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श्रीमहंत नारायण गिरि का भव्य स्वागत: जूना अखाड़ा की 13 मढ़ी के अध्यक्ष बने श्रीमहंत नारायण गिरि, गाजियाबाद के दूधेश्वर नाथ मंदिर में हुआ भव्य स्वागत

प्रदीप बीदावत · 21 अप्रैल 2026, 07:56 शाम
सिद्धपीठ श्री दूधेश्वर नाथ मठ महादेव मंदिर के पीठाधीश्वर श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज को जूना अखाड़ा की 13 मढ़ी का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। गाजियाबाद आगमन पर उनका भव्य स्वागत हुआ।

गाजियाबाद | सिद्धपीठ श्री दूधेश्वर नाथ मठ महादेव मंदिर के पीठाधीश्वर और जूना अखाड़ा के अंतरराष्ट्रीय प्रवक्ता श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज का गाजियाबाद में ऐतिहासिक स्वागत हुआ।

उन्हें हाल ही में जूना अखाड़ा की 13 मढ़ी का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। इस गौरवशाली उपलब्धि के बाद मंदिर परिसर में भारी उत्साह का माहौल देखा गया।

मंगलवार को मंदिर के पुजारियों, साधु-संतों और वेद विद्या संस्थान के आचार्यों ने उनका भव्य अभिनंदन किया। शहर के गणमान्य नागरिकों ने भी महाराजश्री का आशीर्वाद लिया।

धार्मिक अनुष्ठान और पूजा-अर्चना

महाराजश्री ने मंदिर पहुंचते ही सबसे पहले भगवान दूधेश्वर महादेव की विशेष पूजा-अर्चना की। उन्होंने महादेव का विधिवत जलाभिषेक कर लोक कल्याण की प्रार्थना की।

इसके पश्चात, उन्होंने मंदिर परिसर में स्थित 28 गुरु-मूर्तियों की समाधियों पर पुष्पांजलि अर्पित की। उन्होंने गुरुओं के आशीर्वाद को अपनी इस नई जिम्मेदारी का आधार बताया।

नियुक्ति का भव्य समारोह

श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज ने बताया कि यह नियुक्ति महाराष्ट्र के नांदेड जिले में हुई। वहां मोरगढ़ स्थित श्री दत्त शिखर संस्थान में एक भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया था।

यह समारोह जूना अखाड़ा के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि महाराज की गरिमामयी अध्यक्षता में संपन्न हुआ। इसमें देश-विदेश के प्रमुख संत शामिल हुए थे।

जूना अखाड़ा के अंतरराष्ट्रीय संरक्षक और अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के महामंत्री श्रीमहंत हरि गिरि महाराज ने उन्हें यह महत्वपूर्ण पद सौंपा।

उपस्थित गणमान्य और स्वागतकर्ता

स्वागत समारोह में श्री दूधेश्वर नाथ मंदिर श्रृंगार सेवा समिति के अध्यक्ष विजय मित्तल और मंदिर प्रबंधक अमित शर्मा मुख्य रूप से उपस्थित रहे।

दूधेश्वर वेद विद्यालय के सचिव लक्ष्मीकांत पाढ़ी, प्राचार्य तोयराज उपाध्याय और आचार्य रोहित त्रिपाठी ने भी महाराजश्री का माल्यार्पण कर स्वागत किया।

इस अवसर पर आचार्य अजय दाधीच, आचार्य किशन शर्मा, जयशंकर तिवारी और मुकेश शर्मा सहित सैकड़ों भक्तों ने महाराजश्री के प्रति अपनी अटूट श्रद्धा व्यक्त की।

'प्रधान सेवक' के रूप में सेवा का संकल्प

अपने संबोधन में श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज ने कहा कि यह पद उनके लिए केवल एक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि धर्म और राष्ट्र की सेवा का अवसर है।

उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उदाहरण देते हुए कहा कि जैसे वे स्वयं को 'प्रधान सेवक' मानते हैं, वैसे ही मैं भी एक सेवक के रूप में कार्य करूंगा।

उन्होंने स्पष्ट किया कि वे अध्यक्ष के रूप में नहीं, बल्कि संतों के आदेशों के पालनकर्ता के रूप में अपनी भूमिका निभाएंगे।

विश्व पटल पर दूधेश्वर नाथ मंदिर

भक्तों ने कहा कि महाराजश्री के मार्गदर्शन में सिद्धपीठ दूधेश्वर नाथ मंदिर आज विश्व स्तर पर अपनी पहचान बना चुका है। उनकी तपस्या से मंदिर का गौरव बढ़ा है।

इस नियुक्ति से न केवल गाजियाबाद, बल्कि पूरे प्रदेश के संत समाज में हर्ष की लहर है। भक्तों ने इसे सनातन धर्म की मजबूती के लिए एक बड़ा कदम बताया।

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