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जम्मू-कश्मीर को ₹3566 करोड़ की सौगात: शिवराज सिंह ने जम्मू-कश्मीर के लिए ₹3566 करोड़ की सड़क मंजूरी दी

मानवेन्द्र जैतावत · 28 अप्रैल 2026, 03:35 दोपहर
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने श्रीनगर में सड़क और महिला सशक्तिकरण के लिए बड़ी योजनाओं की घोषणा की।

श्रीनगर | केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने जम्मू-कश्मीर के विकास को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए 3566 करोड़ रुपये की सड़क परियोजनाओं की बड़ी सौगात दी है। श्रीनगर के एसकेआईसीसी (SKICC) में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम के दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला को इन परियोजनाओं की स्वीकृति का आधिकारिक पत्र सौंपा।

यह ऐतिहासिक कदम प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY)-IV के दूसरे बैच के तहत उठाया गया है, जिसका सीधा लाभ केंद्र शासित प्रदेश के सुदूर ग्रामीण इलाकों को मिलेगा। केंद्रीय मंत्री ने स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार का लक्ष्य केवल सड़क बनाना नहीं, बल्कि हर नागरिक को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना है।

विकास के लिए खुले दिल्ली और दिल के द्वार

शिवराज सिंह चौहान ने अपने संबोधन में अत्यंत भावुक और आत्मीय शब्दों का प्रयोग करते हुए कहा कि जम्मू-कश्मीर के विकास के लिए केंद्र सरकार के दिल और दिल्ली के द्वार हमेशा खुले हैं। उन्होंने कहा कि वे यहां किसी पद के अहंकार में नहीं, बल्कि एक जनसेवक की भावना से आए हैं।

उन्होंने जोर देकर कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार कश्मीर के लोगों के साथ दिल का रिश्ता जोड़ना चाहती है। सड़कें केवल डामर और पत्थर का ढांचा नहीं होतीं, बल्कि वे स्कूल, अस्पताल और बाजारों तक पहुंचने का सुगम जरिया बनती हैं।

ऐतिहासिक 8,000 करोड़ रुपये की सड़क परियोजनाएं

मंत्री ने रेखांकित किया कि पिछले एक वर्ष के भीतर जम्मू-कश्मीर के लिए लगभग 8,000 करोड़ रुपये की सड़कों की मंजूरी दी गई है, जो अपने आप में एक बड़ा रिकॉर्ड है। उन्होंने बताया कि PMGSY-IV के पहले चरण में भी जम्मू-कश्मीर को प्राथमिकता दी गई थी।

चौहान ने विश्वास दिलाया कि जैसे-जैसे इन सड़कों का निर्माण कार्य पूरा होगा, राज्य के शेष बचे हुए क्षेत्रों को भी इसी तरह की योजनाओं से जोड़ा जाएगा। उन्होंने कहा कि कनेक्टिविटी बढ़ने से ग्रामीण अर्थव्यवस्था में क्रांतिकारी बदलाव आएगा और स्थानीय युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे।

महिला सशक्तिकरण और लखपति दीदी अभियान

कार्यक्रम के दौरान केवल बुनियादी ढांचे पर ही नहीं, बल्कि सामाजिक सशक्तिकरण पर भी विशेष ध्यान दिया गया। शिवराज सिंह चौहान ने DAY-NRLM के तहत 24 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए 4568.23 करोड़ रुपये की 'मदर सैंक्शन' जारी की।

उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि हम अपनी बहनों को केवल घर के कामों तक सीमित न रखें, बल्कि उन्हें 'लखपति दीदी' और सफल उद्यमी के रूप में देखें। जम्मू-कश्मीर की महिलाओं ने स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है।

कृषि और बागवानी के लिए नया वैज्ञानिक रोडमैप

कृषि क्षेत्र की चुनौतियों पर बात करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि जम्मू-कश्मीर की भौगोलिक स्थिति और मौसम को ध्यान में रखते हुए विशेष रणनीति की आवश्यकता है। उन्होंने घोषणा की कि भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के वैज्ञानिकों की एक विशेष टीम जल्द ही यहां आएगी।

यह टीम यहां की मिट्टी, जलवायु और जल संसाधनों का गहन अध्ययन करेगी ताकि किसानों की आय बढ़ाई जा सके। उन्होंने 'क्लीन प्लांट' प्रोग्राम और उच्च गुणवत्ता वाली नर्सरियों की स्थापना पर भी जोर दिया, जिससे बागवानी क्षेत्र को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिल सके।

इंटीग्रेटेड फार्मिंग: आय बढ़ाने का नया मंत्र

शिवराज सिंह चौहान ने छोटे किसानों के लिए 'इंटीग्रेटेड फार्मिंग' यानी एकीकृत कृषि मॉडल को अपनाने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि केवल एक फसल पर निर्भर रहने के बजाय किसानों को पशुपालन, मत्स्यपालन और मधुमक्खी पालन जैसी गतिविधियों को अपनाना चाहिए।

उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार राज्य सरकार के साथ मिलकर ऐसा समेकित कार्यक्रम तैयार करेगी, जिससे खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाया जा सके। इससे न केवल किसानों की आर्थिक स्थिति सुधरेगी, बल्कि राज्य में खाद्य सुरक्षा भी मजबूत होगी।

मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला का आभार और प्रशंसा

मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान का आभार व्यक्त करते हुए उन्हें जम्मू-कश्मीर का सच्चा हमदर्द बताया। उन्होंने कहा कि शिवराज जी ने बार-बार यह साबित किया है कि वे इस क्षेत्र की समस्याओं के प्रति अत्यंत संवेदनशील और गंभीर हैं।

उमर अब्दुल्ला ने कहा कि एक ही फेज में 8,000 करोड़ रुपये की परियोजनाओं की मंजूरी मिलना कोई छोटी बात नहीं है। उन्होंने जनता को भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार इन सभी कार्यों को पूरी पारदर्शिता और तेजी के साथ जमीन पर उतारने के लिए प्रतिबद्ध है।

शिवराज सिंह चौहान साहब ने साबित किया है कि वे जम्मू-कश्मीर के सच्चे दोस्त हैं। 'मामा' के रूप में उनकी पहचान उनके सेवाभावी व्यक्तित्व को दर्शाती है और हम उनके सहयोग की सराहना करते हैं।

पहाड़ी क्षेत्रों की चुनौतियों का समाधान

मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि जम्मू-कश्मीर की बिखरी हुई आबादी और कठिन पहाड़ी रास्तों के कारण सड़क संपर्क यहां की जीवनरेखा है। उन्होंने PMGSY के पिछले चरणों की सफलता का जिक्र करते हुए कहा कि नई सड़कों से शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ेगी।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि राज्य प्रशासन केंद्र द्वारा दी जा रही वित्तीय सहायता का सदुपयोग सुनिश्चित करेगा। ग्रामीण विकास और पंचायती राज विभाग को इन परियोजनाओं की निरंतर निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि गुणवत्ता के साथ कोई समझौता न हो।

विकसित भारत के लिए विकसित जम्मू-कश्मीर

शिवराज सिंह चौहान ने अपने समापन भाषण में 'विकसित भारत' के संकल्प को दोहराया। उन्होंने कहा कि जब तक जम्मू-कश्मीर पूरी तरह विकसित नहीं होगा, तब तक भारत के विकसित होने का सपना अधूरा रहेगा। केंद्र और राज्य का यह तालमेल विकास की नई इबारत लिखेगा।

उन्होंने उपस्थित जनसमूह को आश्वासन दिया कि प्रधानमंत्री मोदी के विजन के अनुरूप हर गांव को पक्की सड़क से जोड़ा जाएगा। अंत में, उन्होंने लखपति दीदियों को सम्मानित किया और उनके द्वारा बनाए गए उत्पादों की सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

यह कार्यक्रम जम्मू-कश्मीर के इतिहास में विकास के एक नए अध्याय के रूप में देखा जा रहा है। सड़कों का जाल बिछने और महिलाओं के आर्थिक रूप से स्वतंत्र होने से आने वाले समय में घाटी की तस्वीर पूरी तरह से बदल जाएगी, जिससे शांति और समृद्धि को और अधिक मजबूती मिलेगी।

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