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विवाद के बाद सीकर कलक्टर का प्रमोशन: सीकर कलक्टर मुकुल शर्मा का तबादला: मंत्री से विवाद और शिकायत के बावजूद मिली CMO में बड़ी जिम्मेदारी

thinQ360 · 02 अप्रैल 2026, 07:27 शाम
सीकर जिला कलक्टर मुकुल शर्मा का तबादला मुख्यमंत्री कार्यालय में कर दिया गया है। मंत्री के साथ हुए विवाद और शिकायतों के बीच उन्हें मिली इस नई जिम्मेदारी ने सियासी गलियारों में हलचल मचा दी है।

सीकर | राजस्थान सरकार ने प्रशासनिक अमले में बड़ा फेरबदल करते हुए आईएएस अधिकारियों की एक नई तबादला सूची जारी की है। इस सूची में सीकर जिला प्रशासन में हुआ बदलाव सबसे ज्यादा सुर्खियों में बना हुआ है।

सीकर के जिला कलक्टर मुकुल शर्मा को अब मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) में विशिष्ट सचिव के रूप में एक महत्वपूर्ण पदभार दिया गया है। उनकी जगह अब आशीष मोदी सीकर के नए जिला कलक्टर की कमान संभालेंगे।

हालांकि, आशीष मोदी फिलहाल पश्चिम बंगाल में चुनाव पर्यवेक्षक के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। निर्वाचन आयोग की हरी झंडी मिलने के बाद ही वे सीकर में अपना पदभार ग्रहण कर पाएंगे।

मंत्री संजय शर्मा के साथ गहराया था विवाद


मुकुल शर्मा का तबादला केवल एक रूटीन प्रक्रिया नहीं माना जा रहा है। पिछले कुछ दिनों से वन मंत्री संजय शर्मा और कलक्टर मुकुल शर्मा के बीच तनातनी की खबरें आम थीं।

बताया जाता है कि दोनों के बीच समन्वय की भारी कमी थी। इस विवाद का असर जिले के विकास कार्यों पर भी पड़ रहा था। प्रभारी मंत्री ने लंबे समय से सीकर का दौरा नहीं किया था।

सरकार ने सभी मंत्रियों को फील्ड में सक्रिय रहने के निर्देश दिए थे, फिर भी मंत्री नहीं आए। चर्चा है कि मंत्री ने मुख्यमंत्री से कलक्टर की लिखित शिकायत भी की थी।

विवाद के बावजूद मिला 'पावरफुल' पद


सियासी गलियारों में इस बात की सबसे ज्यादा चर्चा है कि शिकायत के बावजूद मुकुल शर्मा को लूप लाइन में भेजने के बजाय सीधे सीएमओ में जगह दी गई है।

इसे प्रशासनिक हलकों में मुकुल शर्मा की बड़ी जीत और उनके रसूख के तौर पर देखा जा रहा है। विशिष्ट सचिव (CMO) का पद बेहद प्रभावशाली माना जाता है।

यहाँ से पूरे प्रदेश की नीति निर्धारण और मॉनिटरिंग होती है। ऐसे में मंत्री की नाराजगी मुकुल शर्मा के करियर ग्राफ पर भारी पड़ती नहीं दिखी और उन्हें बड़ी जिम्मेदारी मिली।

आगामी चुनौतियां और प्रशासनिक स्थिरता


सीकर जैसे महत्वपूर्ण जिले में नए कलक्टर आशीष मोदी के सामने प्रशासनिक स्थिरता बहाल करने की बड़ी चुनौती होगी। जिले में लंबित प्रोजेक्ट्स को पूरा करना उनकी प्राथमिकता रहेगी।

स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ तालमेल बिठाना भी उनके लिए एक टास्क होगा। फिलहाल, मुकुल शर्मा की नई पारी को लेकर सीकर से लेकर जयपुर तक चर्चाओं का बाजार गर्म है।

यह देखना दिलचस्प होगा कि सीएमओ में उनकी नई भूमिका राजस्थान की राजनीति को किस तरह प्रभावित करती है। जिले की जनता अब नए कलक्टर से विकास की उम्मीद लगाए बैठी है।

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