रेवदर |
रेवदर। श्री गोधाम महातीर्थ पथमेड़ा के सांचौर एवं चितलवाना क्षेत्र में निवासरत आजीवन सदस्यों का सम्मेलन परम श्रद्धेय गोऋषि स्वामी श्री दत्तशरणानंदजी महाराजश्री के पावन सान्निध्य में श्री सुरभि हरिहर चातुर्मास आराधना महोत्सव के दौरान आयोजित हुआ। सम्मेलन में सैकड़ों गोभक्तों ने भाग लिया। इस अवसर पर श्री गोधाम महातीर्थ पथमेड़ा की सांचौर एवं चितलवाना शाखाओं का विधिवत गठन किया गया।
‘गोमाता की सेवा से स्वस्थ शरीर और ऊर्जावान मन’
सम्मेलन को संबोधित करते हुए गोऋषिजी ने गोभक्तों से नियमित रूप से गोग्रास निकालने तथा अपने घरों एवं परिचितों की रसोई को ‘गोवर्ती’ बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि रसोई में गोदुग्ध और गोघृत के साथ अन्न, फल, सब्जियां, मसाले एवं दालों के उत्पादन में गोबर और गोमूत्र आधारित प्राकृतिक पद्धतियों को बढ़ावा दिया जाना चाहिए। इससे स्वस्थ शरीर, ऊर्जावान मन और प्राणवान मेधा शक्ति के निर्माण में सहायता मिलेगी।
गोऋषिजी ने चातुर्मास महोत्सव में आने वाले सभी गोभक्तों से हरियाली अमावस्या के अवसर पर अधिक से अधिक वृक्षारोपण करने का भी आह्वान किया।
अन्नपूर्णा मनोरथ और गोपूजन
इस अवसर पर आज के अन्नपूर्णा मनोरथी श्री धनराजजी रुगारामजी चौधरी, जोधपुर सैकड़ों गोभक्तों के साथ पथमेड़ा पहुंचे और गोपूजन कर अन्नपूर्णा मनोरथ का लाभ लिया।
हरियाली अमावस्या के अवसर पर उत्सव मनोरथी राजपुरोहित युवा संघ के सैकड़ों गोभक्त भी पथमेड़ा पहुंचे। उन्होंने अन्नपूर्णा मनोरथ का लाभ लिया और गोऋषिजी के सान्निध्य में परिसर में सैकड़ों पौधे रोपकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
प्रवासी राजपुरोहित समाज ने समर्पित की गोग्रास सेवा
इस अवसर पर प्रवासी राजपुरोहित समाज सांचौर-चितलवाना, हैदराबाद की ओर से भी अन्नपूर्णा मनोरथ लिया गया। समाज के सदस्यों ने उपस्थित गोभक्तों के साथ गोग्रास सेवा भी समर्पित की।
बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और गोभक्त रहे मौजूद
कार्यक्रम में पूर्व मंत्री सुखराम बिश्नोई, राव मोहनसिंह चितलवाना, केवलाराम पालड़ी, केसाराम सुथार, मेघराज मोदी, अमृतलाल धुड़वा, गणपत पालड़ी, हरीश कुमार सीलू, नरपतसिंह बगसड़ी, देवाराम जागरवाल, रघुनाथसिंह राजपुरोहित, धनराज चौधरी, सीईओ आलोक सिंहल, रमेशकुमार भडवल, डॉ. उदाराम वैष्णव, आशाराम देवड़ा, हिंदूसिंह दूठवा सहित हजारों गोभक्त उपस्थित रहे। कार्यक्रम में गोसेवा, पर्यावरण संरक्षण और समाज की सहभागिता का संदेश प्रमुखता से सामने आया।
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