव से पारिवारिक संबंध
शालिनी ने सपा प्रमुख अखिलेश यादव और उनके परिवार के साथ अपने मधुर संबंधों पर भी बात की। उन्होंने बताया कि मुलायम सिंह यादव और उनके पिता के बीच कुश्ती को लेकर गहरा जुड़ाव था।
उन्होंने स्पष्ट किया कि यह लगाव पूरी तरह से व्यक्तिगत है और राजनीति से परे है। उनके पिता बृजभूषण शरण सिंह आज भी अखिलेश यादव को काफी स्नेह करते हैं और यह रिश्ता बहुत पुराना है।