जयपुर |
राजस्थान विश्वविद्यालय में अपनी मांगों को लेकर भूख हड़ताल पर बैठे छात्र नेता शुभम रेवाड़ का सत्याग्रह नौवें दिन भी जारी है। उनकी तबीयत लगातार बिगड़ती जा रही है, जिसके बाद उन्हें सवाई मानसिंह (SMS) अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया गया है।
आईसीयू से भी संघर्ष जारी
पुलिस द्वारा विश्वविद्यालय परिसर से जबरन उठाए जाने के बाद शुभम को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। लगातार 9 दिनों तक अन्न त्यागने के कारण उनके शरीर में शुगर और ब्लड प्रेशर का स्तर खतरनाक रूप से गिर गया है।
चिकित्सकों की एक टीम ने उनकी गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें तत्काल आईसीयू (MICU 7, बेड नंबर 4) में शिफ्ट करने का निर्णय लिया।
संकल्प पर अडिग शुभम रेवाड़
गंभीर स्वास्थ्य चुनौतियों और आईसीयू की निगरानी के बावजूद, छात्र नेता शुभम रेवाड़ अपने संकल्प से पीछे हटने को तैयार नहीं हैं। उन्होंने अस्पताल के आईसीयू बेड से ही अपना संघर्ष जारी रखने का ऐलान किया है।
"प्रशासन और सरकार चाहे मुझे अनशन स्थल से उठाकर आईसीयू के बेड पर लिटा दे, ड्रिप चढ़ा दे या पुलिस का पहरा बिठा दे, लेकिन मेरी रूह और राजस्थान के युवाओं का स्वाभिमान झुकने वाला नहीं है। शरीर में सांस चलने तक मेरा यह अन्न-त्याग और सत्याग्रह अनवरत जारी रहेगा। जब तक सरकार 'राजस्थानी भाषा विभाग' और 'छात्रसंघ चुनाव' का लिखित आदेश जारी नहीं करती, अस्पताल का बेड ही मेरा मोर्चा रहेगा।"
क्या हैं प्रमुख मांगें?
छात्र नेता और उनके समर्थक दो प्रमुख मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं, जिन पर वे कोई समझौता नहीं करना चाहते।
- राजस्थानी भाषा विभाग की स्थापना: राजस्थान विश्वविद्यालय में तुरंत एक अलग 'राजस्थानी भाषा विभाग' का गठन किया जाए और उसमें प्रवेश प्रक्रिया शुरू की जाए।
- छात्रसंघ चुनाव की बहाली: प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में छात्रसंघ चुनाव की लोकतांत्रिक प्रक्रिया को तत्काल बहाल किया जाए।
शुभम रेवाड़ ने स्पष्ट किया है कि जब तक सरकार इन दोनों मांगों पर लिखित आदेश जारी नहीं करती, उनका अनशन और सत्याग्रह जारी रहेगा, चाहे वह अस्पताल का आईसीयू बेड ही क्यों न हो।