भारतीय शेयर बाजार में आज बुधवार को जबरदस्त उतार-चढ़ाव देखने को मिला। दोपहर तक बाजार में तेजी रही और फिर अचानक तेज बिकवाली हावी हो गई।
सुबह खरीदारी के दम पर करीब 1% तक चढ़ने वाले सेंसेक्स और निफ्टी ने अपनी पूरी शुरुआती बढ़त गंवा दी।
दिन के ऊपरी स्तर से भारी गिरावट
सेंसेक्स आज दिन के ऊपरी स्तर से करीब 1,400 अंक तक टूट गया था। इस तेज गिरावट से बीएसई में लिस्टेड कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण 8 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा घट गया।
हालांकि, कारोबार के अंत तक बाजार में गिरावट कुछ हद तक संभलती दिखी।
सेंसेक्स और निफ्टी के क्लोजिंग आंकड़े
- बीएसई सेंसेक्स 0.19 फीसदी या 143 अंक गिरकर 73,709 पर बंद हुआ।
- एनएसई निफ्टी 0.34 फीसदी या 77 अंक फिसलकर 22,811 पर बंद हुआ।
कच्चे तेल की कीमतों में उछाल
कच्चे तेल की कीमतों में तेजी ने शेयर बाजार के निवेशकों की चिंता को काफी बढ़ा दिया। बुधवार को ब्रेंट क्रूड एक बार फिर 110 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया।
वहीं क्रूड ऑयल डब्ल्यूटीआई करीब 99 डॉलर प्रति बैरल के भाव पर ट्रेड कर रहा था।
मिडिल ईस्ट में सप्लाई बाधित होने की आशंका और समुद्री रास्तों पर बढ़ते खतरों से तेल की कीमतों को सपोर्ट मिला है।
समुद्री रास्तों पर बढ़ते खतरे
ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स की नौसेना के मुताबिक, होर्मुज स्ट्रेट के दक्षिण में एक सुपरटैंकर समुद्री बारूदी सुरंग से टकराने के बाद आग की चपेट में आ गया था।
शिप ट्रैकिंग कंपनी Kpler के अनुसार, दो सप्ताह के दौरान जहाजों पर हमले की कम से कम 18 घटनाएं दर्ज की गईं।
अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में जोरदार उछाल
अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में लगातार हो रही बढ़ोतरी भी इक्विटी बाजार के लिए बड़ी चिंता का विषय बनी।
10 साल के अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड की यील्ड बढ़कर 5.12% तक पहुंच गई, जबकि 30 साल की यील्ड 5.4% के पार चली गई।
बॉन्ड से मिलने वाला रिटर्न बढ़ने पर निवेशक जोखिम वाले शेयर बाजार से पूंजी निकालकर बॉन्ड में लगाना पसंद करते हैं, जिससे शेयरों पर दबाव बढ़ता है।
बॉन्ड यील्ड में तेजी आमतौर पर बॉन्ड की कीमतों में गिरावट के साथ आती है, और मौजूदा उछाल इसी दबाव को दिखाता है।
विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की लगातार बिकवाली
विदेशी निवेशकों की बिकवाली के कारण बाजार की सुबह की तेजी टिक नहीं पाई।
एनएसई के शुरुआती आंकड़ों के अनुसार, विदेशी निवेशकों ने सोमवार को भारतीय शेयर बाजार में 1,149 करोड़ रुपये के शेयर बेचे थे।
अक्टूबर महीने में अब तक के 12 कारोबारी सत्रों में से 10 सत्रों में विदेशी निवेशक शुद्ध बिकवाल बने रहे हैं।
ऊपरी स्तरों पर मुनाफावसूली
सुबह आई मजबूत तेजी के बाद निवेशकों ने ऊंचे स्तरों पर बिकवाली कर मुनाफा सुरक्षित करना शुरू कर दिया।
वैश्विक तनाव, महंगे कच्चे तेल और ऊंची बॉन्ड यील्ड को देखते हुए निवेशक फिलहाल जोखिम लेने से कतरा रहे हैं।
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट वीके विजयकुमार के मुताबिक, ब्रेंट क्रूड और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड ऊंचे स्तर पर बने रहने से बाजार पर दबाव जारी रह सकता है। निकट भविष्य में तेजी आने पर बिकवाली का रुख देखने को मिल सकता है।
डिस्क्लेमर: यह आर्टिकल सिर्फ जानकारी मात्र है। यह निवेश की सलाह नहीं है। शेयर मार्केट और म्यूचुअल फंड में निवेश जोखिम भरा होता है। कहीं भी पैसा लगाने से पहले अपने निवेश सलाहकार से परामर्श लें।
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