जालोर | शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) की जालोर इकाई ने जनहित से जुड़े तीन गंभीर मुद्दों को लेकर जिला कलेक्ट्रेट पर जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। संगठन ने जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर इन मामलों में तत्काल और प्रभावी कार्रवाई की मांग की है।
इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में शिवसैनिक, किसान और स्थानीय ग्रामीण शामिल हुए, जिन्होंने प्रशासन के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद की।
शिवसेना का हल्ला बोल, तीन मांगों पर घेरा प्रशासन
शिवसेना ने तीन अलग-अलग ज्ञापनों के माध्यम से प्रशासन का ध्यान तीन महत्वपूर्ण मामलों पर खींचा। इनमें एक हत्याकांड की धीमी जांच, भूमि हड़पने का मामला और पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाला अवैध खनन शामिल है। पार्टी ने चेतावनी दी है कि अगर समय पर कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन तेज किया जाएगा।
पहला मुद्दा: अमृत देवासी हत्याकांड में न्याय की गुहार
पहला और सबसे प्रमुख मामला भैंसवाड़ा निवासी स्वर्गीय अमृत देवासी हत्याकांड से जुड़ा है। शिवसेना ने आरोप लगाया कि हत्या को लगभग तीन साल बीत चुके हैं, लेकिन पुलिस आज तक हत्यारों को गिरफ्तार नहीं कर पाई है।
संगठन ने इस बात पर गहरा रोष व्यक्त किया कि मृतक के मोबाइल फोन की फॉरेंसिक रिपोर्ट तक हासिल नहीं की जा सकी है। इसे जांच में एक बड़ी लापरवाही बताते हुए, शिवसेना ने दोषी अधिकारियों की जवाबदेही तय करने और पीड़ित परिवार को जल्द से जल्द न्याय दिलाने की मांग की।
दूसरा मुद्दा: फर्जी पावर ऑफ अटॉर्नी से भूमि हड़पने का आरोप
दूसरे ज्ञापन में, एफआईआर संख्या 157/2025 से जुड़े एक गंभीर मामले को उठाया गया। आरोप है कि फर्जी पावर ऑफ अटॉर्नी और फर्जी नोटरी का उपयोग करके भूमि हड़पने की कोशिश की गई।
ज्ञापन में बताया गया कि ये दस्तावेज एक मृत अधिवक्ता के नाम से तैयार किए गए थे, और उन पर मौजूद हस्ताक्षर व अंगूठे के निशान भी संदिग्ध हैं। शिवसेना ने कहा कि नौ महीने बीत जाने के बाद भी इस मामले में कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। संगठन ने फर्जी दस्तावेज बनाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
तीसरा मुद्दा: जवाई नदी में अवैध खनन पर आक्रोश
तीसरे ज्ञापन के जरिए जवाई नदी में हो रहे अवैध और अनियमित बजरी खनन का मुद्दा उठाया गया। शिवसेना ने आरोप लगाया कि खनन ठेकेदार निर्धारित सीमा से कई गुना अधिक गहरे गड्ढे खोद रहे हैं।
इस अवैध खनन से पर्यावरण, भूजल स्तर और किसानों की आजीविका को गंभीर खतरा पैदा हो गया है। संगठन ने इस पर तत्काल रोक लगाने, एक उच्च स्तरीय जांच समिति बनाने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की।
प्रशासन के आश्वासन के बाद धरना समाप्त
धरना-प्रदर्शन के दौरान प्रशासन ने जवाई नदी के मामले को गंभीरता से लिया। प्रशासन की ओर से अतिरिक्त जिला कलेक्टर (ADM) स्तर के अधिकारी द्वारा मौके का दौरा कर जांच करवाने का आश्वासन दिया गया।
जवाई नदी केवल एक नदी नहीं बल्कि पूरे क्षेत्र की जीवनरेखा है। इसके संरक्षण, पर्यावरणीय संतुलन एवं किसानों के भविष्य की रक्षा के लिए यह जनहित की लड़ाई आगे भी जारी रहेगी।
प्रशासन ने यह भी भरोसा दिलाया कि यदि जांच में ठेकेदार दोषी पाया जाता है, तो उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाएगी। इस सकारात्मक आश्वासन के बाद शिवसेना ने अपना धरना समाप्त कर दिया।
हालांकि, शिवसेना जिला प्रमुख रूपराज पुरोहित ने स्पष्ट किया कि यदि तीनों मामलों में शीघ्र कार्रवाई नहीं होती है, तो संगठन एक बड़ा और व्यापक जनआंदोलन करने के लिए मजबूर होगा। इस अवसर पर पार्टी के कई प्रमुख पदाधिकारी और सदस्य मौजूद रहे।
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