नई दिल्ली | रिटायरमेंट की प्लानिंग के लिए लोग सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) को एक बेहतरीन विकल्प मानते हैं। लेकिन अगर आप एक कदम आगे की सोचें, तो कम समय में बड़ा फंड तैयार कर सकते हैं।
₹10,000 की SIP से 2 करोड़ का फंड: SIP और एकमुश्त निवेश का जादू: 20 साल में बनेंगे 2 करोड़
10,000 की SIP और 5 लाख का एकमुश्त निवेश आपको बना सकता है करोड़पति, जानें पूरा गणित।
HIGHLIGHTS
- हर महीने 10,000 रुपये की SIP और 5 लाख रुपये के एकमुश्त निवेश से 20 साल में 2 करोड़ का फंड बन सकता है।
- सालाना 7 फीसदी का स्टेप-अप SIP करने से 20 साल बाद 12% रिटर्न पर 1.48 करोड़ रुपये मिलेंगे।
- 5 लाख रुपये का एकमुश्त निवेश 12% सालाना रिटर्न के हिसाब से 20 साल में 48 लाख रुपये हो जाएगा।
- एक्सपर्ट्स के अनुसार, बाजार की गिरावट के समय एकमुश्त निवेश करना सबसे ज्यादा फायदेमंद साबित होता है।
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निवेश का यह अनोखा तरीका अपनाएं
म्यूचुअल फंड में निवेश के दो प्रमुख तरीके हैं: SIP और एकमुश्त निवेश। अगर इन दोनों को मिला दिया जाए, तो कंपाउंडिंग की ताकत कई गुना बढ़ जाती है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह रणनीति लंबी अवधि में फायदेमंद है।
यदि कोई निवेशक हर महीने 10,000 रुपये की SIP शुरू करता है, तो उसे अपनी बढ़ती आय के साथ बढ़ाना चाहिए। इसे 'स्टेप-अप' कहा जाता है। 7 फीसदी का सालाना स्टेप-अप एक आदर्श शुरुआत मानी जाती है।
20 साल की अवधि में, 12 फीसदी औसत रिटर्न के हिसाब से, केवल इस SIP से 1.48 करोड़ रुपये का फंड तैयार होगा। यह रकम आपके भविष्य की जरूरतों के लिए एक मजबूत आधार प्रदान करती है।
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एकमुश्त निवेश का जादू
अब कल्पना कीजिए कि आपने शुरुआत में ही 5 लाख रुपये का एकमुश्त निवेश भी किया है। यह रकम इक्विटी म्यूचुअल फंड में 12 फीसदी सालाना रिटर्न के हिसाब से 20 साल में 48 लाख रुपये बन जाएगी।
जब हम इन दोनों निवेशों को जोड़ते हैं, तो कुल रकम 1.96 करोड़ रुपये तक पहुंच जाती है। यानी लगभग 2 करोड़ रुपये का रिटायरमेंट फंड। यह कॉम्बिनेशन छोटे और बड़े निवेशकों के लिए समान रूप से प्रभावी है।
कंपाउंडिंग की असली ताकत
कंपाउंडिंग का असली चमत्कार समय के साथ दिखता है। अगर आप इसी निवेश को सिर्फ एक साल और जारी रखते हैं, तो कुल रकम 2.24 करोड़ रुपये तक पहुंच सकती है। एक साल का अंतर लाखों का मुनाफा दे सकता है।
मास्टर कैपिटल सर्विसेज के डायरेक्टर जशन अरोरा कहते हैं कि लंपसम निवेश हमेशा बाजार में बड़ी गिरावट या ज्यादा उठापटक के दौरान लगाना बेहतर होता है, न कि तब जब बाजार ऊंचाई पर हो।
एक्सपर्ट की राय: पोर्टफोलियो रिव्यू है जरूरी
निवेश को केवल शुरू करना ही काफी नहीं है। जशन अरोरा सलाह देते हैं कि SIP को 20 साल तक बिना देखे ऑटोपायलट पर नहीं छोड़ना चाहिए। हर साल एक बार पोर्टफोलियो रिव्यू जरूर करना चाहिए।
अगर किसी फंड की परफॉर्मेंस लगातार खराब हो रही हो, तभी उसे बदलें। बाजार की अस्थिरता को देखकर घबराने के बजाय, अपने लक्ष्यों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। सही फंड का चुनाव ही आपकी सफलता की कुंजी है।
स्टेप-अप नहीं करने का नुकसान
अगर कोई निवेशक सिर्फ 10,000 रुपये की SIP करता है और स्टेप-अप नहीं करता, तो क्या होगा? 20 साल बाद 12 फीसदी रिटर्न पर उसे करीब 1 करोड़ रुपये मिलेंगे। यानी बिना स्टेप-अप के आप लाखों रुपये का नुकसान कर सकते हैं।
मीरा मनी के इन्वेस्टमेंट रिसर्च एनालिस्ट रोहन गोयल के मुताबिक, नौकरीपेशा लोगों के लिए हर साल 10 से 15 फीसदी का स्टेप-अप सबसे उचित रहता है। यह औसत सैलरी ग्रोथ के साथ मेल खाता है।
गिरते बाजार में न करें ये गलती
अक्सर निवेशक बाजार गिरने पर घबराकर अपनी SIP रोक देते हैं। रोहन गोयल के अनुसार, यह सबसे बड़ी गलती है। बाजार गिरने पर आपको सस्ते भाव पर यूनिट्स मिलती हैं, जो बाद में बड़ा मुनाफा देती हैं।
इनक्रेड मनी के सीईओ विजय कुप्पा का कहना है कि SIP और लंपसम दोनों का कॉम्बिनेशन जरूरी है। इससे रुपी कॉस्ट एवरेजिंग के साथ-साथ बाजार की गिरावट का फायदा भी उठाया जा सकता है।
निष्कर्ष
अनुशासित निवेश और सही रणनीति ही आपको वित्तीय स्वतंत्रता दिला सकती है। 10,000 रुपये की SIP और शुरुआती एकमुश्त निवेश का संगम आपके बुढ़ापे को आर्थिक रूप से सुरक्षित और खुशहाल बना सकता है।
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