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शुभम की भूख हड़ताल, 14वां दिन: शुभम रेवाड़ की भूख हड़ताल 14वें दिन, हालत गंभीर

Pradeep Beedawat · 05 अगस्त 2026, 09:42 सुबह
छात्र नेता शुभम रेवाड़ की अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल 14वें दिन में प्रवेश कर गई है। उन्होंने पानी और मेडिकल इलाज भी छोड़ दिया है, जिससे उनकी हालत बेहद नाजुक हो गई है।

जयपुर | राजस्थान विश्वविद्यालय में छात्र अपनी मांगों को लेकर लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। छात्र नेता शुभम रेवाड़ की अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल आज 14वें दिन में प्रवेश कर चुकी है, जिससे आंदोलन एक अत्यंत नाजुक मोड़ पर पहुँच गया है।

शुभम रेवाड़ की मांगें और अनशन

यह अनशन मुख्य रूप से दो प्रमुख मांगों को लेकर किया जा रहा है। पहली मांग राजस्थान विश्वविद्यालय में 'राजस्थानी भाषा विभाग' की स्थापना करना है।

दूसरी प्रमुख मांग छात्र संघ चुनावों को फिर से बहाल करना है। इन्हीं मांगों को लेकर शुभम रेवाड़ अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठे हैं।

14 दिनों से जारी संघर्ष

शुभम रेवाड़ पिछले 14 दिनों से लगातार भूख हड़ताल पर हैं। वर्तमान में वह जयपुर के एसएमएस अस्पताल में भर्ती हैं, जहाँ उनका संघर्ष जारी है।

अत्यंत नाजुक मोड़ पर पहुंचा आंदोलन

पिछले 24 घंटों में आंदोलन और भी गंभीर हो गया है, क्योंकि शुभम ने अन्न के साथ-साथ जल का भी पूर्ण रूप से त्याग कर दिया है।

इसके अलावा, उन्होंने किसी भी प्रकार का मेडिकल ट्रीटमेंट यानी इलाज लेने से भी साफ इनकार कर दिया है, जिससे उनकी स्वास्थ्य स्थिति और भी चिंताजनक हो गई है।

डॉक्टरों ने जताई चिंता

लगातार 14 दिनों के अनशन, ड्रिप-ड्रग्स के बहिष्कार और अब जल त्याग के कारण शुभम रेवाड़ का स्वास्थ्य बेहद गंभीर स्थिति में है।

डॉक्टरों की एक टीम लगातार उनके वाइटल्स और कीटोन्स के स्तर पर नजर बनाए हुए है।

चिकित्सकों के अनुसार, बिना इलाज और पानी के यह स्थिति कुछ ही घंटों में प्राणघातक साबित हो सकती है। इन चेतावनियों के बावजूद, शुभम रेवाड़ का संकल्प अडिग बना हुआ है।

प्रदेशभर में उबाल, छात्रों में भारी आक्रोश

शुभम रेवाड़ के इस कठोर फैसले के बाद पूरे राजस्थान के युवाओं और छात्र समुदाय में भारी आक्रोश देखा जा रहा है।

इस स्थिति को देखते हुए जयपुर स्थित एसएमएस अस्पताल के बाहर और विश्वविद्यालय परिसर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।

विभिन्न जिलों से मिल रहा समर्थन

प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों से छात्र संगठनों का समर्थन लगातार बढ़ रहा है। सूरतगढ़, बीकानेर, जोधपुर और सीकर जैसे शहरों से छात्र संगठन इस आंदोलन के समर्थन में आगे आए हैं।

सरकार को चेतावनी

छात्र प्रतिनिधियों ने सरकार को चेतावनी जारी की है। उन्होंने कहा है कि सरकार की यह संवेदनहीनता और हठधर्मिता किसी भी समय एक बड़े जन-आक्रोश का रूप ले सकती है।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि शुभम रेवाड़ के जीवन को कोई भी नुकसान पहुँचता है, तो इसकी समस्त नैतिक और कानूनी जिम्मेदारी राज्य सरकार व प्रशासन की होगी।

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