राजस्थान

पेड़ की टहनी और भाजपा नेता का इस्तीफा: शिवगंज: पेड़ से टहनियां तोड़ने पर मचा बवाल, भाजपा नेता कुंदनमल राठी ने पद से दिया इस्तीफा, जानें पूरा मामला

जोगेन्द्र सिंह शेखावत · 21 अप्रैल 2026, 05:07 शाम
सिरोही के शिवगंज में भाजपा नगर मंडल महामंत्री कुंदनमल राठी ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। एक वीडियो में उन्हें डिवाइडर से सहजन की पत्तियां तोड़ते देखा गया, जिसके बाद सोशल मीडिया पर उन्हें ट्रोल किया गया।

शिवगंज | सिरोही जिले के शिवगंज क्षेत्र में इन दिनों एक अजीबोगरीब मामला चर्चा का केंद्र बना हुआ है। यहां भाजपा के एक वरिष्ठ नेता को एक मामूली सी घटना के कारण अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा है। यह पूरा विवाद एक वीडियो के सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद शुरू हुआ। इस वीडियो में भाजपा नगर मंडल के महामंत्री कुंदनमल राठी को एक पेड़ से टहनियां तोड़ते हुए देखा गया था।

इस्तीफे की मुख्य वजह

कुंदनमल राठी ने भाजपा जिला अध्यक्ष डॉ. रक्षा भंडारी को अपना आधिकारिक इस्तीफा भेज दिया है। उन्होंने घोषणा की है कि वे अब पार्टी में केवल एक साधारण कार्यकर्ता के रूप में ही अपनी सेवाएं देंगे। राठी ने बताया कि 18 अप्रैल को वे अपने घर जा रहे थे। इसी दौरान उन्होंने नगर पालिका के डिवाइडर पर लगे सहजन के पेड़ की कुछ पत्तियां तोड़ने का फैसला किया।

दवाई के लिए चाहिए थी पत्तियां

राठी के अनुसार, वे लंबे समय से शुगर (मधुमेह) की बीमारी से पीड़ित हैं। सहजन की पत्तियों का उपयोग वे औषधि के रूप में करना चाहते थे ताकि उनकी सेहत में सुधार हो सके। जब वे तहसील रोड पर अमित टेंट हाउस के सामने पेड़ से टहनियां तोड़ रहे थे, तभी किसी ने चोरी-छिपे उनका वीडियो बना लिया। इस वीडियो को बाद में गलत इरादे से इंटरनेट पर फैला दिया गया।

अपमान और छवि खराब करने का आरोप

कुंदनमल राठी ने आरोप लगाया है कि भाजपा नगर युवा मोर्चा अध्यक्ष राजेश अहीर ने इस वीडियो को जानबूझकर विभिन्न सोशल मीडिया ग्रुप्स में साझा किया। उनका कहना है कि वीडियो शेयर करने वालों ने उनके खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया। उन्हें गलत तरीके से मंडल अध्यक्ष बताकर उनकी प्रतिष्ठा को समाज में धूमिल करने की कोशिश की गई।

पुलिस में दर्ज कराया मामला

इस अपमान से आहत होकर राठी ने शिवगंज थाने में एक मुकदमा भी दर्ज कराया है। उन्होंने टेंट हाउस के मालिक पर वीडियो बनाकर उसे वायरल करने का आरोप लगाया है। राठी ने अपने पत्र में लिखा कि वे 1995 से भाजपा के एक निष्ठावान और सक्रिय सदस्य रहे हैं। उन्होंने हमेशा पार्टी के लिए निस्वार्थ भाव से काम किया है।

पार्टी के भीतर गुटबाजी का दर्द

इस्तीफे में राठी ने पार्टी के भीतर चल रही राजनीति पर भी कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि संकट के समय में कोई भी पदाधिकारी उनके साथ खड़ा नहीं हुआ। उनके शब्दों में, 'आजकल पार्टी में सिर्फ सिफारिश वालों का बोलबाला है और जमीन पर काम करने वाला कार्यकर्ता खुद को अकेला महसूस कर रहा है।'

सोशल मीडिया का बढ़ता प्रभाव

यह मामला दर्शाता है कि कैसे सोशल मीडिया पर एक छोटी सी क्लिप किसी व्यक्ति के राजनीतिक करियर पर भारी पड़ सकती है। शिवगंज में यह घटना अब राजनीति और नैतिकता की बहस का हिस्सा बन गई है। फिलहाल, भाजपा जिला संगठन ने इस इस्तीफे पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। लेकिन स्थानीय कार्यकर्ताओं के बीच इस घटना को लेकर काफी गहमागहमी देखी जा रही है।

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